भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज वडोदरा के कोटंबी स्टेडियम में हुआ और यह सीरीज वनडे रैंकिंग की शीर्ष दो टीमों के बीच होने के कारण पहले से ही काफी रोमांचक मानी जा रही थी। हालांकि, शुरुआती मैच में एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी। इस मैच में बांग्लादेशी अंपायर शरफुद्दौला सैकत को टीवी अंपायर की। महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई, जिसने कई लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया।
बांग्लादेशी अंपायर की नियुक्ति पर हैरानी
भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे इस महत्वपूर्ण मुकाबले में एक बांग्लादेशी अंपायर को देखना कई लोगों के लिए अप्रत्याशित था। विशेष रूप से, भारत और बांग्लादेश के बीच क्रिकेट बोर्ड (BCCI। और BCB) के स्तर पर राजनीतिक और कूटनीतिक तनाव चरम पर है। ऐसे माहौल में, एक बांग्लादेशी अंपायर का भारत में एक अंतरराष्ट्रीय मैच में अंपायरिंग करना सोशल मीडिया पर एक बड़ा मुद्दा बन गया। फैंस ने इस फैसले पर सवाल उठाए और BCCI पर उंगलियां उठाईं। हालांकि, यह समझना महत्वपूर्ण है कि अंपायरों की नियुक्ति का अंतिम निर्णय भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) लेती है।
BCCI-BCB के बीच मौजूदा तनाव
हाल के दिनों में भारतीय और बांग्लादेशी क्रिकेट बोर्ड के बीच संबंध काफी तनावपूर्ण रहे हैं। इस तनाव की कई वजहें सामने आई हैं। इनमें से एक प्रमुख मुद्दा मुस्तफिजुर रहमान को IPL 2026 से बाहर करने का BCCI का फैसला था, जिसके बाद बांग्लादेश ने अपने देश में IPL के प्रसारण पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके अतिरिक्त, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने ICC से अनुरोध किया है कि फरवरी 2026 में होने वाले T20 वर्ल्ड कप के उसके सभी मैच भारत की बजाय श्रीलंका में खेले जाएं। BCB ने खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं, जिससे दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों में और खटास आई है। ऐसे संवेदनशील माहौल में, शरफुद्दौला सैकत जैसे बांग्लादेशी अंपायर का भारत में एक उच्च-स्तरीय मैच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना कई लोगों के लिए हैरतअंगेज था।
ICC की भूमिका और अंपायरों का चयन
अंपायरों की नियुक्ति के संबंध में, ICC ही अंतिम फैसला लेती है और अंपायरों की नियुक्ति की घोषणा करती है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से ICC के नियमों और दिशानिर्देशों के तहत होती है। ICC एलीट पैनल के अंपायरों को ही अंतरराष्ट्रीय मैचों में अंपायरिंग का मौका मिलता है और शरफुद्दौला सैकत भी इसी प्रतिष्ठित ICC एलीट पैनल का हिस्सा हैं, जो उन्हें अंतरराष्ट्रीय मैचों में अंपायरिंग करने के लिए योग्य बनाता है। वनडे और T20I मैचों में, ICC की ओर से सीरीज के लिए कम से कम एक एलीट पैनल के अंपायर को नियुक्त किया जाता है, ताकि मैच के उच्चतम मानकों को बनाए रखा जा सके।
अंपायर चयन प्रक्रिया का विवरण
ICC द्वारा अंपायरों का चयन कई महत्वपूर्ण मानदंडों के आधार पर किया जाता है। इसमें अंपायर का पिछला प्रदर्शन, उनका अनुभव, उनकी उपलब्धता और सबसे महत्वपूर्ण, उनकी तटस्थता शामिल होती है। इन सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए, ICC यह सुनिश्चित करती है कि मैच में निष्पक्षता बनी रहे। मैच रेफरी भी ICC एलीट पैनल से ही चुने जाते हैं और थर्ड अंपायर, जिसे टीवी अंपायर भी कहा जाता है, आमतौर पर ICC एलीट पैनल या इंटरनेशनल पैनल से एक तटस्थ अंपायर होता है। इसी प्रक्रिया के तहत, भारत-न्यूजीलैंड ODI सीरीज में बांग्लादेशी अंपायर शरफुद्दौला सैकत को थर्ड अंपायर के रूप में नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति ICC की तटस्थता और योग्यता-आधारित चयन प्रक्रिया को दर्शाती है, भले ही संबंधित देशों के बीच राजनीतिक या कूटनीतिक तनाव मौजूद हो।
मेजबान बोर्ड की सीमित भूमिका
यह समझना महत्वपूर्ण है कि मेजबान बोर्ड, जैसे कि BCCI, की अंपायरों की नियुक्ति में भूमिका बहुत सीमित होती है और मेजबान बोर्ड केवल चौथे अंपायर और स्थानीय मैचों में घरेलू अंपायरों को नियुक्त कर सकता है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए महत्वपूर्ण अंपायरों, जैसे कि ऑन-फील्ड अंपायर, थर्ड अंपायर और मैच रेफरी का चयन और नियुक्ति पूरी तरह से ICC के अधिकार क्षेत्र में आता है। यह प्रणाली यह सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन की गई है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अंपायरिंग के। निर्णय किसी भी स्थानीय प्रभाव या राजनीतिक दबाव से मुक्त रहें, जिससे खेल की अखंडता बनी रहे।