- भारत,
- 16-Nov-2025 08:29 AM IST
लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने राबड़ी आवास, दस सर्कुलर रोड पटना से दिल्ली के लिए प्रस्थान करते हुए अपने परिवार और पार्टी के भीतर चल रहे घमासान को सार्वजनिक कर दिया है। यह वही निवास है जहां लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव रहते हैं। दिल्ली रवाना होने से ठीक पहले, रोहिणी ने मीडिया से बातचीत में कई गंभीर आरोप। लगाए, जिससे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के भीतर की कलह खुलकर सामने आ गई है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनका कोई परिवार नहीं है और उन्हें उन्हीं लोगों ने परिवार से निकाला है।
परिवार से निष्कासन और जिम्मेदारी से इनकार
रोहिणी आचार्य ने अपनी बातों में गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा, "मेरा कोई परिवार नहीं है। इन्हीं लोगों ने मुझे घर से निकाला है। " यह बयान सीधे तौर पर उनके भाई तेजस्वी यादव और पार्टी के अन्य प्रमुख सदस्यों पर निशाना साधता है। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी की हालिया हार की जिम्मेदारी कोई लेना नहीं चाहता। रोहिणी के अनुसार, जब पूरी दुनिया सवाल कर रही है कि पार्टी का ऐसा हाल क्यों हुआ, तो कोई भी इस हार की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। यह आरोप पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर सीधा हमला है, जो दर्शाता है कि अंदरूनी तौर पर सब कुछ ठीक नहीं है।संजय, रमीज और तेजस्वी पर सीधा आरोप
रोहिणी आचार्य ने अपनी नाराजगी का मुख्य कारण संजय यादव, रमीज और तेजस्वी यादव को बताया। उन्होंने कहा कि जब इन नामों का उल्लेख किया जाता है, तो सवाल करने वाले को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते हैं। उनके शब्दों में, "जब संजय, रमीज और तेजस्वी यादव का नाम लो तो आपको घर से निकाल दिया जाएगा। आपको बदनाम किया जाएगा। आपको गाली दिलवाई जाएगी और चप्पल उठाकर आपको मारा जाएगा और " यह बयान पार्टी के भीतर असहमति को दबाने और आलोचना को रोकने के प्रयासों की ओर इशारा करता है। रोहिणी का मानना है कि पार्टी की वर्तमान स्थिति के लिए ये तीनों व्यक्ति जिम्मेदार हैं और उनसे सवाल पूछना खतरनाक हो सकता है।पार्टी और परिवार में घमासान का कारण
विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद से ही लालू यादव की पार्टी और परिवार दोनों में आंतरिक कलह तेज हो गई है। रोहिणी आचार्य ने इस हार के लिए सीधे तौर पर संजय यादव और रमीज को जिम्मेदार ठहराया है और उन्होंने यहां तक कहा कि उन्होंने राजनीति और परिवार दोनों छोड़ने का फैसला कर लिया है, जो इस बात का संकेत है कि स्थिति कितनी गंभीर है। यह घमासान केवल राजनीतिक हार तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवार। के सदस्यों के बीच व्यक्तिगत संबंधों को भी प्रभावित कर रहा है।संजय यादव से रोहिणी की नाराजगी
रोहिणी आचार्य की संजय यादव से नाराजगी कोई नई बात नहीं है और छपरा से लोकसभा चुनाव हारने के बाद से ही वह संजय यादव से खफा थीं। इसके अलावा, तेज प्रताप यादव प्रकरण में भी रोहिणी संजय यादव को ही दोषी मानती हैं। तेज प्रताप यादव भी संजय यादव को ही पार्टी और परिवार से बेदखल होने का जिम्मेदार मानते हैं और उन्हें "जयचंद" कहकर संबोधित करते हैं। रोहिणी को लगता है कि संजय यादव पार्टी के नेता, कार्यकर्ता और तेजस्वी यादव के बीच एक बाधा (बैरियर) का काम कर रहे हैं, जिससे सही संवाद और निर्णय नहीं हो पा रहे हैं और यह स्थिति पार्टी के भीतर गुटबाजी और अविश्वास को दर्शाती है।चाणक्य से सवाल और उसका परिणाम
रोहिणी आचार्य ने अपने बयान में "चाणक्य" शब्द का भी प्रयोग किया, जिसका सीधा इशारा तेजस्वी यादव की ओर था। उन्होंने कहा, "पूरी दुनिया बोल रही है, जो चाणक्य बनेगा सवाल उसी से किया जाएगा ना और जब कार्यकर्ता चाणक्य से सवाल कर रहा है, सब सवाल कर रहे हैं कि पार्टी का ऐसा हाल क्यों हुआ? " यह दर्शाता है कि पार्टी के कार्यकर्ता भी नेतृत्व से जवाबदेही। की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें चुप कराया जा रहा है। रोहिणी के अनुसार, इन सवालों का जवाब देने के बजाय, सवाल उठाने वालों को अपमानित और प्रताड़ित किया जाता है। यह स्थिति राजद के भविष्य के लिए चिंताजनक संकेत है, क्योंकि। आंतरिक मतभेद और असंतोष पार्टी की एकजुटता को कमजोर कर सकते हैं।#WATCH पटना, बिहार: RJD नेता रोहिणी आचार्य ने राजनीति छोड़ने पर कहा, "मेरा कोई परिवार नहीं है। उन्होंने ही मुझे परिवार से निकाला है। उन्हें जिम्मेदारी नहीं लेनी है... सारी दुनिया सवाल कर रही है कि पार्टी का ऐसा हाल क्यों हुआ है?..." pic.twitter.com/XcgyhKV8RA
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 15, 2025
