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परिसीमन पर अमित शाह का बड़ा बयान: दक्षिण भारत में बढ़ेंगी लोकसभा सीटें, जानें पूरा गणित

परिसीमन पर अमित शाह का बड़ा बयान: दक्षिण भारत में बढ़ेंगी लोकसभा सीटें, जानें पूरा गणित
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संसद के विशेष सत्र के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल और परिसीमन पर उठ रहे सवालों का विस्तृत जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों को सीटों का कोई नुकसान नहीं होगा और शाह ने आश्वासन दिया कि परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन राज्यों की लोकसभा सीटों में काफी बढ़ोतरी होगी। उन्होंने बताया कि केरल से लेकर तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक तक, दक्षिण के सभी राज्यों की सीटों में वृद्धि की जाएगी और इस बिल से दक्षिण के राज्यों की राजनीतिक शक्ति कम नहीं होगी।

विपक्ष की चिंता और संघीय ढांचे पर स्पष्टीकरण

विपक्ष की मुख्य चिंता यह रही है कि 2011 के जनगणना आंकड़ों के आधार पर परिसीमन करने से दक्षिण भारतीय राज्य संसद में हाशिए पर चले जाएंगे और हिंदी भाषी राज्य (हिंदी हार्टलैंड) हावी हो जाएंगे। विपक्ष का तर्क है कि यह संघवाद के सिद्धांतों के खिलाफ है, जहां हर राज्य को संसद में समान महत्व मिलना चाहिए। इन आशंकाओं को खारिज करते हुए अमित शाह ने कहा कि सीटों में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी की योजना से दक्षिण भारत के हर राज्य को पहले से ज्यादा सीटें मिलेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम निराधार है और किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा।

राज्यों के अनुसार सीटों और प्रतिशत का विस्तृत विवरण

अमित शाह ने सदन में आंकड़ों के जरिए समझाया कि परिसीमन के बाद सीटों का गणित कैसा रहेगा। 18 प्रतिशत होगा। 14 प्रतिशत) हो जाएंगी। 65 प्रतिशत) हो जाएंगी। 23 प्रतिशत) हो जाएंगी।

परिसीमन की योजना और प्रस्तावित बदलाव

गृहमंत्री ने अन्य राज्यों का उदाहरण देते हुए बताया कि केरल को 10 अतिरिक्त सीटें, तेलंगाना को 9, और आंध्र प्रदेश को 13 अतिरिक्त सीटें मिलेंगी। उत्तर प्रदेश के बाद लोकसभा में दूसरे सबसे ज्यादा सांसदों वाले राज्य महाराष्ट्र को 24 और सीटें मिलेंगी। सरकार की योजना 2011 के डेटा के आधार पर परिसीमन करने और फिर कुल सीटों की संख्या को 50 प्रतिशत बढ़ाने की है, जिससे लोकसभा में कुल सदस्यों की संख्या 850 हो जाएगी। शाह के जवाब से पहले सरकार ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल, संविधान (131वां संशोधन) बिल, केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल और परिसीमन बिल पेश किया।

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