बिहार के पश्चिमी चंपारण यानी बेतिया जिले से शुक्रवार की देर रात एक अत्यंत खौफनाक और दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। यह दर्दनाक घटना बेतिया-लौरिया मुख्य मार्ग जिसे नेशनल हाईवे 727 (NH-727) के नाम से जाना जाता है, वहां बसवरिया और पराउटोला के बीच घटित हुई। एक तेज रफ्तार और पूरी तरह से अनियंत्रित बस ने सड़क किनारे खड़े होकर ऑर्केस्ट्रा का आनंद ले रहे 18 लोगों को बुरी तरह कुचल दिया। इस भीषण हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं जिनका उपचार चल रहा है।
खुशियों के बीच पसरा मातम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, NH-727 के किनारे स्थित धर्मेंद्र दुबे के घर पर शुक्रवार को एक बच्चे के जन्म के उपलक्ष्य में छठिहार समारोह का भव्य आयोजन किया गया था। घर के भीतर उत्सव और खुशी का माहौल था, वहीं घर के बाहर सड़क के किनारे मनोरंजन के लिए ऑर्केस्ट्रा यानी नाच-गाने का कार्यक्रम चल रहा था। इस कार्यक्रम को देखने के लिए आसपास के ग्रामीण और रिश्तेदार बड़ी संख्या में सड़क के किनारे जमा थे और नृत्य का लुत्फ उठा रहे थे। किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह जश्न कुछ ही पलों में मातम में बदल जाएगा।
देर रात का वो खौफनाक मंजर
हादसा देर रात करीब 12:45 बजे हुआ। उस समय गोरखपुर से बेतिया की ओर जा रही शाही बस अचानक अपना संतुलन खो बैठी और अनियंत्रित होकर यह बस सीधे सड़क किनारे खड़े बेकसूर लोगों की भीड़ में जा घुसी। महज कुछ ही सेकंड के भीतर वहां चीख-पुकार मच गई और जश्न का शोर दर्दनाक चीत्कारों में तब्दील हो गया। बस की रफ्तार इतनी अधिक थी कि लोगों को संभलने या वहां से भागने का मौका तक नहीं मिला।
ओवरटेकिंग की होड़ बनी काल
वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के समय सड़क पर बेतिया की दिशा से गैस सिलेंडर से लदा एक ट्रक आ रहा था। वहीं दूसरी ओर से यानी लौरिया की तरफ से शाही बस काफी तेज गति में आ रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों वाहनों के चालकों के बीच एक-दूसरे से आगे निकलने यानी ओवरटेक करने की होड़ मची हुई थी। इसी आपाधापी और तेज रफ्तार के चक्कर में बस चालक का वाहन पर से नियंत्रण पूरी तरह खत्म हो गया। अनियंत्रित बस सड़क की पटरी पर खड़े लोगों को रौंदती हुई आगे निकल गई।
हादसे में उजड़ गए कई परिवार
यह दुर्घटना इतनी भीषण थी कि दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं तीन अन्य गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों ने अस्पताल ले जाते समय या इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों की पहचान संजय महतो, भोला दुबे, बहादुर महतो, देवेंद्र दुबे और छांगुर राम के रूप में हुई है। इन पांच लोगों की मौत से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिस घर में कुछ समय पहले तक सोहर और बधाइयां गाई जा रही थीं, वहां अब केवल परिजनों के रोने और बिलखने की आवाजें सुनाई दे रही हैं।
पुलिस की कार्रवाई और घायलों की स्थिति
इस सड़क हादसे में घायल हुए 5 अन्य लोगों का अस्पताल में इलाज जारी है, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचा। पुलिस ने सभी शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी औपचारिकताओं के लिए भेज दिया है। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और फरार बस चालक की तलाश के साथ-साथ दुर्घटना के कारणों का विस्तृत विवरण जुटा रही है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।