IND vs NZ ODI / राजकोट की पिच पर बल्लेबाजों का बोलबाला, जानें दूसरे वनडे की पूरी रिपोर्ट

भारत और न्यूजीलैंड के बीच दूसरा वनडे राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में खेला जाएगा। टीम इंडिया सीरीज में 1-0 से आगे है। राजकोट की पिच बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है, जहां एक हाई स्कोरिंग मैच की उम्मीद है। टॉस की भूमिका अहम होगी क्योंकि पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम का रिकॉर्ड शानदार है।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच रोमांचक वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय टीम ने सीरीज का पहला मैच जीतकर 1-0 की बढ़त बना ली है और अब उसकी नजरें दूसरे मुकाबले को जीतकर सीरीज में अजेय बढ़त हासिल करने पर होंगी। वहीं, न्यूजीलैंड की टीम इस मैच को जीतकर सीरीज में वापसी करने का हर संभव प्रयास करेगी और इस महत्वपूर्ण मुकाबले से पहले, आइए जानते हैं राजकोट की पिच का मिजाज कैसा रहने वाला है और यह मैच किस टीम के पक्ष में जा सकता है।

राजकोट की पिच का मिजाज: बल्लेबाजों का स्वर्ग

राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम की पिच को पारंपरिक रूप से बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग माना जाता है। यहां की सपाट और ठोस सतह पर गेंद बल्ले पर बहुत अच्छे से आती है, जिससे बल्लेबाजों को अपने शॉट्स खेलने में काफी आसानी होती है। बाउंड्री छोटी होने और तेज आउटफील्ड के कारण चौके-छक्कों की बरसात अक्सर देखने को मिलती है और शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को थोड़ी सीम मूवमेंट मिल सकती है, लेकिन यह प्रभाव ज्यादा देर तक नहीं रहता। जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, पिच और भी बल्लेबाजी के अनुकूल हो जाती है, जिससे बड़े स्कोर बनने की संभावना बढ़ जाती है। मैच की शुरुआत में तेज गेंदबाजों को नई गेंद से कुछ स्विंग और सीम मूवमेंट मिल सकती है, जिसका वे फायदा उठाना चाहेंगे। हालांकि, यह शुरुआती चरण तक ही सीमित रहता है।

एक बार जब गेंद पुरानी हो जाती है और पिच सेटल हो। जाती है, तो तेज गेंदबाजों के लिए विकेट लेना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। स्पिन गेंदबाजों को राजकोट की पिच से बहुत ज्यादा मदद नहीं मिलती है। वे बीच के ओवरों में रन गति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, लेकिन विकेट लेने के लिए उन्हें अपनी विविधताओं और चतुराई पर अधिक निर्भर रहना होगा और इस पिच पर बल्लेबाजों का दबदबा स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

टॉस की भूमिका और ऐतिहासिक आंकड़े

राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में टॉस की भूमिका बेहद अहम रहने वाली है। इस मैदान पर अब तक खेले गए वनडे मुकाबलों में पहली पारी का औसत स्कोर 300 के आसपास रहा है, जो इस बात का प्रमाण है कि यहां बल्लेबाज खुलकर रन बनाते हैं और कई बार यहां 300 से अधिक रन भी बन चुके हैं, जो दर्शाता है कि यह एक हाई-स्कोरिंग वेन्यू है। यहां का आउटफील्ड काफी तेज है, जिससे गेंद बाउंड्री तक तेजी से पहुंचती है। इस स्टेडियम में अब तक चार वनडे मैच खेले गए हैं और इन सभी मैचों में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने जीत हासिल की है और यह आंकड़ा टॉस जीतने वाली टीम को पहले बल्लेबाजी करने के लिए प्रेरित करेगा, क्योंकि इससे उन्हें एक बड़ा स्कोर खड़ा करने और विपक्षी टीम पर दबाव बनाने का मौका मिलेगा।

हाई स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद

फैंस को उम्मीद है कि दूसरे वनडे के दौरान एक हाई स्कोरिंग और रोमांचक मैच देखने को मिलेगा। पिच की प्रकृति को देखते हुए, दोनों टीमों के बल्लेबाज बड़े शॉट्स खेलने और तेजी से रन बनाने की कोशिश करेंगे। जो टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए एक विशाल स्कोर खड़ा करने में सफल रहती है, उसके जीतने की संभावना काफी बढ़ जाएगी। वहीं, लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को भी अपनी बल्लेबाजी पर पूरा भरोसा रखना होगा, क्योंकि इस पिच पर बड़े लक्ष्य का पीछा करना भी संभव है, बशर्ते उनके बल्लेबाज अच्छी लय में हों।

भारत और न्यूजीलैंड का हेड-टू-हेड रिकॉर्ड

भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे क्रिकेट में अब तक कुल 121 मुकाबले खेले जा चुके हैं। इन आंकड़ों में भारतीय टीम का पलड़ा भारी नजर आता है। भारत ने 63 मैचों में जीत दर्ज की है, जबकि न्यूजीलैंड को 50 मैचों में सफलता मिली है। 7 मैचों का कोई परिणाम नहीं निकला और एक मुकाबला टाई रहा। हालिया रिकॉर्ड की बात करें तो भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने पिछले पांचों वनडे मैचों में जीत दर्ज की है, जो उनके आत्मविश्वास को और बढ़ाएगा। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि भारतीय टीम न्यूजीलैंड पर हावी रही है, लेकिन। क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है और न्यूजीलैंड की टीम वापसी करने में सक्षम है।

सीरीज में आगे बढ़ने की रणनीति

भारतीय टीम इस मैच को जीतकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल करना चाहेगी, जिससे उन्हें सीरीज जीतने का मौका मिलेगा। इसके लिए उन्हें अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में शानदार प्रदर्शन करना होगा। वहीं, न्यूजीलैंड की टीम के लिए यह 'करो या मरो' का मुकाबला है। उन्हें अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा और भारत को कड़ी चुनौती देनी होगी और इस मैच में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है, जहां हर खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करेगा।