नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के कार्यकर्ताओं द्वारा एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह घटना उस समय हुई जब अंतरराष्ट्रीय स्तर का यह शिखर सम्मेलन जारी था। प्रदर्शनकारियों ने भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते (Trade Deal) के विरोध में अपनी शर्ट उतारकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ऐसी टी-शर्ट पहनी हुई थी जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर बनी हुई थी। घटना की जानकारी मिलते ही सुरक्षाकर्मियों और दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को मौके से हटा दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सुरक्षा उल्लंघन और पुलिस की जांच
भारत मंडपम जैसे उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में हुए इस प्रदर्शन ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस बात की गहन जांच की जा रही है कि प्रदर्शनकारी परिसर के भीतर कैसे प्रवेश करने में सफल रहे और पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इन कार्यकर्ताओं ने आधिकारिक पास के जरिए प्रवेश किया था या उन्होंने प्रवेश के लिए किसी क्यूआर कोड (QR Code) का उपयोग किया था। हिरासत में लिए गए पांचों व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस प्रदर्शन की योजना किस प्रकार बनाई गई थी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय आयोजन स्थल पर इस तरह की गतिविधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भारतीय युवा कांग्रेस का आधिकारिक पक्ष
भारतीय युवा कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से इस प्रदर्शन की जिम्मेदारी ली है। संगठन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह विरोध प्रदर्शन केंद्र सरकार की विदेश नीति और कॉरपोरेट दबाव के खिलाफ था। युवा कांग्रेस का आरोप है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में देश के हितों के साथ समझौता किया जा रहा है। संगठन ने प्रधानमंत्री पर कॉरपोरेट दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए इसे 'कंप्रोमाइज्ड' नीति करार दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे देश की अस्मिता और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए इस सच्चाई को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेनकाब करना चाहते थे।
भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया और राजनीतिक विवाद
भारतीय जनता पार्टी ने इस प्रदर्शन की कड़ी निंदा करते हुए इसे देश के लिए शर्मनाक बताया है। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर लिखा कि राजनीतिक विरोध एक लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है। भाजपा नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के कार्यकर्ता देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपमानित करने का प्रयास कर रहे हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि जब दुनिया भारत की प्रगति को देख रही है, तब इस तरह के प्रदर्शन केवल नकारात्मकता फैलाने का काम करते हैं। भाजपा ने इसे कांग्रेस की हताशा का परिणाम बताया है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की वर्तमान स्थिति
इस विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में भारत और अमेरिका के बीच होने वाला अंतरिम व्यापार समझौता (Interim Trade Agreement) मुख्य केंद्र है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, दोनों देशों के बीच इस समझौते पर मार्च में हस्ताक्षर होने की संभावना है और इसे अप्रैल तक लागू किया जा सकता है। समझौते के कानूनी पाठ (Legal Text) को अंतिम रूप देने के लिए भारतीय और अमेरिकी अधिकारियों के बीच 23 फरवरी से अमेरिका में तीन दिवसीय बैठक शुरू होने वाली है। इस महीने की शुरुआत में दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर पुष्टि की थी कि अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक रूपरेखा (Framework) तैयार कर ली गई है।
अन्य देशों के साथ आगामी मुक्त व्यापार समझौते
वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, भारत केवल अमेरिका ही नहीं बल्कि कई अन्य देशों के साथ भी मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) पर काम कर रहा है। पीयूष गोयल ने जानकारी दी है कि यूनाइटेड किंगडम (UK) और ओमान के साथ भारत के व्यापार समझौते अप्रैल तक लागू होने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, न्यूजीलैंड के साथ भी इसी तरह के समझौते पर बातचीत चल रही है, जिसके सितंबर तक प्रभावी होने की संभावना है। सरकार का कहना है कि ये समझौते भारतीय निर्यात को बढ़ावा देने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका को मजबूत करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं।