अलवर बोरवेल रेस्क्यू: पतंग लूटते समय 50 फीट गहरे बोरवेल में गिरा 9 साल का भानु

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अलवर बोरवेल रेस्क्यू: पतंग लूटते समय 50 फीट गहरे बोरवेल में गिरा 9 साल का भानु
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राजस्थान के अलवर जिले में सोमवार की शाम एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक 9 साल का मासूम बच्चा खुले बोरवेल में गिर गया। यह हादसा रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बुटोली गांव में हुआ और पीड़ित बच्चे की पहचान भानु के रूप में हुई है, जो शीशराम का पुत्र है। जानकारी के अनुसार, भानु एक कटी हुई पतंग का पीछा कर रहा था, तभी वह अनजाने में इस गहरे बोरवेल की चपेट में आ गया। बताया जा रहा है कि बोरवेल की कुल गहराई लगभग 400 फीट है, लेकिन राहत की बात यह है कि बच्चा वर्तमान में 50 से 55 फीट की गहराई पर अटका हुआ है। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं।

हादसे का घटनाक्रम

लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के बुटोली गांव में रहने वाला भानु सोमवार शाम को खेल रहा था। इसी दौरान उसने एक कटी हुई पतंग को देखा और उसे पकड़ने के लिए खेतों की ओर दौड़ पड़ा। खेत में एक पुराना और काफी समय से बंद पड़ा बोरवेल था, जिसे एक पत्थर से ढका गया था। हालांकि, वह पत्थर अपनी जगह से आधा खिसका हुआ था। पतंग लूटने की जल्दबाजी में भानु का ध्यान उस पत्थर पर नहीं गया और जैसे ही उसका पैर पत्थर पर पड़ा, वह पूरी तरह हट गया। इसके साथ ही भानु सीधे बोरवेल के अंधेरे गड्ढे में समा गया। ग्रामीणों ने बताया कि यह बोरवेल काफी पुराना है और लंबे समय से इसका उपयोग नहीं हो रहा था, जिसके कारण इसकी सुरक्षा पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया था।

बचाव कार्य और तकनीकी प्रयास

हादसे की खबर मिलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचित किया। मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने स्थिति का जायजा लिया और तुरंत खुदाई का काम शुरू कर दिया। वर्तमान में 2 जेसीबी मशीनों की सहायता से बोरवेल के समानांतर गड्ढा खोदा जा रहा है ताकि बच्चे तक पहुंचने के लिए एक सुरक्षित रास्ता बनाया जा सके। शुरुआती जांच और ग्रामीणों के दावों के अनुसार, बोरवेल के अंदर से बच्चे की आवाज सुनाई दे रही है, जिससे उसके सुरक्षित होने की उम्मीद बनी हुई है। प्रशासन की पहली प्राथमिकता बच्चे को बिना किसी चोट के बाहर निकालना है और इसके लिए जरूरी उपकरण भी मौके पर मंगाए गए हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए रामगढ़ विधायक सुखवंत सिंह तुरंत बुटोली गांव पहुंचे। उन्होंने बचाव कार्य का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेस्क्यू ऑपरेशन में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए और विधायक के साथ-साथ एसडीएम मनीषा रेशम, तहसीलदार मनीष कुमार शर्मा, डीएसपी नरेंद्र कुमार और थाना प्रभारी राजेश कुमार भी घटनास्थल पर डटे हुए हैं। जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को भी अलर्ट कर दिया है और वे जल्द ही मौके पर पहुंचकर कमान संभालेंगी। पुलिस प्रशासन मौके पर मौजूद भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहा है ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा न आए।

खुले बोरवेल और परिजनों की स्थिति

इस हादसे ने एक बार फिर खुले बोरवेलों से होने वाले खतरों को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि खेत में आवाजाही कम होने के कारण किसी का ध्यान इस आधे खुले बोरवेल पर नहीं गया। इधर, भानु के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे अपने लाडले की सलामती के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं। पूरा गांव इस समय भानु के सुरक्षित बाहर आने का इंतजार कर रहा है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि वे बच्चे को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक भानु को बाहर नहीं निकाल लिया जाता।

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