नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टोक्यो ओलंपिक में दूसरे दौर से बाहर होने के बावजूद इतिहास रचने वाली भारतीय तलवारबाज सीए भवानी देवी की हौसलाअफजाई करते हुए कहा कि देश को उनके योगदान पर गर्व है। भवानी देवी ने टोक्यो ओलंपिक में उतरने के साथ ही इतिहास रच दिया। मुकाबले में उतरने के साथ ही वह तलवारबाजी इवेंट में भाग लेने वाली पहली भारतीय एथलीट बन गई। भवानी ने टोक्यो ओलंपिक में जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की।
प्रधानमंत्री मोदी ने भवानी के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए कहा, ' आपने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और यही मायने रखता है। हार और जीत जीवन का अंग है। भारत को आपके योगदान पर गर्व है। आप हमारे नागरिकों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
इससे पहले, भवानी ने ट्वीट किया था, ' मैने अपनी ओर से पूरा प्रयास किया लेकिन दूसरा मुकाबला जीत नहीं सकी। मैं माफी मांगती हूं। अगले ओलंपिक में आपकी प्रार्थनाओं के साथ और बेहतर प्रदर्शन करूंगी।'
भवानी ने अपने पहले मुकाबले में मुकाबले में ट्यूनीशिया की नादिया बेन अजिजि को 15-3 से करारी शिकस्त दी और ओलंपिक में अपने अभियान की विजयी शुरुआत की। हालांकि भवानी को महिलाओं की व्यक्तिगत साबरे के दूसरे मैच में रियो ओलंपिक के सेमीफाइनल में जगह बनाने वाली ब्रूनेट से 7-15 से हार का सामना करना पड़ा।
भवानी ने अपने मुकाबले के बाद सोशल मीडिया पर फैन्स का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने ट्विटर पर कहा, 'आज मेरे लिए बहुत बड़ा दिन था। मैं काफी उत्साहित और भावुक थी। मैंने नादिया अजिजि के खिलाफ पहला मैच 15/3 जीता और ओलंपिक में मैच जीतने वाली पहली भारतीय तलवारबाजी खिलाड़ी बनी। लेकिन दूसरे मुकाबले में मैं विश्व के टॉप तीन खिलाड़ी मैनन ब्रुनेट के खिलाफ 7/15 से हार गईं। मैंने अपना बेस्ट प्रदर्शन किया लेकिन मैं जीत नहीं सकी। इसके लिए मुझे बहुत दुख है।'