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असम सीएम के गौरव गोगोई पर आरोप: पाकिस्तान लिंक के 10 मुख्य बिंदु

असम सीएम के गौरव गोगोई पर आरोप: पाकिस्तान लिंक के 10 मुख्य बिंदु
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और उनकी पत्नी एलिजाबेथ के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। मुख्यमंत्री का दावा है कि उनके द्वारा कराई गई एक जांच में गौरव गोगोई और उनकी पत्नी के पाकिस्तान के साथ संदिग्ध संबंधों का खुलासा हुआ है और मुख्यमंत्री ने इन आरोपों को 10 मुख्य बिंदुओं में विभाजित किया है, जिसमें वित्तीय अनियमितताओं से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दे शामिल हैं।

वित्तीय विसंगतियां और बैंक खातों का विवरण

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अनुसार, गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ का पाकिस्तान में एक सक्रिय बैंक खाता है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि एलिजाबेथ को भुगतान करने के लिए विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन किया गया है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि गौरव गोगोई ने अपने चुनावी हलफनामे में अपनी पत्नी के इस पाकिस्तानी बैंक खाते की जानकारी साझा नहीं की है, जो कि कानूनी रूप से अनिवार्य है।

यात्रा विवरण और सुरक्षा एजेंसियों से बचाव के आरोप

मुख्यमंत्री ने एलिजाबेथ की पाकिस्तान यात्राओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने एक भारतीय कंपनी में काम करते समय 6 बार इस्लामाबाद का दौरा किया। इसके बाद, एक अन्य गैर-सरकारी संगठन (NGO) से जुड़ने के बाद उन्होंने 3 बार और पाकिस्तान की यात्रा की। मुख्यमंत्री का आरोप है कि एलिजाबेथ ने हमेशा अटारी बॉर्डर के माध्यम से सड़क मार्ग से यात्रा की और कभी भी हवाई मार्ग का उपयोग नहीं किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, ऐसा सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी से बचने के लिए किया गया था।

पाकिस्तानी अधिकारियों और जासूसी के आरोप

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मार्च 2011 से मार्च 2012 के बीच एलिजाबेथ पाकिस्तान में कार्यरत थीं और इस दौरान वह वहां के उच्च पदस्थ अधिकारियों के संपर्क में थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि एलिजाबेथ का परिवार पाकिस्तान के अली तौकीर शेख नामक व्यक्ति के काफी करीब था, जिसके बारे में गंभीर जानकारियां प्राप्त हुई हैं। मुख्यमंत्री का आरोप है कि एलिजाबेथ भारत से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां एकत्र कर अली शेख को रिपोर्ट करती थीं, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के दौरान जलवायु परिवर्तन संबंधी आईबी सूत्रों की जानकारियां भी शामिल थीं।

गौरव गोगोई की गोपनीय पाकिस्तान यात्रा

मुख्यमंत्री ने गौरव गोगोई पर भी सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि दिसंबर 2013 में उन्होंने अत्यंत गोपनीय तरीके से पाकिस्तान की यात्रा की थी। उस समय वह असम के मुख्यमंत्री आवास में रह रहे थे, लेकिन इस यात्रा की जानकारी असम पुलिस को नहीं दी गई थी। मुख्यमंत्री के अनुसार, गौरव गोगोई को केवल लाहौर का वीजा मिला था, लेकिन वह नियमों का उल्लंघन कर इस्लामाबाद और कराची भी गए। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 10 दिनों की इस यात्रा के दौरान वह 'डिजिटली साइलेंट' थे, जो किसी विशेष प्रशिक्षण की ओर संकेत करता है।

संसदीय प्रश्न और उच्चायोग से संपर्क

मुख्यमंत्री ने एक और गंभीर बिंदु उठाते हुए कहा कि 2013 की पाकिस्तान यात्रा से लौटने के तुरंत बाद गौरव गोगोई ने संसद में रक्षा उपकरणों और परमाणु संयंत्रों से संबंधित विशिष्ट प्रश्न पूछे थे। मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि इन तकनीकी और संवेदनशील सवालों की सूची किसने तैयार की थी। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि गौरव गोगोई युवाओं के एक समूह के साथ पाकिस्तान उच्चायोग गए थे और तत्कालीन उच्चायुक्त अब्दुल बासित से मुलाकात की थी, जो बाद में असम भी आए थे।

विश्लेषकों का दृष्टिकोण

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मुख्यमंत्री द्वारा लगाए गए ये आरोप राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए आने वाले समय में केंद्रीय जांच एजेंसियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, कांग्रेस पार्टी और गौरव गोगोई की ओर से इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया जा रहा है।

निष्कर्ष

असम के मुख्यमंत्री द्वारा लगाए गए ये आरोप न केवल व्यक्तिगत हैं, बल्कि इनमें राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेशी संबंधों के जटिल पहलू भी शामिल हैं और मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इन तथ्यों को सार्वजनिक करना राज्य और राष्ट्र के हित में आवश्यक था। अब यह देखना होगा कि इन आरोपों पर कानूनी और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं किस दिशा में जाती हैं।

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