वैभव सूर्यवंशी आज इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल के सबसे चर्चित सितारों में से एक बन चुके हैं। राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वैभव सूर्यवंशी दिल्ली कैपिटल्स की टीम का हिस्सा हो सकते थे? उनकी नीलामी की कहानी किसी रोमांचक मैच से कम नहीं है। जब आईपीएल 2025 के लिए खिलाड़ियों की नीलामी हो रही थी, तब दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच उन्हें अपने पाले में करने के लिए जबरदस्त होड़ मची थी। अंत में बाजी राजस्थान रॉयल्स के हाथ लगी और इसके पीछे की वजह काफी दिलचस्प थी।
नीलामी का रोमांच: दिल्ली और राजस्थान के बीच जंग
आईपीएल 2025 की नीलामी में जब वैभव सूर्यवंशी का नाम पुकारा गया, तो वे एक अनकैप्ड खिलाड़ी के रूप में शामिल थे। उनकी प्रतिभा को देखते हुए उनका बेस प्राइज 30 लाख रुपये रखा गया था। जैसे ही नीलामी शुरू हुई, दिल्ली कैपिटल्स ने उन पर पहली बोली लगाकर अपने इरादे साफ कर दिए। इसके तुरंत बाद राजस्थान रॉयल्स भी इस दौड़ में शामिल हो गई। हैरानी की बात यह रही कि इन दोनों टीमों के अलावा किसी तीसरी टीम ने वैभव में दिलचस्पी नहीं दिखाई। दिल्ली और राजस्थान के बीच बोली का सिलसिला चलता रहा और देखते ही देखते आंकड़ा 1 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह 1 करोड़ रुपये की बोली दिल्ली कैपिटल्स ने लगाई थी।
बजट की मजबूरी और राजस्थान की जीत
इसके बाद राजस्थान रॉयल्स ने बिना देर किए 1 करोड़ 10 लाख रुपये की बोली लगा दी। यहीं पर दिल्ली कैपिटल्स ने अपने कदम पीछे खींच लिए। दिल्ली का पीछे हटना उनकी पसंद नहीं बल्कि मजबूरी थी। दरअसल, उस समय दिल्ली कैपिटल्स के पास पर्स में केवल 2 करोड़ 25 लाख रुपये ही बचे थे और वे 18 खिलाड़ी खरीद चुके थे। दूसरी ओर, राजस्थान रॉयल्स के पास 3 करोड़ 50 लाख रुपये का बजट बाकी था और उनके पास 16 खिलाड़ी थे। दिल्ली को अभी और भी खिलाड़ी खरीदने थे, इसलिए वे 1 करोड़ 10 लाख रुपये से ज्यादा खर्च करने की स्थिति में नहीं थे। अगर दिल्ली के पास थोड़ा और बजट होता, तो शायद वैभव आज दिल्ली की जर्सी में नजर आते।
वैभव सूर्यवंशी का अब तक का आईपीएल करियर
राजस्थान रॉयल्स के लिए 1 करोड़ 10 लाख रुपये का यह निवेश मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ। वैभव ने अपने पहले आईपीएल सीजन में केवल 7 मैच खेले थे, लेकिन उन मैचों में ही उन्होंने अपनी छाप छोड़ दी थी। उस दौरान उन्होंने 206 दशमलव 56 के स्ट्राइक रेट से 252 रन बनाए थे, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल था। लेकिन असली धमाका उन्होंने इस साल किया है। इस सीजन में वैभव ने अब तक 15 मैच खेले हैं और 680 रन बना दिए हैं। उनका स्ट्राइक रेट अब बढ़कर 242 दशमलव 86 का हो गया है।
शानदार फॉर्म और भविष्य की उम्मीदें
इस साल के प्रदर्शन की बात करें तो वैभव अब तक एक शतक और चार अर्धशतक जड़ चुके हैं। वे दो मौकों पर तो अपने शतक के बेहद करीब पहुंचकर चूक गए थे। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने राजस्थान रॉयल्स को कई मैचों में मजबूत स्थिति में पहुंचाया है। अब क्रिकेट प्रेमी यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि आने वाले मैचों में वैभव का बल्ला और कितने रिकॉर्ड तोड़ता है। दिल्ली कैपिटल्स की टीम निश्चित रूप से उस नीलामी के पल को याद कर रही होगी, जहां बजट की कमी ने उनसे एक उभरता हुआ सितारा छीन लिया। वैभव की यह कहानी दिखाती है कि आईपीएल नीलामी में रणनीति और पर्स बैलेंस कितना महत्वपूर्ण होता है।