पाकिस्तान के पूर्व तानाशाह परवेज मुशर्रफ के नए कबूलनामे ने पाक का एक बार और पर्दाफाश कर दिया है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि भारतीय सेना के खिलाफ लड़ने के लिए कश्मीरियों को पाकिस्तान में ट्रेनिंग दी जाती थी। ऐसे कश्मीरी जो आतंकी गतिविधियों की ट्रेनिंग लेते थे उन्हें हीरो कहा जाता था।
मुशर्रफ ने कहा कि ओसामा बिन लादेन और जलालुद्दीन हक्कानी जैसे आतंकवादी पाकिस्तानी नायक हुआ करते थे। पाकिस्तान के राजनेता फरहतुल्लाह बाबर द्वारा बुधवार को ट्विटर पर साझा किए गए एक वीडियो में मुशर्रफ ऐसा कहते हुए सुने गए।
अफगानिस्तान में धार्मिक आतंकवाद की बात भी स्वीकारी
یہ ہیں وہ ریاستی پالیسی جس کی وجہ سے پشتون کو دہشتگرد کہاں گیا جس کی وجہ سے پشتون کا پورا نسل تباہ اور برباد ہوا جس کی وجہ سے پشتون IDPS بنے جس کی وجہ سے پشتونوں کے گھریں بازاریں ہسپتال سکول گہرائے گئے.اور آج بولتے ہیں کہ ریڈ لائن کراس نہ کریں@GulBukhari#SaveBuner4mStateTaliban pic.twitter.com/khjh7sy390
— Hamid Mandokhail (@HamidMandokhail) November 12, 2019
मुशर्रफ ने यह भी स्वीकार किया कि अफगानिस्तान में भी पाक ने ही धार्मिक आतंकवाद की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि 1979 में हमने पाकिस्तान को लाभ पहुंचाने और सोवियत संघ (वर्तमान रूस) को वहां से बाहर निकालने के लिए अफगानिस्तान में धार्मिक उग्रवाद की शुरुआत की थी।
उन्होंने कहा कि दुनिया भर के मुजाहिदीनों (आतंकवादियों) को हमने प्रशिक्षित किया, उन्हें हथियारों की आपूर्ति की। वे हमारे नायक थे। हक्कानी हमारे नायक थे। ओसामा बिन लादेन हमारे नायक थे। तब का माहौल अलग था लेकिन अब यह अलग है। नायक बाद में खलनायक बन गए।
पाकिस्तान आने वाले कश्मीरियों का नायक की तरह करते थे स्वागत
कश्मीर में अशांति के बारे में बात करते हुए मुशर्रफ ने कहा कि... पाकिस्तान आने वाले कश्मीरियों को यहां नायक की तरह स्वागत मिला। हम उन्हें प्रशिक्षित करते थे और उनका समर्थन करते थे। हम उन्हें मुजाहिदीन मानते थे जो बाद में भारतीय सेना के साथ लड़ते थे। लश्कर ए तैय्यबा जैसे कई आतंकवादी संगठन इस दौरान मजबूत बने। वे हमारे नायक थे।