भारत में आम को फलों का राजा कहा जाता है और इसके मीठे स्वाद का जादू हर किसी पर चलता है। गर्मी का मौसम आते ही लोग बड़ी बेसब्री से आम का इंतजार करने लगते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आम को खाने से पहले उसे कुछ घंटों के लिए पानी में भिगोना क्यों जरूरी है? अक्सर बड़े-बुजुर्ग सलाह देते हैं कि आम को सीधे पेड़ से तोड़कर या बाजार से लाकर तुरंत नहीं खाना चाहिए। इसके पीछे वैज्ञानिक और स्वास्थ्य संबंधी कारण छिपे हुए हैं और आम न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि यह विटामिन और खनिजों का भी एक बेहतरीन स्रोत है, लेकिन इसे सही तरीके से खाना ही सेहत के लिए फायदेमंद होता है।
आम को भिगोना क्यों है अनिवार्य?
आम की तासीर गर्म होती है। यदि इसे बिना भिगोए खाया जाए, तो यह शरीर में गर्मी पैदा कर सकता है, जिससे चेहरे पर एक्ने, पिंपल्स या पेट में ब्लोटिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आम को पानी में भिगोने से इसकी प्राकृतिक गर्मी बाहर निकल जाती है। इसके अलावा, आम में फाइटिक एसिड नाम का एक तत्व पाया जाता है। यह एसिड एक एंटी-न्यूट्रिएंट की तरह काम करता है जो शरीर को आयरन, जिंक और कैल्शियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों को अवशोषित करने से रोकता है। जब हम आम को पानी में भिगोते हैं, तो यह अतिरिक्त फाइटिक एसिड निकल जाता है, जिससे शरीर को आम के पोषक तत्व बेहतर तरीके से मिलते हैं। फाइटिक एसिड शरीर में गर्मी भी पैदा करता है, इसलिए इसे निकालना पाचन तंत्र के लिए भी अच्छा होता है।
आम में मौजूद पोषक तत्व
फलों का राजा आम पोषक तत्वों का खजाना है। इसमें मुख्य रूप से विटामिन सी, विटामिन ए और विटामिन बी कॉम्प्लेक्स पाया जाता है। इसके अलावा, इसमें फाइबर, आयरन, सोडियम, कैल्शियम और पोटैशियम जैसे तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं। ये सभी तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करते हैं। विटामिन ए की मौजूदगी के कारण इसे आंखों की रोशनी के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है। भारत में लंगड़ा, चौसा, तोतापरी, अल्फांसो, दशहरी और मुल्गोबा जैसी आम की किस्में सबसे ज्यादा पसंद की जाती हैं।