सीजेपी ने मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग की, 48 घंटे का अल्टीमेटम

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सीजेपी ने मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग की, 48 घंटे का अल्टीमेटम
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राजस्थान की राजनीति में उस समय उबाल आ गया जब सिविल जस्टिस पार्टी (सीजेपी) ने राज्य सरकार के खिलाफ सीधे तौर पर मोर्चा खोल दिया। जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र में सीजेपी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच हुए हिंसक झड़प ने अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले लिया है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि अब यह लड़ाई केवल स्कूलों की व्यवस्था सुधारने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अब मुख्य मुद्दा शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का इस्तीफा होगा। रांका ने सरकार को अपनी मांगें मानने के लिए 48 घंटे का कड़ा अल्टीमेटम दिया है और चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे प्रदेश में एक विशाल आंदोलन शुरू किया जाएगा।

शिवदासपुरा थाने में दर्ज हुई क्रॉस एफआईआर

यह विवाद शिवदासपुरा थाना क्षेत्र में हुआ, जहां सीजेपी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने एक-दूसरे पर मारपीट और हिंसा करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों को दर्ज कर लिया है और मामले की निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी शिवदासपुरा थानाप्रभारी राजेश गौतम को सौंपी गई है और आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को उनकी टीम पर जो हमला हुआ, वह कोई आकस्मिक घटना नहीं बल्कि एक सुनियोजित साजिश थी। उन्होंने दावा किया कि इस हमले के लिए बाहरी गुंडों को बुलाया गया था। रांका ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें भी साझा की हैं, जिनमें उन्होंने दावा किया है कि हमले में शामिल कुछ लोग घटना के बाद रात के समय स्थानीय विधायक कैलाश वर्मा के साथ बैठे हुए दिखाई दिए थे।

पुलिस की भूमिका और साक्ष्यों पर सवाल

रांका ने घटना के समय पुलिस की अनुपस्थिति पर भी कड़े सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जब हमला हो रहा था, तब मौके पर कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था और बार-बार संपर्क करने के बावजूद तत्काल कोई मदद नहीं मिली। अपनी बात को साबित करने के लिए सीजेपी ने घटना से जुड़े वीडियो सार्वजनिक कर दिए हैं और दूसरे पक्ष से भी चुनौती देते हुए कहा है कि वे भी अपने पास मौजूद वीडियो सामने लाएं और रांका ने राजस्थान पुलिस से इस पूरे मामले में बिना किसी राजनीतिक दबाव के निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीजेपी कार्यकर्ता स्कूलों की बदहाली दूर करने और बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के अपने मिशन से पीछे नहीं हटेंगे।

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर तीखा हमला

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की कार्यशैली पर प्रहार करते हुए आशुतोष रांका ने कहा कि मंत्री ने अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के स्कूलों की जो दयनीय स्थिति है, उसे अब पूरा देश देखेगा और इससे सरकार की भारी फजीहत होगी और रांका ने मदन दिलावर को राजस्थान के इतिहास का सबसे नकारा, नाकाम और भ्रष्ट शिक्षा मंत्री करार दिया। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि झालावाड़ सहित प्रदेश के 7 स्कूलों की छतें गिर चुकी हैं और पूरे राज्य में 85000 से अधिक क्लासरूम जर्जर अवस्था में हैं, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षकों को पढ़ाने के बजाय अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों में उलझाया जा रहा है, जिससे शिक्षा का स्तर गिर रहा है।

सीजेपी की तीन प्रमुख मांगें और चेतावनी

सीजेपी ने सरकार के सामने अपनी तीन प्रमुख मांगें रखी हैं और इन्हें पूरा करने के लिए 48 घंटे का समय दिया है। पहली मांग यह है कि स्कूलों का दौरा करने और वहां की व्यवस्था देखने पर लगाए गए प्रतिबंध के आदेश को तुरंत वापस लिया जाए। दूसरी मांग में उन सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की गई है जिन्होंने सीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमला किया और तीसरी और महत्वपूर्ण मांग यह है कि जो सरकारी स्कूल वर्तमान में गाय-भैंसों के तबेले के रूप में इस्तेमाल हो रहे हैं, उनकी तुरंत मरम्मत कराई जाए और उन्हें पढ़ाई के योग्य बनाया जाए। रांका ने अंत में दोहराया कि यदि 48 घंटे के भीतर इन मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और अधिक उग्र बनाया जाएगा।

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