क्रिकेट के मैदान पर कई बार ऐसा रोमांचक और तनावपूर्ण माहौल देखने को मिल जाता है जो खेल प्रेमियों के जेहन में लंबे समय तक ताजा रहता है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए पहले वनडे मैच के दौरान कुछ ऐसा ही वाकया ऑकलैंड के ऐतिहासिक ईडन पार्क मैदान पर देखने को मिला। इस मुकाबले में भारतीय टीम को जीत तो हासिल हुई, लेकिन मैच के दौरान जिस तरह से मौसम ने करवट ली और उसके बाद अंपायरों द्वारा खेल जारी रखने का फैसला लिया गया, उसने भारतीय खेमे में खासी नाराजगी पैदा कर दी। भारतीय कप्तान शुभमन गिल और टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली मैदानी अंपायरों के फैसलों और खराब होते मौसम के बीच मैच कराने की जिद पर खुलकर अपनी असहमति जताते हुए नजर आए। इस पूरी घटना ने क्रिकेट जगत में एक बार फिर से खराब रोशनी और बारिश के दौरान खिलाड़ियों की सुरक्षा और खेल के नियमों को लेकर एक बड़ी बहस को जन्म दे दिया है।
लक्ष्य का पीछा और बारिश का पहला व्यवधान
न्यूजीलैंड के खिलाफ इस रोमांचक मुकाबले में भारतीय टीम के सामने जीत के लिए 186 रनों का लक्ष्य था। टीम इंडिया जब इस लक्ष्य का पीछा करने उतरी तो आसमान में काले बादल छाए हुए थे और मौसम लगातार खराब हो रहा था। मैच का खेल अभी अपने शुरुआती चरणों में ही था कि 11वें ओवर में बारिश ने खलल डाल दिया और अंपायरों को मजबूरी में खेल को रोकना पड़ा। जब खेल रुका उस समय भारतीय टीम का स्कोर 1 विकेट के नुकसान पर 29 रन था। क्रीज पर दो सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज मौजूद थे, जिसमें स्टार बल्लेबाज विराट कोहली 29 रन बनाकर खेल रहे थे और युवा कप्तान शुभमन गिल 17 रन बनाकर उनका साथ निभा रहे थे। बारिश की वजह से खेल काफी देर तक रुका रहा और दोनों टीमों के खिलाड़ियों को पवेलियन लौटना पड़ा। एक घंटे से भी ज्यादा समय की लंबी देरी के बाद जब बारिश रुकी और मैदान दोबारा खेल के लिए तैयार हुआ, तब डकवर्थ लुईस नियम यानी डीएलएस मैथेड के तहत भारत के सामने जीत के संशोधित लक्ष्य को रखकर खेल दोबारा शुरू किया गया, जिसके तहत भारत के लिए लक्ष्य को घटाकर 167 रन कर दिया गया।
मैदान पर दोबारा बारिश की वापसी और अंपायरों से तीखी बहस
हालांकि यह राहत बहुत ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई और खेल शुरू होने के कुछ ही गेंदों के बाद बारिश एक बार फिर से मैदान पर लौट आई। इस दूसरी बार आई बारिश और खराब रोशनी के कारण खिलाड़ियों के लिए मैदान पर टिकना और बल्लेबाजी करना बेहद मुश्किल हो गया था। इसके बावजूद मैदानी अंपायर किसी तरह 12वें ओवर को पूरा कराने की जिद पर अड़े हुए थे। अंपायरों की इस जिद से विराट कोहली और शुभमन गिल दोनों ही बिल्कुल खुश नहीं थे और वे इन खराब और खतरनाक हालात में खेलने के बिल्कुल भी इच्छुक नजर नहीं आ रहे थे। हालात इतने चुनौतीपूर्ण हो चुके थे कि 12वें ओवर की आखिरी गेंद फेंके जाने से ठीक पहले, विराट कोहली ने अंपायर पॉल रीफेल के पास जाकर अपनी नाराजगी बहुत स्पष्ट रूप से दर्ज कराई। कोहली ने मुस्कुराते हुए अंपायर से कहा कि साइटस्क्रीन को देखो, वहां से गेंद बिल्कुल भी नजर नहीं आ रही है। अपनी बात को और बेहतर तरीके से समझाने और अंपायर का ध्यान खींचने के लिए कोहली ने एक खास टीपॉट जैसा इशारा भी किया, जो सोशल मीडिया और खेल गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।
