US-Venezuela Conflict: अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला, राष्ट्रपति मादुरो गिरफ्तार; ट्रम्प ने कहा- 'शानदार ऑपरेशन'

US-Venezuela Conflict - अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला, राष्ट्रपति मादुरो गिरफ्तार; ट्रम्प ने कहा- 'शानदार ऑपरेशन'
| Updated on: 03-Jan-2026 05:38 PM IST
अमेरिका ने वेनेजुएला पर एक बड़ा सैन्य हमला किया है, जिसके परिणामस्वरूप वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया एडेला को गिरफ्तार कर लिया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी अब अमेरिकी सैनिकों के कब्जे में हैं और उन्हें वेनेजुएला से बाहर ले जाया गया है और यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ा रहा है और वेनेजुएला के भविष्य को लेकर अनिश्चितता पैदा कर रहा है।

सैन्य कार्रवाई और गिरफ्तारी

अमेरिकी सेना ने बीती रात करीब 2 बजे, भारतीय समयानुसार शनिवार सुबह 11:30 बजे, वेनेजुएला के चार प्रमुख शहरों पर हवाई हमले किए। इन हमलों में मुख्य रूप से सैन्य ठिकानों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों को निशाना बनाया गया। राष्ट्रपति ट्रम्प ने घोषणा की कि वह भारतीय समयानुसार रात 9:30 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पूरे मामले पर विस्तृत जानकारी देंगे। इस सैन्य अभियान को अमेरिकी प्रशासन द्वारा एक 'शानदार ऑपरेशन' बताया जा रहा है, जिसमें वेनेजुएला के नेतृत्व को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया है। मादुरो की गिरफ्तारी की एक तस्वीर भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें उन्हें DEA (ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन) के अधिकारियों द्वारा ले जाते हुए देखा जा सकता है। DEA अमेरिका की एक सरकारी एजेंसी है जो ड्रग्स से जुड़े अपराधों को रोकने और अवैध ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करने का काम करती है, और यह अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट के तहत काम करती है।

वेनेजुएला में आपातकाल की घोषणा

अमेरिकी हमले से पहले, वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो ने एक बयान जारी कर जवाबी कार्रवाई की धमकी दी थी और देशभर में आपातकाल लागू करने की घोषणा की थी। हालांकि, उनके इस बयान के ठीक एक घंटे बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने मादुरो की गिरफ्तारी का ऐलान कर दिया, जिससे वेनेजुएला में राजनीतिक और सुरक्षा स्थिति और भी गंभीर हो गई है और आपातकाल की घोषणा के बाद वेनेजुएला की सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया था, लेकिन अमेरिकी कार्रवाई की गति इतनी तेज थी कि मादुरो को प्रतिक्रिया देने का पर्याप्त समय नहीं मिला।

हमले के पीछे के प्रमुख कारण

अमेरिका ने वेनेजुएला पर इस सैन्य कार्रवाई के पीछे तीन प्रमुख कारण बताए हैं। पहला कारण तेल कंपनियों को लेकर विवाद है। ट्रम्प का दावा है कि वेनेजुएला ने अमेरिकी कंपनियों के तेल अधिकारों को अवैध रूप से छीन लिया था, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक तनाव बढ़ गया था। दूसरा महत्वपूर्ण कारण ड्रग्स तस्करी है और ट्रम्प के अनुसार, वेनेजुएला अमेरिका में खतरनाक ड्रग्स की तस्करी करता रहा है, और अमेरिकी सेना पहले भी ड्रग्स ले जा रही 35 नावों पर हमला कर चुकी है। तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण कारण मादुरो का तख्तापलट करना है। अमेरिका राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को एक तानाशाह और ड्रग तस्कर मानता है और लंबे समय से उन्हें सत्ता से हटाने की कोशिश कर रहा था और इन आरोपों के आधार पर, अमेरिका ने मादुरो सरकार को अस्थिर करने के लिए कई प्रतिबंध भी लगाए थे।

मादुरो पर मुकदमा और कानूनी प्रक्रिया

रिपब्लिकन सीनेटर माइक ली ने पुष्टि की है कि निकोलस मादुरो पर अमेरिका में मुकदमा चलाया जाएगा। ली ने बताया कि उन्होंने इस मामले में विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात की है, जिन्होंने उन्हें सूचित किया कि मादुरो की गिरफ्तारी अमेरिकी एजेंसियों द्वारा की गई थी और इसे सुरक्षित तरीके से अंजाम देने के लिए सैन्य कार्रवाई की गई थी। यह दर्शाता है कि अमेरिका मादुरो को एक आपराधिक व्यक्ति के रूप में देखता है और उन्हें अमेरिकी न्याय प्रणाली के तहत जवाबदेह ठहराना चाहता है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता के सिद्धांतों पर बहस छेड़ सकता है।

