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पश्चिम बंगाल: चुनाव आयोग ने 267 अधिकारियों का तबादला किया

पश्चिम बंगाल: चुनाव आयोग ने 267 अधिकारियों का तबादला किया
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य प्रशासन में बड़े पैमाने पर फेरबदल किया है। आयोग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य के विभिन्न जिलों में तैनात 267 अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया गया है। इन अधिकारियों में ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO), अतिरिक्त निर्वाचन अधिकारी (ARO), थाना प्रभारी (OC) और निरीक्षक (IC) शामिल हैं और चुनाव आयोग के इस कदम को राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

पुलिस विभाग में 184 अधिकारियों का स्थानांतरण

निर्वाचन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, कुल 267 तबादलों में से 184 पुलिस अधिकारियों से संबंधित हैं। इन अधिकारियों को विभिन्न थानों के प्रभारी (OC) और प्रभारी निरीक्षकों (IC) के पदों से हटाकर नई नियुक्तियां दी गई हैं। विशेष रूप से कोलकाता पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आने वाले 31 थानों के प्रभारियों को बदला गया है। इससे पहले आयोग ने भवानीपुर और पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्रों में भी पुलिस अधिकारियों के स्थानांतरण के आदेश दिए थे। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रक्रिया चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए की गई है।

प्रशासनिक ढांचे में 83 BDO और ARO के तबादले

पुलिस विभाग के साथ-साथ प्रशासनिक ढांचे में भी व्यापक बदलाव किए गए हैं। राज्य के 18 जिलों में तैनात 83 ब्लॉक विकास अधिकारियों (BDO) और अतिरिक्त निर्वाचन अधिकारियों (ARO) का तबादला किया गया है। इन तबादलों की सूची में कूच बिहार के दिनहाटा-दो से लेकर दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर-एक और दो जैसे महत्वपूर्ण ब्लॉक शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, बीरभूम जिले के नानूर, लाभपुर, सूरी-एक, मोहम्मद बाजार, इलंबजार और मयूरेश्वर-एक जैसे क्षेत्रों में भी नए अधिकारियों की तैनाती की गई है।

उच्च न्यायालय में कानूनी चुनौती

चुनाव आयोग के इस व्यापक तबादला आदेश को कानूनी चुनौती दी गई है और वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी ने इस मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने इस स्थानांतरण प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मामला दर्ज करने की अनुमति मांगी और तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया। मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने याचिका दायर करने की अनुमति प्रदान कर दी है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस मामले पर उच्च न्यायालय में कल सुनवाई होने की संभावना है।

प्रभावित जिलों और क्षेत्रों का विवरण

चुनाव आयोग के इस आदेश का प्रभाव पश्चिम बंगाल के लगभग सभी प्रमुख जिलों पर पड़ा है। प्रभावित जिलों की सूची में कूच बिहार, जलपाईगुड़ी, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद, नदिया, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, हुगली, पूर्वी और पश्चिमी मेदिनीपुर, पुरुलिया, बांकुरा, पूर्वी और पश्चिमी बर्धवान और बीरभूम शामिल हैं। रामनगर, नंदीग्राम-एक और दो जैसे क्षेत्रों में भी प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। आयोग के अधिकारियों के अनुसार, इन तबादलों का उद्देश्य चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार के स्थानीय प्रभाव या पक्षपात की संभावना को समाप्त करना है।

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