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सीएम योगी ने बदला फाजिल नगर का नाम, बोले यूपी से मच्छर और माफिया दोनों खत्म

सीएम योगी ने बदला फाजिल नगर का नाम, बोले यूपी से मच्छर और माफिया दोनों खत्म
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर के अपने दौरे के दौरान एक बड़ा निर्णय लेते हुए फाजिल नगर का नाम बदलने की घोषणा की है। एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इस क्षेत्र को पावागढ़ के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि फाजिल नगर के विधायक ने इस स्थान का नाम बदलने की मांग की थी, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है। मुख्यमंत्री ने सवालिया लहजे में कहा कि हम इसे फाजिल क्यों कहें, अब यह पावागढ़ के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित करेगा। इस घोषणा के साथ ही उन्होंने विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया और प्रदेश की बदलती कानून व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं पर अपनी बात रखी।

मच्छर और माफिया का खात्मा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कानून व्यवस्था और जनस्वास्थ्य की तुलना करते हुए कहा कि जैसे उत्तर प्रदेश से माफिया का अंत हुआ है, वैसे ही कुशीनगर और आसपास के क्षेत्रों से इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी का भी खात्मा हो गया है और उन्होंने कहा, "जैसे यूपी में माफिया खत्म हुआ है, वैसे ही यहां इंसेफेलाइटिस खत्म हो गया है। हमने मच्छरों के साथ-साथ माफिया को भी खत्म कर दिया। मच्छर बीमारियां लाते थे और माफिया बेरोजगारी लाता था। " मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पहले की सरकारों में जनता इन दोनों ही समस्याओं से त्रस्त थी, लेकिन अब प्रदेश एक सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण की ओर बढ़ रहा है।

विपक्ष पर तीखा हमला और अतीत की यादें

विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए सीएम योगी ने कहा कि जो युवा आज 25 वर्ष से कम उम्र के हैं, उन्हें शायद उस जंगल पार्टी के आतंक के बारे में जानकारी नहीं होगी जो पहले हुआ करता था। उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि कुशीनगर सबसे अधिक प्रभावित जनपदों में से था, जहां न सड़कें थीं, न बिजली और न ही पानी की सुविधा। उन्होंने पडरौना में हुए दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले त्योहारों के समय दंगे भड़क जाते थे और जब आम जनता न्याय मांगने जाती थी, तो उन्हें ही जेल में डाल दिया जाता था। उस समय माफिया राज के कारण किसान आत्महत्या करने को मजबूर थे और आम जनता अपराधियों से परेशान थी।

विकास परियोजनाओं की सौगात

कुशीनगर के विकास को नई गति देते हुए मुख्यमंत्री ने मंगलवार को 424 करोड़ की लागत वाली 278 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि अब कुशीनगर के पास अपना खुद का मेडिकल कॉलेज है, जो क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा और इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि इसी शैक्षणिक सत्र से कुशीनगर में कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का संचालन भी शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश के बाहर जाने पर यहां के लोगों के सामने पहचान का संकट होता था, लेकिन आज विकास कार्यों ने प्रदेश की छवि बदल दी है और माफिया राज का अंत हो गया है।

कल्याणकारी योजनाओं के आंकड़े

डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अकेले कुशीनगर जनपद में लगभग 90000 गरीब परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए गए हैं। स्वच्छता अभियान के तहत जिले में 3 लाख 14 हजार से अधिक गरीब परिवारों के लिए शौचालयों का निर्माण कराया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर गरीब तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि माफिया और अपराधियों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है और सरकार विकास की इस प्रक्रिया को और तेज करेगी ताकि हर नागरिक को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा मिल सके। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में दंगों की जगह विकास ने ले ली है।

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