राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर खंडपीठ सोमवार, 16 फरवरी 2026 को बहुचर्चित कांकाणी काला हिरण शिकार मामले में एक महत्वपूर्ण सुनवाई करने जा रही है। करीब 28 साल पुराने इस कानूनी विवाद में आज की कार्यवाही बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के साथ-साथ सैफ अली खान, तब्बू, नीलम और सोनाली बेंद्रे जैसे अन्य फिल्मी सितारों के लिए भी निर्णायक साबित हो सकती है। अदालत इस दौरान सलमान खान द्वारा अपनी सजा के खिलाफ दायर अपील और राज्य सरकार द्वारा अन्य आरोपियों को बरी किए जाने के खिलाफ पेश की गई याचिकाओं पर विचार करेगी।
निचली अदालत का 2018 का फैसला और सजा
इस मामले में 5 अप्रैल 2018 को जोधपुर की एक निचली अदालत ने अपना फैसला सुनाया था। अदालत ने सलमान खान को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 51 के तहत दोषी करार देते हुए पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही उन पर ₹10000 का जुर्माना भी लगाया गया था। हालांकि, इसी फैसले में अदालत ने सह-आरोपी सैफ अली खान, नीलम, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और स्थानीय निवासी दुष्यंत सिंह को 'संदेह का लाभ' देते हुए बरी कर दिया था। सलमान खान ने इस सजा के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील दायर की थी, जिसे बाद में उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया था।
राज्य सरकार की 'लीव टू अपील' पर सुनवाई
निचली अदालत द्वारा अन्य फिल्मी सितारों को बरी किए जाने के फैसले को राजस्थान सरकार ने चुनौती दी है। सरकारी वकीलों के अनुसार, राज्य सरकार ने सैफ अली खान, नीलम, तब्बू और सोनाली बेंद्रे की दोषमुक्ति के खिलाफ हाईकोर्ट में 'लीव टू अपील' दायर की थी और सरकार का तर्क है कि इन सितारों की मौजूदगी और संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। हाईकोर्ट अब यह तय करेगा कि क्या इन सितारों के खिलाफ फिर से मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं या नहीं।
सभी अपीलों का एक साथ एकीकरण
कानूनी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए सलमान खान के अधिवक्ता हस्तीमल सारस्वत ने पूर्व में एक प्रार्थना पत्र पेश किया था। इस आवेदन में मांग की गई थी कि काला हिरण शिकार मामले और आर्म्स एक्ट से जुड़ी सभी अपीलों पर एक साथ सुनवाई की जाए। 15 अक्टूबर 1998 को लूणी थाने में दर्ज अवैध हथियार (आर्म्स एक्ट) मामले में भी सलमान खान को आरोपी बनाया गया था। अदालत ने इस आवेदन को स्वीकार करते हुए 21 मार्च 2022 को सभी संबंधित मामलों को हाईकोर्ट में स्थानांतरित कर दिया था। अब खंडपीठ इन सभी कानूनी पहलुओं पर एक साथ सुनवाई कर रही है।
1998 की घटना और कानूनी पृष्ठभूमि
यह पूरा मामला वर्ष 1998 का है, जब फिल्म 'हम साथ साथ हैं' की शूटिंग जोधपुर के आसपास के ग्रामीण इलाकों में चल रही थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 1-2 अक्टूबर 1998 की रात को लूणी थाना क्षेत्र के कांकाणी गांव की सरहद पर दो काले हिरणों का शिकार किया गया था। बिश्नोई समुदाय के स्थानीय निवासियों ने इस घटना की शिकायत दर्ज कराई थी और सलमान खान के खिलाफ हिरण शिकार के कुल तीन मामले और अवैध हथियार रखने का एक मामला दर्ज किया गया था। निचली अदालतों ने पूर्व में उन्हें अलग-अलग मामलों में सजा सुनाई थी, जिसके बाद से यह कानूनी लड़ाई विभिन्न स्तरों पर जारी है।