उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को मऊ के दौरे पर रहे, जहां उन्होंने एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए माफियाओं और अपराधियों को अत्यंत कड़ा संदेश दिया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी ने माफिया राज पर तीखा प्रहार किया और बिना किसी का नाम लिए मऊ के पुराने दंगों और अराजकता के दौर का जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज के उत्तर प्रदेश में माफियाओं के लिए कोई जगह नहीं है और कानून का राज पूरी तरह से स्थापित हो चुका है, जिससे आम जनमानस में सुरक्षा का भाव जागा है।
माफिया राज के अंत की घोषणा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माफियाओं को लेकर अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराते हुए कहा कि आज कोई भी माफिया पिस्तौल लहराते हुए, धमकाते हुए या खुली जीप में चलकर किसी हिंदू को डरा नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य में सुरक्षा का ऐसा वातावरण तैयार किया गया है जहां आम नागरिक बिना किसी भय के रह सकता है। सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि यह अभियान बिना रुके, बिना थके और बिना किसी भेदभाव के अनवरत रूप से चलाया गया है, जिसका परिणाम आज जनता के सामने है। उन्होंने कहा कि अब अपराधियों में कानून का खौफ है और वे जनता को प्रताड़ित करने का दुस्साहस नहीं कर सकते, क्योंकि सरकार की मंशा पूरी तरह साफ है।
21 वर्ष पुराने मऊ दंगों का स्मरण
अपने भाषण के दौरान सीएम योगी ने 21 साल पहले की घटनाओं को याद करते हुए जनता को उस दौर की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में, जो कि 21 वर्ष पहले की बात है, इसी मऊ को जलाने का एक कुत्सित प्रयास किया गया था। उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे उस समय सत्ता के संरक्षण में पल रहे माफियाओं ने रामलीला के पवित्र आयोजन में व्यवधान पैदा किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय यहां की सुरक्षा पूरी तरह से खतरे में थी और चारों ओर अराजकता का तांडव मचा हुआ था। उन्होंने याद दिलाया कि उस दौर में गरीबों को सरकारी सुविधाओं से वंचित रखा जाता था और रामलीला, यज्ञ, रामनवमी तथा जन्माष्टमी जैसे धार्मिक आयोजनों पर पाबंदियां लगाई जाती थीं या उनमें बाधा डाली जाती थी।
विपक्षी दलों पर तीखा हमला
सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार माफियाओं और गुंडों के सामने नतमस्तक रहती थी और उन्होंने कहा कि उस समय के सत्ताधारियों को माफिया को देखकर पसीने छूट जाते थे और उनके मुंह से एक शब्द भी नहीं निकलता था। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में कांग्रेस के गुंडे और समाजवादी पार्टी के शासनकाल में उनके गुंडे गरीबों का राशन डकार जाते थे, जबकि गरीब जनता केवल टकटकी लगाकर देखती रह जाती थी और उन्होंने कहा कि आज की सरकार में गरीबों का हक कोई नहीं छीन सकता और माफियाओं की कमर पूरी तरह से तोड़ दी गई है।
धार्मिक आयोजनों में बाधा डालने वालों को चेतावनी
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अब किसी भी माफिया या गुंडे में इतना दुस्साहस नहीं है कि वह किसी पर्व या त्योहार में व्यवधान पैदा कर सके। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने रामलीला, यज्ञ-कथा, रामनवमी, शिवरात्रि, जन्माष्टमी या रक्षाबंधन जैसे किसी भी धार्मिक आयोजन में बाधा डालने की कोशिश की, तो उसका हश्र बहुत बुरा होगा। उन्होंने कहा कि पर्व तो पूरी धूमधाम से मनाए जाएंगे, लेकिन बाधा डालने वालों की दुर्गति रावण और कंस जैसी होना तय है। इसके साथ ही उन्होंने बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा पर भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जो कोई भी इनकी सुरक्षा में सेंध लगाएगा, उसका इंतजार सीधे यमराज करेंगे, बाकी किसी को कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।