क्रिकेट: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 14वें सीजन की शुरुआत से पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बड़ा फैसला लिया है. बोर्ड ने इस टूर्नामेंट से ‘सॉफ्ट सिग्नल नियम’ को हटा दिया है. इसके साथ ही थर्ड अंपायर को अब मैदानी अंपायर के ‘शॉर्ट रन’ और ‘नो-बॉल’ के निर्णय को भी बदलने का अधिकार होगा.
गौरतलब है कि ऑन फील्ड अंपायर क्लोज कैच की सलाह लेने के लिए थर्ड अंपायर का रुख करते वक्त उसे सॉफ्ट सिग्नल भी बताना होता है. पहले अगर अंपायर किसी फैसला थर्ड अंपायर को रेफर करता था, तो सॉफ्ट सिग्नल के तहत पहला फैसला ही मान्य होता था, लेकिन अब आईपीएल के इस सीजन में ऐसा नहीं होगा.
बता दें कि भारत-इंग्लैंड के बीच सीमित ओवरों के सीरीज के दौरान ‘सॉफ्ट सिग्नल नियम’ को लेकर काफी बवाल हुआ था. इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टी20 मैच के दौरान सूर्यकुमार ने फाइन लेग पर शॉट खेला, जिसे डेविड मलान ने लपका. वीडियो में दिख रहा था कि कैच लपकने के बाद गेंद मैदान से जा लगी है. हालांकि मैदानी अंपायर के आउट देने के सिग्नल के कारण सूर्यकुमार को आउट करार दिया गया.
सूर्यकुमार के अलावा वाशिंगटन सुंदर को आउट देने पर भी अंपायर के फैसले पर सवाल खड़े किए गए. सुंदर ने शॉ खेला जिसे बाउंड्री पर खड़े आदिल राशिद ने पकड़ा. इस पर अंपायर ने विभिन्न रीप्ले में देखा कि राशिद का पैर बाउंड्री से टच हो रहा है कि नहीं, लेकिन अंपायर ने अंत में सुंदर को आउट करार दिया.मैच के बाद टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने इसे हटाने तक की बात कह दी थी. कोहली ने कहा था, “मुझे यह समझ नहीं आता कि अंपायरों के लिए ‘मुझे नहीं पता’ का विकल्प क्यों नहीं है. यह अंपायर कॉल के ही समान है. ऐसे फैसले पूरे मैच का रूख बदल देते हैं, विशेषकर बड़े मुकाबलों में. अंत में हमें उम्मीद के अनुरुप नतीजा मिला लेकिन कल किसी और टीम के साथ ऐसा हो सकता है. बड़े मैचों के लिए यह अच्छा नहीं है. मैदान में स्पष्टता की जरूरत है.”