राजस्थान की राजनीति में 'पुत्र मोह' को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा वर्तमान सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों को अपने पुत्रों को सत्ता से दूर रखने की नसीहत देने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने उन पर तीखा हमला बोला है। भाजपा नेताओं ने गहलोत के इस बयान को विरोधाभासी बताते हुए उनके अपने कार्यकाल और उनके पुत्र वैभव गहलोत के राजनीतिक हस्तक्षेप का मुद्दा उठाया है।
बयान की पृष्ठभूमि और गहलोत की नसीहत
यह विवाद तब शुरू हुआ जब भीम विधानसभा क्षेत्र से विधायक हरिसिंह रावत के पुत्र पर एक व्यक्ति का मकान तुड़वाने के गंभीर आरोप लगे। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था कि कई बार नेताओं के बेटे सरकार की बदनामी का कारण बन जाते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों को यह नसीहत दी थी कि वे अपने पुत्रों को सरकारी कामकाज और सत्ता के गलियारों से दूर रखें ताकि सरकार की छवि धूमिल न हो।
राजेंद्र राठौड़ का शायराना अंदाज में पलटवार
पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने गहलोत की इस नसीहत पर तंज कसते हुए एक शायरी का सहारा लिया। " राठौड़ ने सवाल उठाया कि क्या अशोक गहलोत ने यह नसीहत अपने मुख्यमंत्री रहते हुए खुद पर लागू की थी? उन्होंने आरोप लगाया कि गहलोत ने पुत्र मोह में आकर अपने बेटे वैभव गहलोत को जोधपुर और जालौर से दो बार लोकसभा चुनाव में उतारा, हालांकि जनता ने उन्हें दोनों बार नकार दिया।
आरसीए चुनाव और रामेश्वर डूडी का प्रकरण
भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के चुनावों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब अशोक गहलोत ने अपने पुत्र वैभव गहलोत की आरसीए में ताजपोशी सुनिश्चित की थी, तब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामेश्वर डूडी को कथित तौर पर अपमानित किया गया था। राठौड़ ने पूछा कि जो नसीहत गहलोत आज दे रहे हैं, वह उस समय चुप क्यों थे जब उनके पुत्र को खेल प्रशासन में महत्वपूर्ण पद दिलाने के लिए राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल किया जा रहा था।
वित्तीय अनियमितताओं और ईडी की शिकायतों का उल्लेख
भाजपा ने चौंप में बन रहे आरसीए स्टेडियम के टेंडर में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को भी फिर से हवा दी है। राजेंद्र राठौड़ ने दिल्ली रोड स्थित फेयरमोंट होटल में वैभव गहलोत द्वारा किए गए कथित ₹100 करोड़ के निवेश का मामला उठाया। उन्होंने याद दिलाया कि इस संबंध में डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) में शिकायत भी दर्ज कराई थी और भाजपा का तर्क है कि गहलोत के कार्यकाल में उनके पुत्र पर लगे ये आरोप उनकी वर्तमान नसीहत के विपरीत हैं।
प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के गंभीर आरोप
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी पूर्व मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्हें 'पुत्र मोह' का सबसे बड़ा उदाहरण बताया और मदन राठौड़ ने कहा कि वैभव गहलोत को आरसीए अध्यक्ष बनवाना और उन्हें लगातार दो बार लोकसभा का टिकट दिलाना स्पष्ट रूप से परिवारवाद और पुत्र मोह को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि गहलोत को दूसरों को नसीहत देने से पहले अपने स्वयं के राजनीतिक निर्णयों और अपने परिवार के सत्ता में हस्तक्षेप पर आत्मचिंतन करना चाहिए।