फारूक अब्दुल्ला का डोनाल्ड ट्रंप पर हमला, दुनिया की मुसीबत की बताई वजह

जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर में फैली उथल-पुथल और संकट के लिए ट्रंप की हरकतें जिम्मेदार हैं और इससे गरीबों पर महंगाई का बोझ बढ़ रहा है।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर जमकर भड़ास निकाली है। दुनियाभर के विभिन्न क्षेत्रों में इन दिनों उथल-पुथल का दौर जारी है। मिडिल ईस्ट समेत दुनिया के कई क्षेत्रों में जंग का माहौल बना हुआ है। इस जारी संघर्ष और तनाव के कारण ऊर्जा संसाधनों की कीमतें बढ़ चुकी हैं, तो वहीं कई देशों में प्रदर्शन और जमकर हिंसा भी देखने को मिल रही है। अब जम्मू-कश्मीर के दिग्गज नेता फारूक अब्दुल्ला ने इन सभी वैश्विक उथल-पुथल और संकटों का ठीकरा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर फोड़ दिया है। फारूक अब्दुल्ला ने दोटूक शब्दों में कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप की हरकतों की वजह से आज पूरी दुनिया पर मुसीबत आ रही है।

जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने अपने बयान में अमेरिकी राष्ट्रपति की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप की हरकतों की वजह से दुनिया पर मुसीबत आ रही है और उन्हें पता नहीं कब अक्ल आएगी। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की आक्रामक नीतियों से किसी को कोई फायदा नहीं होने वाला है। आज पूरी दुनिया इस गंभीर संकट से गुजर रही है। महंगाई के मौजूदा स्तर को ही देख लीजिए, इस बढ़ती महंगाई का सबसे ज्यादा और बुरा नुकसान समाज के गरीबों को उठाना पड़ेगा। फारूक अब्दुल्ला का मानना है कि अब वह वक्त आ चुका है जब डोनाल्ड ट्रंप को इस आक्रामकता को पूरी तरह से खत्म कर देना चाहिए ताकि वैश्विक शांति स्थापित हो सके।

अपने बयान के दौरान फारूक अब्दुल्ला ने अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव और भू-राजनीतिक हालात पर भी खुलकर बात की। उन्होंने न्याय के हित का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि ईरान को अपनी सीमा के भीतर अपना बचाव करने का पूरा अधिकार प्राप्त है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में यह जानकारी सामने आई थी कि अमेरिका और इजरायल एक बार फिर से ईरान पर बड़े हमले की तैयारी कर रहे हैं। इन सैन्य अभियानों और संभावित हमलों की शुरुआत आगामी सत्ताईस अक्टूबर को होने वाले इजराइली चुनावों से पहले हो सकती है, जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव और अधिक गहरा गया है।

अंतरराष्ट्रीय मामलों के साथ-साथ फारूक अब्दुल्ला ने देश की राजधानी दिल्ली में हो रहे विभिन्न प्रदर्शनों और राजनीतिक बयानों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दिल्ली में हो रहे प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि जब भी देश की राजधानी दिल्ली में सरकार को किसी भी प्रकार का खतरा महसूस होता है, तो उन्हें तुरंत उसमें विदेशी हाथ नजर आने लगता है। सरकार या शासक वर्ग कभी भी अपने खुद के कामों और नीतियों पर नजर नहीं डालते हैं और अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए हमेशा यह दावा करते रहते हैं कि बाहर का कोई व्यक्ति या बाहरी ताकतें इसे करवा रही हैं।

फारूक अब्दुल्ला ने सवालिया लहजे में सरकार से पूछा कि आखिर वह बाहरी व्यक्ति कौन है? यदि वे यह आरोप लगाते हैं कि इन प्रदर्शनों और उथल-पुथल में विदेशी ताकतों का हाथ है, तो वे उनके नाम सार्वजनिक करें और बताएं कि आखिर कौन है जो ऐसा कर रहा है। उन्होंने सरकार से यह भी पूछा कि आखिर कौन सा देश ऐसा करने की कोशिश कर रहा है? अंत में फारूक अब्दुल्ला ने कटाक्ष करते हुए कहा कि असलियत यह है कि उनके पास आरोपों को साबित करने के लिए कोई नाम नहीं है और वे केवल राजनीतिक बयानों के जरिए ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे हैं।