Virat Kohli Record / विराट कोहली ने रचा इतिहास: सचिन तेंदुलकर का 17 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा

विराट कोहली ने न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे में सर्वाधिक रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बनकर सचिन तेंदुलकर का 17 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। राजकोट में दूसरे वनडे के दौरान कोहली ने यह उपलब्धि हासिल की, जिससे वह रिकी पोंटिंग के बाद दूसरे स्थान पर आ गए हैं।

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले जा रहे दूसरे वनडे मुकाबले में क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के एक और बड़े कीर्तिमान को ध्वस्त कर दिया। राजकोट में हुए इस महत्वपूर्ण मैच में, कोहली न्यूजीलैंड के खिलाफ एकदिवसीय। अंतरराष्ट्रीय मैचों में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि सचिन तेंदुलकर ने साल 2009 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना आखिरी वनडे खेला था, और तब से लेकर अब तक, यानी लगभग 17 साल बाद, किसी भारतीय बल्लेबाज ने यह रिकॉर्ड तोड़ा है। विराट कोहली इस समय शानदार फॉर्म में हैं, और जब भी वह मैदान। पर उतरते हैं, तो कोई न कोई नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लेते हैं।

न्यूजीलैंड के खिलाफ सर्वाधिक रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज

विराट कोहली ने न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बनकर एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया है और उन्होंने सचिन तेंदुलकर के 1750 रनों के आंकड़े को पार कर लिया है। कोहली ने अब तक न्यूजीलैंड के खिलाफ 35 मैचों में 1760 से अधिक रन बनाए हैं, जिसमें 6 शतक और 10 अर्धशतक शामिल हैं। यह आंकड़े उनकी निरंतरता और न्यूजीलैंड के खिलाफ उनके शानदार प्रदर्शन को दर्शाते हैं। सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर में न्यूजीलैंड के खिलाफ 42 वनडे मैच खेले थे और 1750 रन बनाए थे, जिसमें 5 शतक और 8 अर्धशतक शामिल थे। कोहली ने कम मैचों में सचिन के रिकॉर्ड को तोड़कर अपनी बल्लेबाजी क्षमता का प्रदर्शन किया है।

रिकॉर्ड तोड़ने की राह और पहला वनडे

विराट कोहली इस रिकॉर्ड को तोड़ने के करीब पहले वनडे में ही पहुंच गए थे। सीरीज के पहले मैच में, उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 93 रनों की पारी खेली थी और शतक से चूक गए थे। उस मैच में अगर वह शतक बना लेते या कुछ और रन जोड़ लेते, तो यह रिकॉर्ड तभी टूट जाता। हालांकि, राजकोट में खेले गए दूसरे मुकाबले में उन्होंने इस अधूरे काम को पूरा किया और सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ते हुए न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे ज्यादा वनडे रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए। यह दिखाता है कि कोहली किस तरह से हर मैच में अपनी छाप छोड़ने। के लिए प्रतिबद्ध रहते हैं और बड़े रिकॉर्ड्स पर उनकी नजर हमेशा बनी रहती है।

सचिन तेंदुलकर का न्यूजीलैंड के खिलाफ प्रदर्शन

सचिन तेंदुलकर, जिन्हें क्रिकेट की दुनिया में 'मास्टर ब्लास्टर' के नाम से जाना जाता है, ने न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने करियर में एक शानदार रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने साल 1990 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना पहला वनडे मैच खेला था और 2009 तक इस टीम के खिलाफ खेलते रहे और इस दौरान, उन्होंने 42 मैचों में कुल 1750 रन बनाए, जिसमें 5 शतक और 8 अर्धशतक शामिल थे। सचिन का यह रिकॉर्ड लगभग दो दशकों तक कायम रहा, जो उनकी बल्लेबाजी की महानता और न्यूजीलैंड के खिलाफ उनकी निरंतरता का प्रमाण है और 17 साल बाद इस रिकॉर्ड का टूटना विराट कोहली की असाधारण प्रतिभा और उनके रिकॉर्ड-ब्रेकिंग स्वभाव को दर्शाता है।

विश्व स्तर पर रिकी पोंटिंग से तुलना

हालांकि विराट कोहली न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं, लेकिन दुनियाभर के बल्लेबाजों की बात की जाए तो अभी भी ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग इस सूची में पहले नंबर पर बने हुए हैं और रिकी पोंटिंग ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 51 मैच खेलकर 1971 रन बनाए हैं, जिसमें 6 शतक और 12 अर्धशतक शामिल हैं। कोहली (1760+ रन) अभी भी पोंटिंग से कुछ पीछे हैं, लेकिन जिस तरह की फॉर्म में वह चल रहे हैं, उसे देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले समय में वह पोंटिंग के इस रिकॉर्ड को भी ध्वस्त कर सकते हैं। यह उनके लिए एक और बड़ा लक्ष्य होगा जिसे वह हासिल करना चाहेंगे।

भविष्य की संभावनाएं और आगामी लक्ष्य

विराट कोहली के पास अभी भी अपने करियर में कई और रिकॉर्ड तोड़ने का अवसर है। न्यूजीलैंड के खिलाफ रिकी पोंटिंग के रिकॉर्ड को तोड़ना उनका अगला लक्ष्य हो सकता है और जिस गति से वह रन बना रहे हैं और जिस तरह की फिटनेस उन्होंने बनाए रखी है, उसे देखते हुए यह लक्ष्य भी जल्द ही हासिल किया जा सकता है। कोहली की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारतीय क्रिकेट के लिए भी गर्व का क्षण है। उनकी निरंतरता और बड़े मैचों में प्रदर्शन करने की क्षमता। उन्हें आधुनिक क्रिकेट के महानतम खिलाड़ियों में से एक बनाती है। यह रिकॉर्ड तोड़ना उनकी महानता की एक और पुष्टि है और यह दर्शाता है कि वह लगातार क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा रहे हैं। विराट कोहली का यह प्रदर्शन युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और यह भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है। उनकी बल्लेबाजी की कला और रिकॉर्ड तोड़ने की भूख उन्हें खेल के शिखर पर बनाए रखती है।