IND vs NZ ODI / कोटाम्बी में कोहली का कमाल, वडोदरा में 15 साल बाद टीम इंडिया की जीत से वापसी

वडोदरा के कोटाम्बी स्टेडियम में 15 साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी हुई, जहां टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराया। विराट कोहली ने 93 रन बनाए, जबकि मोहम्मद सिराज और हर्षित राणा ने 2-2 विकेट लिए। केएल राहुल ने छक्का लगाकर जीत दिलाई।

वडोदरा शहर ने क्रिकेट के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा, जब लगभग डेढ़ दशक के लंबे अंतराल के बाद, पुरुषों के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी हुई। यह वापसी सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि शहर के खेल प्रेमियों के लिए एक उत्सव का क्षण था, जिसे भारतीय टीम ने अपनी शानदार प्रदर्शन से और भी यादगार बना दिया। कोटाम्बी स्टेडियम, जो इस ऐतिहासिक मुकाबले का गवाह बना, अपने आप में एक नया अंतरराष्ट्रीय स्थल था, जिसने पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय मैच की मेजबानी की। इस नवोदित मैदान पर, टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए पहले एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय (ODI) मैच में, एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करते हुए 4 विकेट से जीत दर्ज की और यह जीत न केवल एक रोमांचक मुकाबला थी, बल्कि इसने भारतीय टीम को तीन मैचों की श्रृंखला में 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त भी दिलाई, जिससे नए साल की शुरुआत एक सकारात्मक और आत्मविश्वासपूर्ण नोट पर हुई।

न्यूजीलैंड की दमदार बल्लेबाजी और भारतीय गेंदबाजों का पलटवार

मैच में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने एक मजबूत शुरुआत की। उनके सलामी बल्लेबाज हेनरी निकोल्स और डेवन कॉनवे ने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाते हुए शानदार प्रदर्शन किया। दोनों ने मिलकर पहले विकेट के लिए 117 रनों की शतकीय साझेदारी की, जो 21 ओवर तक चली। इस साझेदारी ने न्यूजीलैंड को एक बड़े स्कोर की नींव रखने में मदद की। कॉनवे ने 56 रन बनाए, जबकि निकोल्स ने 62 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली, दोनों ने अपने-अपने अर्धशतक पूरे किए। हालांकि, भारतीय टीम के तेज गेंदबाज हर्षित राणा ने इस साझेदारी को तोड़कर भारत को पहली सफलता दिलाई, जिससे मैच में भारत की वापसी की उम्मीद जगी।

मिचेल का अर्धशतक और पुछल्ले बल्लेबाजों का योगदान

सलामी जोड़ी के पवेलियन। लौटने के बाद, डैरिल मिचेल ने न्यूजीलैंड की पारी को संभाला। उन्होंने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ एक और प्रभावशाली अर्धशतक जमाया और टीम के स्कोर को आगे बढ़ाया। मिचेल अपने शतक के करीब पहुंच गए थे, लेकिन 84 रन के स्कोर पर आउट हो गए, जिससे वह एक बड़ी उपलब्धि से चूक गए। न्यूजीलैंड की पारी के अंतिम ओवरों में, उनके पुछल्ले बल्लेबाजों ने तेजी से 14 रन बटोरे, जिससे टीम का कुल स्कोर 50 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 300 रन तक पहुंच गया। यह एक प्रतिस्पर्धी स्कोर था, जो भारतीय बल्लेबाजों के लिए एक चुनौती पेश करने वाला था।

भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन

भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में मोहम्मद सिराज, हर्षित राणा और प्रसिद्ध कृष्णा ने शानदार प्रदर्शन किया। इन तीनों गेंदबाजों ने 2-2 विकेट हासिल किए, जिससे न्यूजीलैंड को एक बहुत बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोका जा सका। स्पिनर कुलदीप यादव को भी एक सफलता मिली। मोहम्मद सिराज विशेष रूप से प्रभावशाली रहे, जिन्होंने अपने 8 ओवर में केवल 40 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट लिए, जिससे उनकी किफायती गेंदबाजी और विकेट लेने की क्षमता दोनों सामने आईं और उनकी सटीक लाइन और लेंथ ने कीवी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

कोहली का शानदार प्रदर्शन और रिकॉर्ड

301 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया ने वडोदरा के दर्शकों को अपनी बल्लेबाजी से मंत्रमुग्ध करने का प्रयास किया। पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने कुछ आकर्षक शॉट खेले, जिसमें 2 छक्के और कुछ चौके शामिल थे, लेकिन वह अपनी पारी को लंबी नहीं खींच पाए। कप्तान शुभमन गिल शुरुआत में रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखे। हालांकि, रोहित के आउट होने के बाद क्रीज पर आए विराट कोहली ने आते ही आक्रामक बल्लेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने तेजी से चौके बरसाए और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 28000। रन पूरे करने का एक और मील का पत्थर हासिल किया। कोहली और गिल के बीच 118 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई, जिसने भारत को लक्ष्य के करीब पहुंचाया।

शतक से चूके कोहली, राहुल ने दिलाई जीत

शुभमन गिल के आउट होने के बाद भी विराट कोहली ने अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी। उन्होंने लगातार 7 लिस्ट-ए पारियों में 50 का आंकड़ा पार करने का अपना प्रभावशाली रिकॉर्ड बनाए रखा और कोहली ने श्रेयस अय्यर के साथ मिलकर टीम को 200 रन के पार पहुंचाया। जब ऐसा लग रहा था कि कोहली अपना शतक पूरा करेंगे और टीम इंडिया को जीत दिलाएंगे, तभी काइल जैमीसन ने उन्हें 93 रन के स्कोर पर आउट कर दिया। यह भारतीय पारी के लिए एक बड़ा झटका था और जैमीसन ने इसी ओवर में रवींद्र जडेजा को भी सस्ते में आउट कर दिया, जिससे टीम इंडिया अचानक मुश्किल में आ गई। श्रेयस अय्यर भी 42वें ओवर में पवेलियन लौट गए, जिससे दबाव और बढ़ गया और

हर्षित राणा और केएल राहुल का निर्णायक योगदान

मुश्किल परिस्थितियों में, तेज गेंदबाज हर्षित राणा ने बल्ले से एक छोटी लेकिन बेहद महत्वपूर्ण पारी खेली। उन्होंने 29 रन बनाए और केएल राहुल के साथ मिलकर ताबड़तोड़ 37 रनों की साझेदारी की, जिसने टीम इंडिया को फिर से मैच में ला खड़ा किया। राहुल ने भी अंत तक क्रीज पर टिके रहकर शानदार बल्लेबाजी की और उन्होंने वाशिंगटन सुंदर के साथ मिलकर 49वें ओवर की आखिरी गेंद पर एक शानदार छक्का जड़कर टीम इंडिया को 4 विकेट से जीत दिला दी। केएल राहुल 29 रन बनाकर नाबाद लौटे, और इस तरह उन्होंने एक रोमांचक मुकाबले का सफल समापन किया। यह जीत न केवल टीम इंडिया के लिए महत्वपूर्ण थी, बल्कि वडोदरा के क्रिकेट प्रेमियों के लिए भी एक यादगार अनुभव बन गई।