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ओमान तट पर एमटी मैरिवेक्स टैंकर पर अमेरिकी हमला, 24 भारतीय सुरक्षित बचाए गए

ओमान तट पर एमटी मैरिवेक्स टैंकर पर अमेरिकी हमला, 24 भारतीय सुरक्षित बचाए गए
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संयुक्त राज्य अमेरिका ने ओमान के तट के पास 24 भारतीय चालक दल के सदस्यों को ले जा रहे एक टैंकर पर अपने हमले की पुष्टि की है। एमटी मैरिवेक्स नामक इस पोत पर पलाऊ का झंडा लगा हुआ था, जब अमेरिकी नौसेना ने उस पर कार्रवाई की और अधिकारियों के अनुसार, यह हमला उन जहाजों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का हिस्सा था जो अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहे हैं। इस हमले के कारण जहाज में आग लग गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि ओमान के अधिकारियों की सक्रिय सहायता से चालक दल के सभी 24 भारतीय सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

ओएफएसी द्वारा ब्लैकलिस्ट और प्रतिबंधों का आधार

एमटी मैरिवेक्स अमेरिकी वित्त मंत्रालय की वित्तीय खुफिया और प्रवर्तन एजेंसी, विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय यानी ओएफएसी की निगरानी में था। ओएफएसी ने इस पोत को अपनी ब्लैक लिस्ट में डाल रखा था और इस पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे। यह एजेंसी मुख्य रूप से उन जहाजों के खिलाफ कार्रवाई करती है जो ईरानी और रूसी तेल की बिक्री पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हैं। ओमान के तट के पास हुई यह सैन्य कार्रवाई इसी प्रवर्तन प्रक्रिया का हिस्सा थी, क्योंकि यह पोत लगातार प्रतिबंधित गतिविधियों में शामिल पाया गया था।

अमेरिकी नाकेबंदी से बचने की कोशिशें

मामले से जुड़े अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एमटी मैरिवेक्स भारतीय स्वामित्व वाला पोत नहीं है। पिछले कुछ दिनों के दौरान, इस टैंकर ने ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी को तोड़ने की 4 बार कोशिशें की थीं। अधिकारियों ने बताया कि 3 मौकों पर अमेरिकी नौसेना द्वारा चेतावनी दिए जाने के बाद पोत वापस लौट गया था, लेकिन उसने फिर से प्रयास किया। एक अधिकारी ने पुष्टि की कि चालक दल के सभी 24 सदस्य सुरक्षित हैं और वे सभी भारतीय नागरिक हैं। उन्हें ओमान के प्राधिकारियों की मदद से समय रहते बचा लिया गया।

पहचान छिपाने के लिए अपनाए गए तरीके

हमले की वजह बताते हुए अधिकारियों ने कहा कि पोत ने ओमान के समुद्री क्षेत्र का उपयोग करते हुए नाकेबंदी पार करने की एक और कोशिश की थी। अपनी पहचान छिपाने और ट्रैकिंग से बचने के लिए पोत ने अपने सिग्नल उपकरण बंद कर दिए थे। अधिकारियों के अनुसार, यह तरीका स्पष्ट करता है कि पोत के इरादे साफ नहीं थे और वह जानबूझकर नियमों का उल्लंघन कर रहा था। यह भी जानकारी दी गई है कि जब पोत को निष्क्रिय किया गया, तब वह पूरी तरह से खाली था। ओमान में स्थित भारतीय दूतावास ने चालक दल के भारतीय सदस्यों की जान बचाने के लिए स्थानीय ओमान प्राधिकारियों का आभार व्यक्त किया है।

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