IND vs NZ ODI / न्यूजीलैंड ने भारत में पहली बार जीती वनडे सीरीज, इंदौर में कोहली का शतक बेकार

न्यूजीलैंड ने भारत में अपनी पहली वनडे सीरीज जीतकर इतिहास रच दिया है। इंदौर में खेले गए तीसरे वनडे में उन्होंने मेजबान टीम को 41 रन से हराया। डेरिल मिचेल (137) और ग्लेन फिलिप्स (106) के शतकों ने न्यूजीलैंड को 337 तक पहुंचाया, जबकि विराट कोहली का 124 रन का शतक भारत को जीत नहीं दिला सका।

न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम ने भारतीय सरजमीं पर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जहां उन्होंने भारत में अपनी पहली द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीत ली है और यह जीत इंदौर में खेले गए तीसरे और निर्णायक वनडे मैच में मेजबान टीम को 41 रनों से हराकर दर्ज की गई। इस शानदार प्रदर्शन के साथ, न्यूजीलैंड ने न केवल सीरीज अपने नाम की, बल्कि भारतीय टीम को होलकर स्टेडियम में पहली बार हार का स्वाद भी चखाया, जो अब तक उनके लिए एक अभेद्य किला रहा था।

न्यूजीलैंड की ऐतिहासिक सीरीज जीत

यह जीत न्यूजीलैंड के लिए दशकों के इंतजार का अंत है। कीवी टीम ने भारत में पहली बार वनडे सीरीज जीतने का कारनामा किया है। इससे पहले, न्यूजीलैंड ने लगातार सात वनडे सीरीज भारत में हारी थीं। 1988-89 में पहली बार भारत का दौरा करने के बाद से, न्यूजीलैंड की टीम ने सात बार द्विपक्षीय वनडे सीरीज खेलने के लिए भारत का दौरा किया था, लेकिन हर बार उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा और यह उनका आठवां प्रयास था, जिसमें उन्हें आखिरकार सफलता मिली और उन्होंने भारतीय सरजमीं पर एक नया इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि न्यूजीलैंड क्रिकेट के लिए एक मील का पत्थर है,। जो उनकी दृढ़ता और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाती है।

इंदौर में निर्णायक मुकाबला: न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी का जलवा

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम ने महज 58 रन पर अपने तीन महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए थे, जिससे वे मुश्किल में नजर आ रहे थे। इस नाजुक मोड़ पर, डेरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स ने मोर्चा संभाला और चौथे विकेट के लिए एक असाधारण साझेदारी की। दोनों बल्लेबाजों ने 188 गेंदों पर 219 रनों की विशाल साझेदारी। करके टीम को संकट से उबारा और एक मजबूत स्थिति में पहुंचाया। मिचेल ने 137 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि फिलिप्स ने भी 106 रनों का बेहतरीन शतक जड़ा। इन दोनों शतकीय पारियों की बदौलत न्यूजीलैंड ने निर्धारित 50 ओवरों में 8 विकेट खोकर 337। रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो भारतीय बल्लेबाजों के लिए एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य साबित हुआ।

भारत का पीछा और कोहली का जुझारू शतक

338 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के लिए यह आसान नहीं था। भारतीय बल्लेबाजों को न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने लगातार दबाव में रखा। हालांकि, विराट कोहली ने एक बार फिर अपनी क्लास का प्रदर्शन किया और 108 गेंदों पर 124 रनों की शतकीय पारी खेली। यह कोहली का एक और शानदार शतक था, लेकिन दुर्भाग्यवश, यह टीम को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं था और कोहली ने एक छोर संभाले रखा, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें पर्याप्त समर्थन नहीं मिल सका। भारतीय टीम 46 ओवर में 296 रन पर ऑलआउट हो गई, और इस तरह 41 रनों से मैच हार गई।

होलकर स्टेडियम का अभेद्य किला टूटा

न्यूजीलैंड की जीत में उनके गेंदबाजों ने भी अहम भूमिका निभाई। क्रिस्टियन क्लार्क और जैक फॉल्क्स ने भारतीय बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। दोनों गेंदबाजों ने 3-3 विकेट झटके, जिससे भारतीय टीम को लगातार झटके लगे और वे लक्ष्य तक पहुंचने में नाकाम रहे और उनकी सटीक गेंदबाजी और दबाव बनाने की क्षमता ने न्यूजीलैंड को मैच में ऊपरी हाथ बनाए रखने में मदद की। भारतीय बल्लेबाजों को उनके सामने रन बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा, और अंततः वे पूरी तरह से बिखर गए। इंदौर का होलकर स्टेडियम भारतीय टीम के लिए एक भाग्यशाली मैदान रहा था, जहां उन्होंने इससे पहले कभी कोई वनडे मैच नहीं हारा था। लेकिन न्यूजीलैंड की इस ऐतिहासिक जीत ने इस रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया। होलकर स्टेडियम में यह भारत की पहली हार थी, जो न्यूजीलैंड की जीत को और भी यादगार बनाती है। यह दर्शाता है कि न्यूजीलैंड ने न केवल सीरीज जीती, बल्कि भारतीय। टीम के घरेलू मैदान पर उनके अजेय रिकॉर्ड को भी समाप्त कर दिया।

भारत में न्यूजीलैंड की हालिया सफलताएं

यह सिर्फ वनडे सीरीज की जीत नहीं है, बल्कि न्यूजीलैंड ने पिछले 14 महीनों के भीतर भारतीय सरजमीं पर भारत को दूसरी बार सीरीज हराने में कामयाबी हासिल की है। इससे पहले, नवंबर 2024 में न्यूजीलैंड ने भारतीय सरजमीं पर टीम इंडिया को 3 मैचों की टेस्ट सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया था और तब भी न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया के घर में पहली बार टेस्ट सीरीज अपने नाम की थी। अब कीवी टीम ने पहली वनडे सीरीज जीतते ही एक और नया इतिहास रच दिया है, जो भारत में उनकी बढ़ती ताकत और अनुकूलन क्षमता को दर्शाता है। यह जीत न्यूजीलैंड क्रिकेट के लिए एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है, जहां वे अब भारतीय परिस्थितियों में भी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।