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राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 113 निकायों की वोटर लिस्ट का शेड्यूल जारी

राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 113 निकायों की वोटर लिस्ट का शेड्यूल जारी
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राजस्थान के शहरी क्षेत्रों में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के 113 नगरीय निकायों के लिए निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण का विस्तृत कार्यक्रम मंगलवार को जारी कर दिया है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शिता के साथ निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा। आयोग का मुख्य उद्देश्य एक त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार करना है ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सभी पात्र नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

पात्रता और आयु सीमा का निर्धारण

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस बार की मतदाता सूची में उन युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी जो हाल ही में मतदान के योग्य हुए हैं। जो नागरिक 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके होंगे या करने वाले हैं, वे अपना नाम मतदाता सूची में सम्मिलित कराने के लिए पात्र होंगे। यह कदम नए मतदाताओं को स्थानीय सरकार चुनने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से जोड़ने के लिए उठाया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पंजीकरण केंद्रों पर युवाओं की सहायता के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें।

विधानसभा मतदाता सूची को बनाया गया आधार

नगरीय निकायों की नई मतदाता सूची तैयार करने के लिए 1 जनवरी 2025 की विधानसभा निर्वाचक नामावली को आधार बनाया जाएगा। आयोग के अनुसार, विधानसभा सूची के डेटा का उपयोग करते हुए वार्डवार मतदाता सूचियां तैयार की जाएंगी। इस प्रक्रिया के दौरान डेटा के मिलान और सत्यापन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी त्रुटि की संभावना न रहे। विधानसभा सूची से डेटा हस्तांतरण के बाद स्थानीय स्तर पर भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है।

वार्डों का पुनर्गठन और रेशनलाइजेशन

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि आवश्यकतानुसार वार्डों के गठन, भागों के निर्धारण और वार्डों के पुनः समायोजन (Re-adjustment) की प्रक्रिया भी अमल में लाई जाएगी। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वार्डों के भागों का निर्धारण और रेशनलाइजेशन पूरी सावधानी से किया जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदान केंद्रों की दूरी और मतदाताओं की संख्या के बीच उचित संतुलन बना रहे, जिससे मतदान के दिन नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

दावा और आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया

मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन के बाद आम नागरिकों को अपने नाम की जांच करने और किसी भी विसंगति के विरुद्ध दावा या आपत्ति दर्ज कराने का पर्याप्त अवसर दिया जाएगा। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची में नहीं है या विवरण में कोई त्रुटि है, तो वे निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित कार्यालय में आवेदन कर सकेंगे। आयोग ने अधिकारियों को इन सभी आपत्तियों का त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। सभी दावों के निपटारे के बाद ही संशोधित सूची तैयार की जाएगी।

अंतिम प्रकाशन की समयसीमा

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, सभी चरणों को पूरा करने के बाद 8 मई 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इस सूची के आधार पर ही 113 नगरीय निकायों में चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया के दौरान डिजिटल माध्यमों का भी उपयोग किया जाएगा ताकि मतदाता घर बैठे अपना नाम चेक कर सकें। अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें और समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करें।

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