भंवरी देवी हत्याकांड: एएसपी ब्रजराज सिंह संभालेंगे जांच, तीन संदिग्धों का होगा पॉलीग्राफी टेस्ट

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भंवरी देवी हत्याकांड: एएसपी ब्रजराज सिंह संभालेंगे जांच, तीन संदिग्धों का होगा पॉलीग्राफी टेस्ट
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फलोदी जिले के लोहावट क्षेत्र में हुए चर्चित भंवरी देवी बिश्नोई हत्याकांड को लेकर पुलिस प्रशासन अब और अधिक सक्रिय नजर आ रहा है। इस जघन्य हत्याकांड को हुए आज 33 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से स्थानीय लोगों में भारी रोष व्याप्त है। मामले की गंभीरता और लगातार बढ़ते जन दबाव को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने जांच की कमान अब अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) ब्रजराज सिंह चारण को सौंप दी है। यह कदम जांच में तेजी लाने और मामले की गुत्थी सुलझाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

जांच अधिकारी में बदलाव और नई रणनीति

फलोदी के पुलिस अधीक्षक सतनाम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि महानिदेशक पुलिस (डीजीपी) के निर्देशों के बाद जांच अधिकारी को बदला गया है। इससे पहले इस संवेदनशील मामले की जांच लोहावट वृताधिकारी भवानी सिंह द्वारा की जा रही थी। अब एएसपी ब्रजराज सिंह चारण इस पूरे मामले की बारीकी से जांच करेंगे। पुलिस को उम्मीद है कि नेतृत्व में इस बदलाव से जांच को एक नई दिशा मिलेगी और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचा जा सकेगा।

तीन संदिग्धों का होगा पॉलीग्राफी टेस्ट

जांच के दौरान कुछ ऐसे महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं जिन्हें स्पष्ट करना पुलिस के लिए अनिवार्य हो गया है और इसी क्रम में पुलिस ने तीन संदिग्ध व्यक्तियों का पॉलीग्राफी टेस्ट करवाने का निर्णय लिया है। एसपी सतनाम सिंह के अनुसार, इन तीनों संदिग्धों ने टेस्ट के लिए अपनी लिखित सहमति दे दी है और प्रशासन से इसके लिए आवश्यक मंजूरी भी प्राप्त कर ली गई है। आने वाले कुछ दिनों में विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के माध्यम से यह पॉलीग्राफी टेस्ट संपन्न कराया जाएगा। पुलिस का मानना है कि इस वैज्ञानिक परीक्षण से केस से जुड़े कई अनसुलझे सवालों के जवाब मिल सकते हैं।

घटनाक्रम और 24 दिनों से जारी धरना

उल्लेखनीय है कि 27 जुलाई की रात को भंवरी देवी बिश्नोई की उनके खेत पर स्थित घर के बाहर सोते समय बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। शनिवार को इस दुखद घटना को पूरे 33 दिन हो गए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी में हो रही देरी के विरोध में पिछले 24 दिनों से लोहावट थाने के बाहर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन चल रहा है। पूर्व विधायक किशना राम विश्नोई के नेतृत्व में चल रहे इस धरने में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण और समाज के लोग एकत्रित होकर न्याय की गुहार लगा रहे हैं।

प्रशासनिक कार्रवाई और एसआईटी का गठन

धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों और पूर्व विधायक ने बार-बार स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। उनकी मांग थी कि मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसी दबाव के चलते पिछले दिनों डीजीपी ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। इसके साथ ही, लोहावट के तत्कालीन थानाधिकारी हरि सिंह राजपुरोहित को पद से हटाकर पाली स्थानांतरित कर दिया गया था। अब शुक्रवार को जांच अधिकारी भवानी सिंह को भी हटाकर जांच की जिम्मेदारी ब्रजराज सिंह को सौंपना इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।

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