बांग्लादेश ने वैश्विक शक्तियों, विशेष रूप से भारत और चीन के साथ अपने कूटनीतिक संबंधों को लेकर अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। यह स्पष्टीकरण एक महत्वपूर्ण अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के दौरान आया है। बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार डॉ. खलीलुर रहमान ने जोर देकर कहा कि किसी एक देश के साथ संबंधों को मजबूत करने का अर्थ यह कतई नहीं है कि दूसरे देश के साथ संबंध कमजोर हो रहे हैं और उन्होंने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश की विदेश नीति किसी जीरो-सम गेम का हिस्सा नहीं है, जहां एक की जीत को दूसरे की हार के रूप में देखा जाए।
राष्ट्रीय हित और कूटनीतिक संतुलन
मीडिया से विस्तृत बातचीत करते हुए डॉ. खलीलुर रहमान ने कहा कि हम कभी भी एक देश के साथ संबंध मजबूत करने के लिए दूसरे देश के साथ अपने रिश्तों को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे और उन्होंने कहा कि बांग्लादेश अपनी विदेश नीति में सभी देशों के साथ राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देता है। उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय संबंधों को किसी प्रतिस्पर्धा के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने एक अनूठा उदाहरण देते हुए कहा कि यह पत्नी और सौतन के बीच की लड़ाई नहीं है। हमारे रिश्ते पूरी तरह से राष्ट्रीय हितों पर आधारित हैं और हम वहीं जाएंगे जहां हमारे देश के हित सुरक्षित होंगे।
अमेरिकी विशेष दूत सर्जियो गोर की यात्रा
डॉ और रहमान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिकी विशेष दूत सर्जियो गोर 3 दिन के दौरे पर बांग्लादेश पहुंचे हैं। उनकी यह यात्रा ऐसे वक्त में हो रही है जब चीन बांग्लादेश में अपने आर्थिक और रणनीतिक निवेश को बहुत तेजी से बढ़ा रहा है और बांग्लादेश में अमेरिकी राजदूत ब्रेंट टी. क्रिस्टेंसन ने कहा कि विशेष दूत सर्जियो गोर की यह यात्रा अमेरिका और बांग्लादेश के रणनीतिक संबंधों को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी और विदेश नीति के जानकारों का मानना है कि चीन के बढ़ते निवेश और प्रधानमंत्री तारिक रहमान की हालिया बीजिंग यात्रा के बाद अमेरिका बांग्लादेश की रणनीतिक प्राथमिकताओं को करीब से समझना चाहता है।
चटगांव में चीन का औद्योगिक निवेश
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की यह यात्रा उस समय हो रही है जब बांग्लादेश के चटगांव में चीन के पहले राष्ट्रीय स्तर के आर्थिक एवं औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है। इस बड़ी परियोजना को चीन रोड एंड ब्रिज कॉर्पोरेशन (CRBC) द्वारा विकसित किया जा रहा है। यह चीन की एक सरकारी कंपनी है और बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) की प्रमुख एजेंसियों में से एक है। इस परियोजना के माध्यम से चीन बांग्लादेश के औद्योगिक ढांचे में अपनी पैठ मजबूत कर रहा है, जिसे अमेरिका और भारत जैसे देश बारीकी से देख रहे हैं।
बीएनपी सरकार और कूटनीतिक सक्रियता
फरवरी में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद से कूटनीतिक गतिविधियों में तेजी आई है। सर्जियो गोर बांग्लादेश का दौरा करने वाले 3 रे वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी हैं। इससे पहले मार्च 2026 में दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के सहायक विदेश मंत्री पॉल कपूर और मई में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के सहायक ब्रेंडन लिंच भी ढाका का दौरा कर चुके हैं। डॉ और खलीलुर रहमान ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री की हालिया चीन यात्रा अत्यंत सफल रही और यदि भविष्य में प्रधानमंत्री भारत का दौरा करते हैं, तो वह भी उतनी ही सफल यात्रा होगी। उन्होंने दोहराया कि विदेश नीति को प्रतिस्पर्धा के बजाय सहयोग और राष्ट्रीय लाभ के आधार पर देखा जाना चाहिए।
