NDA Meeting: एक तरफ विपक्षी दल एकजुट होकर बेंगलुरु में महाबैठक कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आज राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की भी अहम बैठक है, जिसमें 38 राजनीतिक दलों के शामिल होने की पुष्टि हुई है। चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), ओ पी राजभर के नेतृत्व वाली सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) सहित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई नये सहयोगी दल मंगलवार को इस मीटिंग में शामिल होंगे। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बताया कि लंबे अरसे बाद हो रही एनडीए की बैठक में 38 दलों ने शामिल होने की पुष्टि की है। इस दौरान पीएम मोदी भी मौजूद रहेंगे।
ये 38 पार्टियां होंगी बैठक में शामिल
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
- शिव सेना शिंदे गुट (एसएचएस)
- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-अजीत पवार)
- राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (पशुपति कुमार पारस के नेतृत्व वाली)
- ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK)
- अपना दल (सोनेलाल)
- नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी)
- नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी)
- ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू)
- सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम)
- मिज़ो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ)
- इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी)
- नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ)
- रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले)
- असम गण परिषद (एजीपी)
- पट्टाली मक्कल काची (पीएमके)
- तमिल मनीला कांग्रेस (टीएमसी)
- यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल)
- सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP)
- शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त)
- महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी)
- जननायक जनता पार्टी (जेजेपी)
- प्रहार जनशक्ति पार्टी
- राष्ट्रीय समाज पक्ष
- जन सुराज्य शक्ति पार्टी
- कूकी पीपुल्स अलाइंस
- यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (मेघालय)
- हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी
- निषाद पार्टी
- ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (एआईएनआरसी)
- हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM)
- जन सेना पार्टी (जेएसपी)
- हरियाणा लोकहित पार्टी
- भारत धर्म जनसेना
- केरल कामराज कांग्रेस
- पुथिया तमिलगम
- लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास)
- गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के दौरान यह NDA की इस स्तर की पहली बैठक होगी। यह बैठक ऐसे समय में गठबंधन करने की बीजेपी की क्षमता को दिखाने पर पार्टी का ध्यान केंद्रित होने की बात को रेखांकित करती है, जब विपक्षी दल 2024 लोकसभा चुनाव से पहले एकजुट होने के लिए बैठक कर रहे हैं।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने सोमवार को नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। नड्डा ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘चिराग पासवान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाले राजग में शामिल होने का फैसला किया है। मैं राजग परिवार में उनका स्वागत करता हूं।"
चाचा बनाम भतीजे की जंग!
एनडीए में वापसी कर रहे चिराग पासवान ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि 2019 में गठबंधन का हिस्सा होते हुए नीतीश कुमार ने हमारे प्रत्याशियों को हराने की कोशिश की थी, मुझे उकसाया गया था लेकिन हमने प्रधानमंत्री को लेकर कभी कोई गलत बात नहीं की.
हाजीपुर लोकसभा सीट के लिए चिराग पासवान ने कहा कि ये सीट मेरे लिए अहम है, गठबंधन में हाजीपुर सीट हम ही लेंगे. चाचा जो कहना चाहें कहें वो मेरे पिता के भाई हैं, मैं उनको पिता की तरह ही देखता हूं. लेकिन उनकी बयानबाजी से दुख पहुंचता है, मैं उनपर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा.
चिराग पासवान के इस ऐलान पर केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस पासवान ने अपनी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि ये असंभव चीज़ है, हाजीपुर सीट मैं क्यों छोड़ूंगा. वह मेरी कर्मभूमि है, मैं 1977 से वहां की सेवा कर रहा हूं. भैया जब राज्यसभा गए तो उन्होंने मुझे यहां की जिम्मेदारी दी, आज मैं यहां से ही मंत्री हूं. चिराग पहले ही जमुई से लड़ते आए हैं, ऐसे में अब भी वो वहां से ही लड़ें.