मध्य प्रदेश के बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर अपने बयानों के कारण सुर्खियों में आ गए हैं। इस बार उन्होंने बड़े घरानों की महिलाओं और उनके द्वारा शराब के सेवन को लेकर एक विवादित टिप्पणी की है। धीरेंद्र शास्त्री का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर विभिन्न वर्गों की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। उनके इस संबोधन ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है और लोग इस पर अपनी राय साझा कर रहे हैं।
महिलाओं और शराब पर धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी
एक सार्वजनिक संबोधन के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने समाज में आ रहे बदलावों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अब बड़े घरानों की महिलाएं और माताएं भी शराब पीने लगी हैं। शास्त्री के अनुसार, इस प्रवृत्ति का सीधा असर समाज के संस्कारों पर पड़ रहा है और उन्होंने तर्क दिया कि जब घर की माताएं ही इस तरह के आचरण और संस्कार देंगी, तो इसका आने वाली पीढ़ी पर अत्यंत नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उनके इस बयान को लेकर अब सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है।
संस्कारों और बच्चों पर पड़ने वाला प्रभाव
अपने भाषण को विस्तार देते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि जिन परिवारों में महिलाएं शराब का सेवन करती हैं, वहां बच्चों के संस्कार भी बुरी तरह प्रभावित होते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर मां खुद शराब पिएगी, तो वह अपने बच्चों को भी उसी दिशा में ले जाएगी। शास्त्री ने व्यंग्यात्मक लहजे में यहां तक कह दिया कि ऐसे घरों में यदि बच्चा रोएगा, तो उसे चुप कराने के लिए शराब तक पिलाई जा सकती है। उनके इस कटाक्ष भरे बयान का वीडियो इंटरनेट पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है और इसी को लेकर विवाद गहरा गया है।
विवादों से पुराना नाता
यह पहली बार नहीं है जब धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने बयानों के कारण विवादों के केंद्र में रहे हों। इससे पहले भी वे धर्म, राजनीति, सामाजिक मुद्दों और विशेषकर महिलाओं को लेकर दी गई अपनी टिप्पणियों के लिए चर्चा में रहे हैं। हाल ही में छत्रपति शिवाजी महाराज पर दिए गए उनके एक बयान ने भी काफी चर्चा बटोरी थी और उनके बयानों को लेकर अक्सर समाज के विभिन्न धड़ों में वैचारिक मतभेद देखने को मिलते हैं।
फिलहाल, इस ताजा बयान के बाद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर एक बार फिर चर्चा का विषय बने हुए हैं। उनके समर्थकों और विरोधियों के बीच इस मुद्दे पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जुबानी जंग जारी है। शास्त्री के इस संबोधन के हर पहलू को लेकर लोग अपनी-अपनी राय रख रहे हैं, जिससे यह विवाद और गहराता जा रहा है।