खाड़ी में अमेरिकी नौसेना की सख्ती: अरब सागर में सी हॉक हेलिकॉप्टर से ईरान पर पैनी नजर

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खाड़ी में अमेरिकी नौसेना की सख्ती: अरब सागर में सी हॉक हेलिकॉप्टर से ईरान पर पैनी नजर
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खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना ने अपनी सक्रियता को चरम पर पहुंचा दिया है, जहां अरब सागर में सी हॉक हेलिकॉप्टरों के माध्यम से ईरान की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है और पिछले महीने इस्लामाबाद शांति वार्ता के विफल होने के बाद से अमेरिका ने ईरान के विरुद्ध एक अत्यंत कठोर नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी है। इस रणनीतिक घेराबंदी के तहत ईरान के महत्वपूर्ण बंदरगाहों के चारों ओर अमेरिका के 20 से अधिक शक्तिशाली और खतरनाक युद्धपोत तैनात किए गए हैं। इन युद्धपोतों का मुख्य उद्देश्य ईरान के बंदरगाहों पर आने-जाने वाले जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित करना और उन पर निरंतर निगरानी बनाए रखना है।

सैन्य अभ्यास और रैपल ट्रेनिंग का आयोजन

ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अरब सागर में अपनी सैन्य तैयारियों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस त्रिपोली (LHA-7) पर तैनात आधुनिक एमएच 60 सी हॉक हेलिकॉप्टरों ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण ‘रैपल ट्रेनिंग’ अभ्यास संपन्न किया। इस विशेष सैन्य अभ्यास के दौरान सैनिकों को हेलिकॉप्टर से रस्सियों के सहारे अत्यंत तीव्र गति से समुद्र की लहरों या चलते जहाजों पर उतरने का प्रशिक्षण दिया गया। यह तकनीक समुद्री नाकेबंदी के दौरान जहाजों को रोकने और उन पर नियंत्रण पाने के लिए अत्यंत प्रभावी मानी जाती है।

नाकेबंदी का असर: 111 जहाजों ने बदला अपना रास्ता

पिछले महीने अप्रैल में इस्लामाबाद शांति वार्ता के नाकाम होने के बाद से ही अमेरिका ने ईरान के खिलाफ जो सख्त नौसैनिक नाकेबंदी शुरू की थी, उसके व्यापक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। सेंट्रल कमांड के अनुसार, इस नाकेबंदी के कारण अब तक 111 व्यापारिक जहाजों को अपना निर्धारित रास्ता बदलने के लिए विवश किया गया है। इन जहाजों को इसलिए रोका गया ताकि वे ईरान के साथ किसी भी प्रकार का व्यापार न कर सकें। हालांकि, अमेरिका ने यह स्पष्ट किया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले गैर-ईरानी जहाजों को नहीं रोका जा रहा है और उनकी आवाजाही सामान्य रूप से जारी है। क्षेत्र में वर्तमान में एक नाजुक संघर्ष विराम लागू है, लेकिन तनाव की स्थिति कम नहीं हुई है और अमेरिकी बल लगातार समुद्री गश्त के जरिए नाकेबंदी को सख्ती से लागू कर रहे हैं।

क्यों घातक है एमएच 60 सी हॉक हेलिकॉप्टर?

इस पूरे ऑपरेशन में अमेरिकी नौसेना का एमएच 60 सी हॉक हेलिकॉप्टर सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसे विश्व के सबसे आधुनिक और खतरनाक मल्टी-रोल नौसैनिक हेलिकॉप्टरों में गिना जाता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसकी पनडुब्बी रोधी क्षमता है और इसमें अत्यंत उन्नत सोनार सिस्टम और सेंसर लगे होते हैं, जो समुद्र की गहराइयों में छिपी दुश्मन की पनडुब्बियों का आसानी से पता लगा लेते हैं। इसी कारण इसे पनडुब्बियों का काल भी कहा जाता है।

मिसाइलों और भारी मशीन गनों से लैस मारक क्षमता

एमएच 60 सी हॉक हेलिकॉप्टर केवल निगरानी के लिए ही नहीं, बल्कि हमले के लिए भी पूरी तरह तैयार रहता है। इसका एमएच 60आर वेरिएंट एंटी-शिप मिसाइलों, टॉरपीडो और भारी मशीन गनों से लैस किया जा सकता है। यह दुश्मन के बड़े युद्धपोतों से लेकर छोटी लड़ाकू नौकाओं को कुछ ही क्षणों में नष्ट करने की क्षमता रखता है। इसके अलावा, यह दुनिया की सबसे खतरनाक स्पेशल फोर्स, जैसे कि अमेरिकी नेवी सील्स की पहली पसंद है। अरब सागर में चल रही रैपल और फास्ट-रोपिंग ट्रेनिंग के लिए इस हेलिकॉप्टर को सबसे उपयुक्त माना जाता है।

270 किमी प्रति घंटे की रफ्तार और तकनीकी विशेषताएं

यह हेलिकॉप्टर हर मौसम में सटीक वार करने में सक्षम है और इसे विशेष रूप से अमेरिकी युद्धपोतों और एयरक्राफ्ट करियर से संचालित करने के लिए डिजाइन किया गया है। चाहे घना कोहरा हो, भारी वर्षा हो या रात का गहरा अंधेरा, यह हर परिस्थिति में अपने मिशन को पूरा कर सकता है। इसमें लंबी दूरी की निगरानी के लिए खास एफएलआईआर (थर्मल) कैमरे और रडार लगे होते हैं। हमले के अलावा, यह रेस्क्यू और राहत अभियानों में भी अग्रणी रहता है। तकनीकी रूप से, यह हेलिकॉप्टर अधिकतम 270 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ान भर सकता है और एक बार में लगभग 830 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है। इसमें ट्विन टर्बोशाफ्ट इंजन लगा होता है, जो इसे पनडुब्बी का शिकार करने, निगरानी करने और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने में अद्वितीय शक्ति प्रदान करता है।

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