शुभमन गिल की चिंता और ब्लेयर टिकनर का अनोखा मजाक
सिर्फ विराट कोहली ही नहीं, बल्कि कप्तान शुभमन गिल ने भी इस स्थिति पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। गिल ने स्क्वायर लेग अंपायर से बात की और उन्हें अपनी और अन्य खिलाड़ियों की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं से अवगत कराया। लेकिन इसके बावजूद मैच अधिकारी किसी भी बात को सुनने के बजाय किसी तरह उस ओवर को पूरा खत्म कराने पर पूरी तरह से अड़े हुए थे। इस पूरे तनावपूर्ण माहौल के बीच मैदान पर एक दिलचस्प और हल्के-फुल्के पल की भी एंट्री हुई और जब गिल अगली गेंद का सामना करने के लिए अपनी क्रीज पर पूरी तरह से तैयार हो रहे थे, तब न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज ब्लेयर टिकनर ने इस गंभीर और तनावपूर्ण माहौल को थोड़ा हल्का करने की कोशिश की। टिकनर ने मजाकिया अंदाज में अपनी शर्ट को अपने सिर पर खींच लिया, जिसे देखकर वहां मौजूद खिलाड़ी अपनी हंसी नहीं रोक पाए। हालांकि, इस तरह के मजाकिया पलों के बावजूद हकीकत यह थी कि खराब रोशनी और लगातार हो रही बारिश का संयोजन बल्लेबाजों के लिए किसी खतरे से कम नहीं था। ऐसे खराब मौसम में गेंद को देखना और उस पर प्रहार करना बल्लेबाजों के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती बन जाता है, जिसका सीधा असर उनके शानदार प्रदर्शन और मैदान पर उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा दोनों पर पड़ता है।
आखिरी गेंद का रोमांच और विराट कोहली का ऐतिहासिक अर्धशतक
खिलाड़ियों के विरोध और खराब मौसम के तमाम हालातों के बीच आखिरकार शुभमन गिल ने उस 12वें ओवर की आखिरी गेंद को खेला और उसके तुरंत बाद खेल को एक बार फिर से रोकना पड़ा। इस पूरे वाकया में सबसे दिलचस्प मोड़ यह रहा कि उसी आखिरी गेंद पर शुभमन गिल लगभग आउट होते-होते बाल-बाल बचे थे, जिससे भारतीय खेमे की सांसें एक पल के लिए थम गई थीं। हालांकि इस शुरुआती संघर्ष और उठापटक के बाद जब खेल एक बार फिर से बहाल हुआ, तब मैदान पर रनों की जबरदस्त बारिश देखने को मिली और यह बारिश किसी और के बल्ले से नहीं बल्कि विराट कोहली के बल्ले से हुई। अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली ने अपनी क्लास का शानदार प्रदर्शन करते हुए मात्र 35 गेंदों में ही एक बेहद आक्रामक और दर्शनीय अर्धशतक जड़ दिया। यह अर्धशतक उनके करियर के लिए बेहद खास रहा क्योंकि यह न्यूजीलैंड की विदेशी सरजमीं पर उनके वनडे करियर का अब तक का सबसे तेज अर्धशतक साबित हुआ। विराट कोहली ने इस मैच में अपनी बेहतरीन पारी को आगे बढ़ाते हुए कुल 74 रनों का शानदार योगदान दिया और अपनी टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। अंततः भारतीय क्रिकेट टीम ने इस संघर्षपूर्ण और बारिश से प्रभावित मुकाबले में 5 विकेट से शानदार जीत दर्ज की, लेकिन अंपायरिंग के फैसले और खिलाड़ियों की सुरक्षा का यह मुद्दा काफी समय तक चर्चा का विषय बना रहा।