पश्चिम बंगाल विधानसभा की कुल 294 सीटों के लिए दो चरणों में आयोजित मतदान की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई है। राज्य में इस बार लोकतांत्रिक भागीदारी की एक मजबूत तस्वीर उभरकर सामने आई है, जहां मतदाताओं ने रिकॉर्ड तोड़ संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। अब सभी की निगाहें 4 मई को आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, बंगाल में इस बार आजादी के बाद की सबसे अधिक वोटिंग दर्ज की गई है।
दो चरणों में मतदान का विस्तृत विवरण
पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को विधानसभा की 152 सीटों पर हुआ था। 19 फीसदी मतदान दर्ज किया गया, जिसने एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया। इसके बाद, बुधवार 29 अप्रैल को दूसरे और अंतिम चरण के तहत 142 सीटों के लिए मतदान हुआ। छिटपुट प्रदर्शनों के बीच यह प्रक्रिया भी शांतिपूर्वक संपन्न हुई। 66% मतदान दर्ज किया गया। 47% तक पहुंच गया है।
जिलों के अनुसार मतदान के आंकड़े
मतदान के प्राप्त आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में उत्साहजनक भागीदारी रही है। 83 प्रतिशत वोटिंग हुई। 48 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले। 92 दर्ज किया गया।
एग्जिट पोल और राजनीतिक समीकरण
मतदान संपन्न होने के बाद पश्चिम बंगाल सहित अन्य चार राज्यों के एग्जिट पोल भी जारी कर दिए गए हैं। इन सर्वेक्षणों के अनुसार, राज्य में सत्ता परिवर्तन के संकेत मिल रहे हैं। तीन प्रमुख एग्जिट पोल के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पश्चिम बंगाल में प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाती हुई दिखाई दे रही है और वहीं, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को इस चुनाव में बड़ा झटका लगने का अनुमान जताया गया है। 4 फीसदी वोट शेयर जा सकता है। हालांकि, ये केवल अनुमान हैं और अंतिम परिणाम 4 मई को स्पष्ट होंगे।