Usman Khawaja News: उस्मान ख्वाजा का इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास, ऑस्ट्रेलियाई मीडिया पर लगाए गंभीर नस्लभेदी आरोप
Usman Khawaja News - उस्मान ख्वाजा का इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास, ऑस्ट्रेलियाई मीडिया पर लगाए गंभीर नस्लभेदी आरोप
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के दिग्गज ओपनिंग बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा. कर दी है, जिससे उनके करियर को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है. यह घोषणा इंग्लैंड के खिलाफ सिडनी में होने वाले पांचवें और अंतिम एशेज. टेस्ट मैच से ठीक पहले की गई है, जो 4 जनवरी से शुरू होगा. ख्वाजा ने 2 जनवरी को सिडनी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने संन्यास का ऐलान किया, जो उनके करियर का समापन उसी मैदान पर करेगा जहां से उन्होंने 2011 में इंग्लैंड के खिलाफ एशेज टेस्ट से शुरुआत की थी और यह एक भावनात्मक क्षण है, क्योंकि सिडनी उनका गृह नगर है और उन्होंने यहीं से अपना फर्स्ट क्लास करियर भी शुरू किया था.
अपने संन्यास की घोषणा के साथ ही उस्मान ख्वाजा ने ऑस्ट्रेलियाई मीडिया और पूर्व क्रिकेटरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि उनके पूरे करियर के दौरान और हालिया एशेज सीरीज में भी उन्हें नस्लभेद का सामना करना पड़ा. ख्वाजा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी भड़ास निकालते हुए कहा कि उन्हें एक अश्वेत क्रिकेटर होने के कारण अलग तरह से महसूस कराया गया और उनके साथ बर्ताव में भेदभाव था. उन्होंने विशेष रूप से पर्थ टेस्ट के दौरान हुई एक घटना का जिक्र किया, जहां पीठ में जकड़न के कारण वे बल्लेबाजी नहीं कर पाए थे, और इसके बाद मीडिया व पूर्व क्रिकेटरों द्वारा उन पर किए गए हमलों को नस्लभेद से प्रेरित बताया.
पर्थ टेस्ट की घटना और मीडिया का रवैया
ख्वाजा ने पर्थ में खेले गए पहले टेस्ट मैच के दौरान. फील्डिंग करते समय अपनी पीठ में हुई जकड़न का विस्तृत उल्लेख किया. इस चोट के कारण वे मैच की दोनों पारियों में बल्लेबाजी नहीं कर पाए थे. इस घटना से पहले, ख्वाजा गोल्फ खेल रहे थे, जिसके बाद उन पर सवाल उठाए जाने लगे. उन्होंने बताया कि उन्हें आलसी, खुदगर्ज कहा गया और उनकी तैयारियों पर भी सवाल खड़े किए गए. ख्वाजा ने इस बात पर जोर दिया कि कई अन्य खिलाड़ी भी गोल्फ खेलते हुए चोटिल हुए हैं, लेकिन उन्हें कभी इस तरह से निशाना नहीं बनाया गया. उनके अनुसार, यह दोहरा मापदंड उनके साथ करियर की शुरुआत से ही होता रहा है और इसमें नस्लवाद की स्पष्ट झलक दिखती है. उन्होंने कहा कि वे दो दिन तक ऐसी आलोचना बर्दाश्त कर सकते थे, लेकिन लगातार पांच. दिनों तक उन्हें यह सब झेलना पड़ा, और यह उनके प्रदर्शन से जुड़ा भी नहीं था.उस्मान ख्वाजा का इंटरनेशनल करियर
39 वर्षीय पाकिस्तानी मूल के इस बाएं हाथ के बल्लेबाज का इंटरनेशनल करियर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है, लेकिन उन्होंने अपनी प्रतिभा और दृढ़ता से खुद को साबित किया है. सिडनी टेस्ट से पहले, ख्वाजा ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 87 टेस्ट मैच की 157 पारियों में 43 की औसत से कुल 6206 रन बनाए हैं और इस दौरान उनके बल्ले से 16 शानदार शतक और 28 अर्धशतक निकले हैं, जो टेस्ट क्रिकेट में उनकी निरंतरता और बड़े स्कोर बनाने की क्षमता को दर्शाते हैं. टेस्ट क्रिकेट में उनकी बल्लेबाजी शैली और धैर्य ने उन्हें एक विश्वसनीय ओपनर के रूप में स्थापित किया.वनडे और टी20 में योगदान
टेस्ट क्रिकेट के अलावा, उस्मान ख्वाजा ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में भी ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व किया है. उन्होंने 40 वनडे मैचों में 1554 रन बनाए, जिसमें 2 शतक और 12 अर्धशतक शामिल हैं. वनडे में भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण पारियां खेलीं और टीम को मजबूत शुरुआत दी और वहीं, 9 टी20 इंटरनेशनल मैचों में उन्होंने 241 रन बनाए. हालांकि उनका टी20 करियर टेस्ट और वनडे जितना लंबा नहीं रहा, लेकिन उन्होंने इस प्रारूप में भी अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया. उनके करियर में कई बार टीम से अंदर-बाहर होने का दौर भी आया,. लेकिन उन्होंने हर बार वापसी की और अपने प्रदर्शन से आलोचकों को जवाब दिया.मौजूदा एशेज सीरीज में प्रदर्शन
मौजूदा एशेज सीरीज, जो उनके करियर की अंतिम सीरीज साबित हुई, में ख्वाजा का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है और उन्होंने 5 पारियों में 30. 60 की औसत से कुल 153 रन बनाए हैं, जिसमें एक अर्धशतक भी शामिल है और हालांकि यह उनके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में से एक नहीं रहा, लेकिन उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण योगदान दिए. सीरीज के दौरान उनके प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव ने ही उनके संन्यास की अटकलों को और हवा दी थी, जिस पर अब आधिकारिक मुहर लग गई है. सिडनी में होने वाला अंतिम टेस्ट मैच उनके लिए अपने घरेलू मैदान पर अपने शानदार करियर का समापन करने का अवसर होगा, हालांकि नस्लभेद के आरोपों ने इस विदाई को एक कड़वा मोड़ दे दिया है.