पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर टूटने का बड़ा खतरा मंडरा रहा है और ताजा घटनाक्रम में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा बुलाई गई एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक में तृणमूल कांग्रेस के 18 विधायक शामिल हुए हैं। इस घटना ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है और पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष को उजागर किया है। जानकारी के अनुसार, बंगाल चुनाव में हार के बाद से टीएमसी में अभिषेक बनर्जी का विरोध लगातार जारी है, जिसने अब एक बड़े विद्रोह का रूप ले लिया है।
शुभेंदु अधिकारी की बैठक में शामिल विधायकों की सूची
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को हावड़ा और साउथ 24 परगना क्षेत्र के लिए एक प्रशासनिक बैठक आयोजित की थी। इस बैठक में कोलकाता, हावड़ा और साउथ 24 परगना के कई महत्वपूर्ण टीएमसी नेता और विधायक पहुंचे। बैठक में शामिल होने वाले 18 विधायकों की सूची अब सार्वजनिक हो गई है, जिसमें निम्नलिखित नाम शामिल हैं: 1) जावेद खान, 2) फिरहाद हकीम, 3) नयना दास बनर्जी, 4) कुणाल घोष, 5) रीताब्रत बनर्जी, 6) संदीपन साहा, 7) अशोक देव, 8) अरुणाभा सेन, 9) समीर पांजा, 10) प्रिया पाल, 11) गुलशन मल्लिक, 12) तपस मैती, 13) नीलिमा मिस्त्री, 14) अब्दुल खालेक मोल्लाह, 15) बहारुल इस्लाम, 16) परेशराम दास, 17) जॉयदेव हलदर और 18) समीर जाना। इन विधायकों की उपस्थिति ने पार्टी के भीतर एक बड़ी दरार के संकेत दिए हैं।
ममता बनर्जी का कड़ा फैसला और संगठन भंग
पार्टी में मची इस खलबली के बीच तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। उन्होंने पार्टी की सभी मौजूदा कमेटियों और सहयोगी संगठनों को तत्काल प्रभाव से भंग करने का निर्णय लिया है। टीएमसी द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि काफी विचार-विमर्श के बाद यह फैसला किया गया है कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सभी समितियां और इसके सभी सहयोगी संगठन तत्काल प्रभाव से भंग कर दिए जाएंगे। पार्टी अब हर स्तर पर व्यापक आत्मनिरीक्षण, प्रदर्शन समीक्षा और संगठनात्मक मूल्यांकन करेगी। इस मूल्यांकन के परिणाम के आधार पर, मूल संगठन और सभी सहयोगी संगठनों की संगठनात्मक संरचना का पुनर्गठन किया जाएगा और उचित समय पर इसकी घोषणा की जाएगी।
असली टीएमसी पर दावा और महाराष्ट्र जैसा हाल होने की आशंका
पार्टी से निष्कासित किए गए दो विधायकों, ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने खुद को असली टीएमसी बताते हुए दावा किया है कि उनके साथ 50 से ज्यादा विधायक मौजूद हैं। उन्होंने पार्टी के चुनाव चिन्ह और विपक्ष के नेता के पद पर भी अपनी दावेदारी पेश करने की बात कही है। बताया जा रहा है कि इन निष्कासित विधायकों ने 50 विधायकों के साथ एक गुप्त बैठक भी की है। पूर्व नेता रिजू दत्ता ने तो यहां तक दावा किया है कि टीएमसी के दो तिहाई विधायक अलग होने का मन बना चुके हैं और बंगाल में टीएमसी का वही हाल होगा जो महाराष्ट्र में शिवसेना का हुआ था। मंत्री तापस रॉय ने भी इन अटकलों को सही ठहराते हुए पार्टी में बड़ी टूट की संभावना जताई है, जिससे ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।