उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले से एक बेहद डराने वाली खबर सामने आई है जहां शहर के एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र में भीषण आग लगने से भारी तबाही हुई है। यह घटना गुरुवार रात शहर के क्रिश्चियन तिराहे के पास स्थित कपड़ों की दुकानों में हुई। आग इतनी भयावह थी कि उसने देखते ही देखते तीन बड़े कपड़ों के शोरूम को अपनी चपेट में ले लिया। इस अग्निकांड में शोरूम के अंदर रखा लाखों रुपये का कीमती सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया है। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
घटना का विवरण और दमकल विभाग की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन और दमकल विभाग की टीम सक्रिय हो गई। दमकल विभाग की 3 गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। आग की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शोरूम के शटर गर्मी के कारण जाम हो गए थे और उन्हें सामान्य तरीके से खोलना संभव नहीं था। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने जेसीबी मशीन मंगवाई और उसकी मदद से दुकानों के शटर तोड़े गए ताकि दमकल कर्मी अंदर पहुंचकर पानी की बौछार कर सकें। काफी घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका लेकिन तब तक दुकानों के अंदर रखा सारा स्टॉक पूरी तरह नष्ट हो चुका था।
ग्राउंड फ्लोर से लेकर गोदाम तक मची तबाही
यह आग केवल दुकानों के सामने के हिस्से तक सीमित नहीं रही बल्कि इसने ग्राउंड फ्लोर से लेकर फर्स्ट और सेकंड फ्लोर पर बने गोदामों को भी अपनी चपेट में ले लिया। इन मंजिलों पर भारी मात्रा में कपड़ों का स्टॉक जमा था जिसने आग को और अधिक भड़काने का काम किया। क्रिश्चियन तिराहे पर स्थित इस मार्केट की बिल्डिंग में सिक्का कलेक्शन, लहंगा चुन्नी और एक अन्य कपड़े का शोरूम संचालित हो रहा था और एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि रात के करीब 11:45 बजे अचानक लहंगा चुन्नी के शोरूम में एक बहुत तेज धमाका हुआ। इस धमाके के तुरंत बाद दुकान के अंदर से आग की तेज लपटें निकलने लगीं और कुछ ही मिनटों में पास के अन्य शोरूम भी इसकी चपेट में आ गए। व्यापारियों को इस घटना में भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है जिसका सटीक आकलन अभी किया जाना बाकी है।
बागपत में हुआ दर्दनाक हादसा: मां-बेटी की मौत
इसी तरह की एक अन्य हृदयविदारक घटना पिछले गुरुवार को बागपत जिले के खेकड़ा में भी देखने को मिली थी। वहां एक घर में लगी भीषण आग ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। इस दर्दनाक हादसे में स्वाति जैन और उनकी महज 6 साल की मासूम बेटी अनन्या जैन की जिंदा जलने से मौत हो गई। घर में लगी आग इतनी अचानक और तेज थी कि उन्हें बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। इस दौरान परिवार के अन्य सदस्यों को बचाने की कोशिश में स्वाति का बेटा अंकुर जैन भी बुरी तरह झुलस गया जिसका उपचार चल रहा है। मैनपुरी और बागपत की इन दोनों घटनाओं ने अग्नि सुरक्षा मानकों और आपातकालीन तैयारियों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
