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अमेरिका में 6 वैज्ञानिकों की मौत और 5 लापता: ट्रंप सरकार करेगी जांच, एलियंस कनेक्शन की आशंका

अमेरिका में 6 वैज्ञानिकों की मौत और 5 लापता: ट्रंप सरकार करेगी जांच, एलियंस कनेक्शन की आशंका
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अमेरिका में उन्नत अनुसंधान और यूएफओ (UFO) से जुड़े विशेषज्ञों की रहस्यमयी मौतों और उनके लापता होने की बढ़ती घटनाओं ने हड़कंप मचा दिया है और अब तक छह वैज्ञानिकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है और पांच अन्य वैज्ञानिक लापता हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को आधिकारिक घोषणा की कि उनका प्रशासन इन घटनाओं की गहन जांच कराएगा और अगले कुछ दिनों में इस पर जवाब देगा। ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह महज एक संयोग है, लेकिन अगले डेढ़ सप्ताह के भीतर सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने इसे एक अत्यंत गंभीर मामला बताया है।

व्हाइट हाउस और एफबीआई की संयुक्त जांच

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि इस जांच में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने बताया कि व्हाइट हाउस वर्तमान में सभी संबंधित सरकारी एजेंसियों और एफबीआई (FBI) के साथ मिलकर इन मामलों की समग्र समीक्षा कर रहा है और इस समीक्षा का मुख्य उद्देश्य सभी घटनाओं के बीच किसी भी संभावित समानता या पैटर्न की पहचान करना है। लीविट ने आश्वासन दिया कि जैसे ही कोई नई जानकारी प्राप्त होगी, उसे सार्वजनिक रूप से साझा किया जाएगा। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर इन मामलों के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन घटनाओं के समय और वैज्ञानिकों के कार्यक्षेत्र ने जनता के बीच अटकलों को तेज कर दिया है।

वैज्ञानिकों की मौत और लापता होने के प्रमुख मामले

जांच के केंद्र में कई महत्वपूर्ण मामले हैं, जिनमें यूएफओ रिसर्च साइंटिस्ट एस्क्रिडेज की मौत शामिल है। शोक संदेश के आंकड़ों के अनुसार, 34 वर्षीय एस्क्रिडेज की मृत्यु 11 जून, 2022 को हंट्सविले, अलबामा में हुई थी। आधिकारिक तौर पर उनकी मृत्यु का कारण स्वयं को गोली मारना बताया गया है, लेकिन इस संबंध में बहुत सीमित जानकारी सार्वजनिक की गई है। इसके अलावा, वायु सेना के मेजर जनरल विलियम “नील” मैक्कलैंड का मामला भी अत्यंत रहस्यमयी है। वे फरवरी में अल्बुकर्क, न्यू मैक्सिको स्थित अपने घर से अचानक गायब हो गए थे। बताया गया है कि वे अपने पीछे अपने सभी महत्वपूर्ण उपकरण छोड़ गए थे, जो किसी सामान्य प्रस्थान का संकेत नहीं देते हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेशी ताकतों की संलिप्तता की आशंका

मिसौरी से रिपब्लिकन सांसद एरिक बर्लिसन ने इस मामले में गंभीर चिंता व्यक्त की है और बर्लिसन का कार्यालय पिछले एक साल से इन लापता होने की घटनाओं पर नजर रख रहा है। सांसद का तर्क है कि इन वैज्ञानिकों की पहुंच गोपनीय एयरोस्पेस, रक्षा और यूएफओ संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियों तक थी। उन्होंने आशंका जताई है कि इसमें चीन, रूस या ईरान जैसे देशों के कुछ कुख्यात तत्वों की संलिप्तता हो सकती है। इसके साथ ही, अज्ञात असामान्य घटनाओं (UAP) या एलियंस से जुड़ी संभावनाओं पर भी संदेह जताया जा रहा है। बर्लिसन ने यह भी दावा किया कि इन वैज्ञानिकों को गायब होने या मरने से पहले संभवतः किसी प्रकार की धमकियां दी गई थीं।

महत्वपूर्ण तथ्य और आंकड़े

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