अमेरिका द्वारा राष्ट्रपति या तानाशाहों को पकड़ने का इतिहास

यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने किसी देश पर सैन्य कार्रवाई करके उसके राष्ट्रपति या तानाशाह को पकड़ा है। इससे पहले भी अमेरिका ने ऐसे ऑपरेशन चलाए हैं। 1989 में, अमेरिका ने लैटिन अमेरिकी देश पनामा पर हमला किया था और उसके तानाशाह मैनुअल नोरिएगा को सत्ता से हटाया था। नोरिएगा पर ड्रग तस्करी और अमेरिकी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप था। इस हमले में पनामा सिटी सहित कई इलाकों पर बमबारी की गई थी, जिसमें लगभग 2 हजार लोगों की मौत हुई थी, और नोरिएगा को गिरफ्तार कर अमेरिका ले जाया गया था। इसी तरह, 2003 में, अमेरिका ने इराक पर हमला किया था जिसका मकसद राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को सत्ता से हटाना था।

सद्दाम पर इराक के कई समुदायों पर हिंसा करने, अल-कायदा का समर्थन करने और परमाणु हथियार रखने के आरोप लगाए गए थे। अमेरिकी सेना ने बगदाद सहित कई शहरों पर बमबारी की और सद्दाम की सरकार गिरा दी। कुछ महीनों बाद सद्दाम हुसैन को पकड़ लिया गया और इराक की अदालत में उन पर मुकदमा चलाया गया, जबकि इराक पर अमेरिकी सेना का नियंत्रण था। इस बीच, त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला परसाद बिसेसर ने स्पष्ट किया है कि उनका देश वेनेजुएला के खिलाफ चल रही किसी भी सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उनका देश वेनेजुएला के लोगों के साथ शांतिपूर्ण रिश्ते बनाए हुए है।

हालांकि, पहले प्रधानमंत्री परसाद बिसेसर कैरिबियन और प्रशांत महासागर में ड्रग। तस्करी के आरोप में अमेरिकी हमलों की तारीफ कर चुकी हैं। इससे पहले, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने प्रधानमंत्री कमला पर आरोप लगाया था कि सत्ता में आने के बाद से उन्होंने वेनेजुएला के खिलाफ दुश्मनी वाला रुख अपनाया है और उनके देश के तेल जहाजों पर नजर रखने के लिए अमेरिकी सैन्य रडार लगाए गए हैं।

वेनेजुएला का भविष्य और संभावित परिदृश्य

मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला के भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। CNN के अनुसार, ट्रम्प समर्थक यह मान रहे हैं कि इससे विपक्ष के सत्ता में आने का रास्ता साफ हो जाएगा। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरीना माचाडो या 2024 के विपक्षी उम्मीदवार एडमुनडो गोंजालेज उनकी जगह ले सकते हैं। हालांकि, कई विशेषज्ञ मानते हैं कि मामला इतना आसान नहीं है। वेनेजुएला की सेना और पारामिलिट्री फोर्स अब तक मादुरो के प्रति वफादार रही हैं, और खुद मादुरो के कुछ आलोचक भी मानते हैं कि अमेरिका की सीधी दखलअंदाजी से देश में और ज्यादा अस्थिरता फैल सकती है और मादुरो के करीबी सहयोगी भी अब अपने भविष्य को लेकर डरे हुए होंगे, क्योंकि उन्हें भी अमेरिकी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

वेनेजुएला के रक्षा मंत्रालय का बयान

वेनेजुएला के रक्षा मंत्री पैड्रिनो लोपेज ने देशभर में सेना की बड़े पैमाने पर तैनाती के आदेश दिए हैं। CNN के मुताबिक, राजधानी कराकस में पिछले कुछ घंटों से कोई बड़ी हलचल नहीं दिखी है और उन्होंने बताया कि पहले कई विमानों और हेलिकॉप्टरों की आवाजें सुनाई दी थीं, लेकिन अब शहर शांत है और लोग अभी तक सड़कों पर नहीं उतरे हैं। सरकारी टीवी चैनल लगातार रक्षा मंत्रालय का संदेश चला रहा है, जिसमें लोगों से शांत रहने को कहा जा रहा है और बताया जा रहा है कि सेना देशभर में तैनात की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

ट्रम्प का 'शानदार ऑपरेशन' का जश्न

द टाइम्स को दिए एक फोन इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने मादुरो को पकड़ने की सफलता का जश्न मनाया। ट्रम्प ने कहा, "शानदार योजना और बेहतरीन सैनिकों और लोगों का कमाल था। यह वास्तव में एक शानदार ऑपरेशन था। " जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने इस ऑपरेशन के लिए संसद से अनुमति मांगी थी, तो ट्रम्प ने जवाब दिया कि वह सुबह मार-ए-लागो में अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इन मामलों पर बात करेंगे और यह बयान अमेरिकी प्रशासन के आत्मविश्वास को दर्शाता है, लेकिन साथ ही इस कार्रवाई के कानूनी और राजनीतिक निहितार्थों पर भी सवाल खड़े करता है।

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