उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले से सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी सफलता की खबर सामने आई है। जिले के अरागम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खानजपथरी इलाके में सुरक्षा बलों ने एक संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान आतंकवादियों के एक गुप्त ठिकाने को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है और इस महत्वपूर्ण कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने न केवल ठिकाने को नष्ट किया, बल्कि वहां से भारी मात्रा में असलहा, बारूद और अन्य युद्धक सामग्री भी बरामद की है। यह ऑपरेशन सुरक्षा बलों की सतर्कता और आतंकवाद के खिलाफ उनकी निरंतर जारी कार्रवाई का एक बड़ा हिस्सा माना जा रहा है।
दो दिवसीय संयुक्त 'सर्च एंड डिस्ट्रॉय' ऑपरेशन
यह व्यापक अभियान भारतीय सेना, बांदीपोरा पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया था। इस ऑपरेशन को ‘सर्च एंड डिस्ट्रॉय ऑपरेशन’ (खोज और नष्ट करने का अभियान) का नाम दिया गया था, जो 14 मई से शुरू होकर 15 मई तक लगातार दो दिनों तक चला। सुरक्षा बलों को खुफिया जानकारी मिली थी कि अरागम के खानजपथरी के घने जंगलों में आतंकियों ने अपना ठिकाना बनाया हुआ है, जिसके बाद इस संयुक्त टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी की और सघन तलाशी अभियान शुरू किया। दो दिनों तक चले इस कठिन ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों का सामना करते हुए आतंकियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
प्राकृतिक गुफाओं में तलाशी और बरामदगी
अभियान के दौरान सुरक्षा बलों का ध्यान इलाके में मौजूद प्राकृतिक गुफाओं पर केंद्रित रहा और जंगल क्षेत्र में स्थित इन प्राकृतिक गुफाओं की तलाशी लेना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, सुरक्षाबलों ने गुफाओं के भीतर प्रवेश करने से पहले स्टन ग्रेनेड दागे। यह प्रक्रिया इसलिए अपनाई गई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अंदर कोई आतंकवादी छिपा हुआ न हो। जब यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि अंदर आतंकियों की मौजूदगी नहीं है, तब सुरक्षा बलों ने गुफाओं के भीतर जाकर गहन तलाशी ली। इस तलाशी के दौरान आतंकियों के ठिकाने से भारी मात्रा में सामग्री बरामद हुई।
बरामद किए गए हथियारों और रसद की सूची
सुरक्षा बलों द्वारा ध्वस्त किए गए इस ठिकाने से जो सामग्री बरामद हुई है, वह दर्शाती है कि आतंकी वहां लंबे समय तक रुकने की योजना बना रहे थे।
आतंकियों की साजिश और सुरक्षा बलों की रणनीति
अधिकारियों के अनुसार, इस ठिकाने का पता चलना और इसे नष्ट करना सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह स्पष्ट हो गया है कि आतंकवादी उत्तरी कश्मीर के इन घने और दुर्गम जंगलों का उपयोग छिपने के लिए और अपनी रसद (लॉजिस्टिक्स) जुटाने के लिए कर रहे हैं। इन प्राकृतिक गुफाओं को ठिकाने के रूप में इस्तेमाल करना उनकी एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था। हालांकि, सुरक्षा बलों की मुस्तैदी ने उनकी इस साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है। क्षेत्र में अपना दबदबा बनाए रखने और आतंकियों की किसी भी संभावित गतिविधि को रोकने के लिए सुरक्षा बल इन इलाकों में लगातार कड़ी निगरानी रख रहे हैं और भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई गई है।
इस सफल ऑपरेशन के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है। बांदीपोरा के इन जंगली क्षेत्रों में सुरक्षा बलों का गश्त और सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आसपास कोई और संदिग्ध ठिकाना या गतिविधि मौजूद न हो और सुरक्षा बलों की इस संयुक्त कार्रवाई ने स्थानीय स्तर पर आतंकियों के नेटवर्क को एक बड़ा झटका दिया है।