बीकानेर महापौर चुनाव: कांग्रेस को मिली बड़ी राहत, नवरतन डागा ने वापस लिया नामांकन

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बीकानेर महापौर चुनाव: कांग्रेस को मिली बड़ी राहत, नवरतन डागा ने वापस लिया नामांकन
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बीकानेर नगर निगम महापौर चुनाव के मद्देनजर शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी के लिए एक बड़ी और सुखद खबर सामने आई है। पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी अनिल कल्ला के सामने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में ताल ठोकने वाले नवरतन डागा ने अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया है। इस घटनाक्रम से कांग्रेस खेमे में छाई चिंता की लहर अब राहत में बदल गई है। डागा ने स्पष्ट किया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनसे विस्तार से बातचीत की और उनकी चिंताओं का समाधान किया, जिससे वे पूरी तरह संतुष्ट हैं। उन्होंने अब पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के पक्ष में काम करने का निर्णय लिया है।

गोविंद सिंह डोटासरा से हुई महत्वपूर्ण मुलाकात

नवरतन डागा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि नामांकन वापसी का यह निर्णय प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के साथ हुई उनकी मुलाकात के बाद लिया गया है। डागा ने कहा कि वे कभी भी पार्टी की विचारधारा या नेतृत्व के खिलाफ नहीं थे। उन्होंने बताया कि निर्दलीय के रूप में नामांकन दाखिल करना उनकी अपनी बात को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का एक जरिया मात्र था। डोटासरा से बातचीत के बाद उनकी सभी शंकाएं दूर हो गई हैं। उन्होंने दोहराया कि वे कांग्रेस के एक निष्ठावान सिपाही हैं और पार्टी के हितों के लिए हमेशा समर्पित रहेंगे।

एकजुटता और विकास का संकल्प

नामांकन वापस लेने के बाद नवरतन डागा ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि बीकानेर में कांग्रेस पार्टी अब पूरी तरह से एकजुट है। उन्होंने दावा किया कि नगर निगम में कांग्रेस का ही बोर्ड बनेगा और सभी पार्षद मिलकर शहर के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य करेंगे। डागा ने एक विजन साझा करते हुए कहा कि बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस ऐसा विकास कार्य करके दिखाएगी जो पूरे राजस्थान के लिए एक मिसाल बनेगा। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों और शहर की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना उनकी और पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में हुई वापसी

डागा द्वारा नामांकन वापस लेने के समय कांग्रेस के कई दिग्गज नेता मौके पर मौजूद रहे, जो पार्टी की एकजुटता का प्रमाण था। इस दौरान पूर्व मंत्री बीडी कल्ला, शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल, देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग और प्रदेश सचिव शिवलाल गोदारा सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे। अब कांग्रेस का पूरा ध्यान अपने सभी पार्षदों को एकजुट रखने और अनिल कल्ला की जीत सुनिश्चित करने पर केंद्रित हो गया है। पार्टी नेतृत्व को भरोसा है कि इस एकजुटता का सकारात्मक परिणाम चुनाव में देखने को मिलेगा।

बीडी कल्ला ने प्रशासन की भूमिका पर उठाए सवाल

इस अवसर पर पूर्व मंत्री बीडी कल्ला ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा लगाए गए प्रशासनिक पक्षपात के आरोपों का पुरजोर समर्थन किया। कल्ला ने कहा कि कांग्रेस ने इन तमाम अनियमितताओं और मुद्दों को चुनाव आयोग के समक्ष मजबूती से रखा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चुनाव से जुड़े अधिकारियों को पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पक्षपाती अधिकारियों को सख्त चेतावनी

बीडी कल्ला ने अपने संबोधन में उन अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी जो कथित तौर पर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की नजर ऐसे हर अधिकारी पर है जो अपनी निष्पक्षता खो रहे हैं। कल्ला ने तंज कसते हुए कहा कि यदि किसी सरकारी अधिकारी की रुचि राजनीति या चुनाव लड़ने में इतनी ही अधिक है, तो उन्हें अपनी सरकारी सेवा से इस्तीफा दे देना चाहिए और सीधे चुनावी मैदान में उतरना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी पद पर रहते हुए किसी एक पक्ष के लिए काम करना लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ है और कांग्रेस ऐसी राजनीति का कड़ा विरोध करेगी।

मनोज बिश्नोई के होटल को नोटिस देने का मामला

पूर्व मंत्री ने बीकानेर के कांग्रेस पार्षद मनोज बिश्नोई के होटल को बीकानेर विकास प्राधिकरण द्वारा दिए गए नोटिस का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सवाल किया कि चुनाव के ठीक बीच में नोटिस देकर केवल 2 दिन के भीतर जवाब मांगना किस तरह की कार्यप्रणाली है। कल्ला ने इसे सीधे तौर पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश करार दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह की दमनकारी कार्रवाइयां उचित नहीं हैं और जनता इन सब हरकतों को देख रही है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि वे ऐसी किसी भी कार्रवाई से बचें जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर जनता के मन में कोई संदेह पैदा हो।

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