IPL 2026: विधानसभा चुनावों के कारण बदल सकता है शेड्यूल, तारीखों पर मंथन

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर IPL 2026 के कार्यक्रम में बदलाव पर विचार कर रहा है। टूर्नामेंट की शुरुआत 26 मार्च के बजाय 28 मार्च से हो सकती है। सुरक्षा और प्रशासनिक कारणों से चेन्नई और कोलकाता जैसे प्रमुख केंद्रों पर मैचों के आयोजन को लेकर चर्चा जारी है।

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 2026 सीजन के कार्यक्रम में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सूत्रों के अनुसार, देश के पांच राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के कारण टूर्नामेंट की शुरुआती तारीख को आगे बढ़ाया जा सकता है। पहले यह प्रतियोगिता 26 मार्च से शुरू होने वाली थी, लेकिन अब इसके 28 मार्च को शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, बोर्ड ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है और अंतिम निर्णय सुरक्षा एजेंसियों और चुनाव आयोग के साथ समन्वय के बाद लिया जाएगा।

विधानसभा चुनाव और सुरक्षा व्यवस्था का समन्वय

तमिलनाडु, केरल, असम, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों के कारण सुरक्षा व्यवस्था एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। इन राज्यों में चुनाव के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की आवश्यकता होती है। आईपीएल के मैचों के लिए भी व्यापक सुरक्षा इंतजामों की जरूरत होती है, जिसमें खिलाड़ियों की सुरक्षा, स्टेडियम का प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण शामिल है। अधिकारियों के अनुसार, चुनाव की तारीखों और मैचों के आयोजन के बीच टकराव से बचने के लिए बीसीसीआई शुरुआती मुकाबलों के कार्यक्रम में फेरबदल कर सकता है और विशेष रूप से उन शहरों में जहां मतदान के दिन और मैच के दिन आसपास हो सकते हैं, वहां स्थानीय प्रशासन के लिए दोहरी जिम्मेदारी निभाना कठिन हो सकता है।

प्रमुख स्टेडियमों और फ्रेंचाइजी वेन्यू पर संभावित प्रभाव

चुनाव वाले राज्यों में आईपीएल के कई महत्वपूर्ण वेन्यू स्थित हैं। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में स्थित एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) चेन्नई सुपर किंग्स का घरेलू मैदान है। इसी तरह, पश्चिम बंगाल के कोलकाता में स्थित ईडन गार्डन्स कोलकाता नाइट राइडर्स का मुख्य केंद्र है। असम के गुवाहाटी में स्थित बारसापारा क्रिकेट स्टेडियम भी राजस्थान रॉयल्स के दूसरे घरेलू मैदान के रूप में उपयोग किया जाता रहा है। इन स्टेडियमों में मैचों के आयोजन के लिए स्थानीय पुलिस की अनुमति अनिवार्य होती है। यदि चुनाव की तारीखें मैचों के साथ टकराती हैं, तो बीसीसीआई को इन वेन्यू पर होने वाले मैचों को दूसरे चरण में स्थानांतरित करना पड़ सकता है या उनके क्रम में बदलाव करना पड़ सकता है।

दो चरणों में कार्यक्रम घोषित करने की रणनीति

बीसीसीआई का इतिहास रहा है कि जब भी देश में आम चुनाव या बड़े विधानसभा चुनाव होते हैं, तो आईपीएल का शेड्यूल टुकड़ों में जारी किया जाता है। 2009, 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान भी बोर्ड ने इसी रणनीति का पालन किया था। इस बार भी संभावना है कि बीसीसीआई पहले 15 से 20 दिनों का शेड्यूल जारी करेगा और चुनाव आयोग द्वारा मतदान की तारीखों की घोषणा के बाद शेष टूर्नामेंट का कार्यक्रम तय किया जाएगा। इससे बोर्ड को लॉजिस्टिक चुनौतियों से निपटने और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। फ्रेंचाइजियों को भी इस संभावित बदलाव के बारे में अनौपचारिक रूप से सूचित किया गया है ताकि वे अपनी यात्रा और अभ्यास सत्र की योजना बना सकें।

आरसीबी के घरेलू मैदान और ओपनिंग मैच पर चर्चा

टूर्नामेंट के उद्घाटन मैच के वेन्यू को लेकर भी संशय की स्थिति बनी हुई है। नियमानुसार, डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को पहले मैच की मेजबानी करनी चाहिए। हालांकि, पिछले साल जून में बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में जीत के जश्न के दौरान हुई एक दुखद घटना, जिसमें 11 प्रशंसकों की मौत हो गई थी, के बाद सुरक्षा मानकों पर सवाल उठे हैं। कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन और आरसीबी प्रबंधन के बीच इस बात पर चर्चा चल रही है कि क्या टीम अपने सभी सात घरेलू मैच बेंगलुरु में खेलेगी या सुरक्षा कारणों से कुछ मैचों को किसी अन्य वेन्यू पर शिफ्ट किया जाएगा। बीसीसीआई की गवर्निंग काउंसिल इस मामले में अंतिम फैसला लेगी, क्योंकि ओपनिंग मैच में भारी भीड़ जुटने की उम्मीद होती है।

बीसीसीआई की आधिकारिक घोषणा और भविष्य की योजना

दिसंबर में अबू धाबी में हुई नीलामी के दौरान बीसीसीआई ने फ्रेंचाइजियों को सूचित किया था कि सीजन 26 मार्च से 31 मई तक चलेगा। यदि ओपनिंग की तारीख 28 मार्च होती है, तो भी फाइनल की तारीख 31 मई ही रहने की संभावना है क्योंकि उस दिन रविवार है। बोर्ड मार्च के पहले सप्ताह तक शेड्यूल का पहला हिस्सा जारी कर सकता है। अधिकारियों के अनुसार, टूर्नामेंट की अवधि को कम करने के लिए डबल हेडर (एक दिन में दो मैच) की संख्या बढ़ाई जा सकती है और वर्तमान में बीसीसीआई के अधिकारी विभिन्न राज्य क्रिकेट संघों के संपर्क में हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान क्रिकेट प्रशंसकों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े और खेल का आयोजन सुचारू रूप से हो सके।