Chandrayaan-3 Mission: भारत का मिशन चंद्रयान-3 चांद के दक्षिणी ध्रुव पर एक्टिव है और हर रोज़ ताज़ा अपडेट आ रहे हैं. बीते दिन प्रज्ञान रोवर ने विक्रम लैंडर की तस्वीर खींची थी, अब विक्रम लैंडर ने प्रज्ञान को अपने कैमरे में कैद किया है. प्रज्ञान रोवर चांद की सतह पर चक्कर काट रहा था, इस दौरान विक्रम लैंडर ने उसकी वीडियो शूट की. इसरो ने गुरुवार को ट्वीट करते हुए लिखा कि प्रज्ञान रोवर चांद पर सेफ रूट की तलाश में घूम रहा था. इस रोटेशन को लैंडर के कैमरे में कैद किया गया है. ऐसा लग रहा है कि कोई बच्चा चंदा मामा के आंगन में खेल रहा है और मां उसे लाड से देख रही है. है ना?
भारत के चंद्रयान-3 को चांद पर लैंड हुए एक हफ्ता हो गया है और अब उसका एक हफ्ता बाकी है. बीते दिन ही इसरो ने प्रज्ञान रोवर द्वारा क्लिक की गई विक्रम लैंडर की तस्वीरें ट्वीट की थीं, जिसमें विक्रम चांद के साउथ पोल पर नज़र आ रहा था.
हिन्दुस्तान को मिली हैं कई कामयाबी
गुरुवार को ही इसरो ने यह पुष्टि करते हुए कहा कि हमें एक और तकनीक से चांद पर सल्फर होने के सबूत मिले हैं. इससे पहले भी अन्य तकनीक से चांद पर इसके होने की पुष्टि इसरो कर चुका था. इतना ही नहीं सल्फर के अलावा ऑक्सीजन समेत कुल 8 तत्व चांद की मिट्टी में पाए गए हैं जो इसरो के लिए बड़ी कामयाबी है.
Chandrayaan-3 Mission:
— ISRO (@isro) August 31, 2023
In-situ Scientific Experiments
Another instrument onboard the Rover confirms the presence of Sulphur (S) in the region, through another technique.
The Alpha Particle X-ray Spectroscope (APXS) has detected S, as well as other minor elements.
This… pic.twitter.com/lkZtz7IVSY
चांद पर सिर्फ कई तत्व ही नहीं बल्कि तापमान में आने वाले अंतर को भी विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर ने खोजा है. चांद पर करीब 70 डिग्री तक तापमान में अंतर आता है, सतह के अंदर जाते हुए चांद का तापमान भी माइनस में चला जाता है. विक्रम और प्रज्ञान द्वारा चांद के साउथ पोल पर की गई इस खोज ने दुनियाभर के वैज्ञानिकों को चौंका दिया था.
भारत का चंद्रयान-3 मिशन 14 जुलाई को लॉन्च हुआ था, 23 अगस्त को यह चांद के साउथ पोल पर लैंड हुआ. इसरो के मुताबिक, इसकी लाइफ सिर्फ 14 दिन की है, जो चांद पर एक दिन होता है. चांद के इस हिस्से में सूरज के डूबने के साथ ही प्रज्ञान और विक्रम काम करना बंद कर देंगे.
