राजस्थान के सीकर जिले में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक नगरी खाटूश्यामजी से एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। शनिवार को खाटूश्यामजी नगरपालिका के अध्यक्ष पद के चुनाव का परिणाम घोषित कर दिया गया है, जिसमें कांग्रेस पार्टी ने बाजी मारी है और कांग्रेस की प्रत्याशी विनीता पुनिया ने भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार प्रेम देवी को मात्र 1 वोट के बेहद करीबी अंतर से हराकर अध्यक्ष पद पर अपनी जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ ही खाटूश्यामजी नगरपालिका की कमान अब कांग्रेस के हाथों में आ गई है, जिसे भाजपा के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि खाटूश्यामजी एक महत्वपूर्ण धार्मिक नगरी है।
राजस्थान हाई कोर्ट का आदेश और मतगणना प्रक्रिया
इस चुनाव परिणाम की घोषणा राजस्थान हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद संभव हो सकी है। माननीय उच्च न्यायालय ने रिटर्निंग अधिकारी कपिल उपाध्याय को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि 24 घंटे के भीतर मतगणना की प्रक्रिया पूरी कर परिणाम जारी किए जाएं। कोर्ट के इन आदेशों का पालन करते हुए शनिवार सुबह से ही प्रशासनिक हलचल तेज हो गई थी। पुलिस थाने में स्थित स्ट्रॉन्ग रूम से मतपेटी निकालने की प्रक्रिया कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू की गई। इस दौरान रिटर्निंग अधिकारी कपिल उपाध्याय, एएसपी दीपक गर्ग और डीवाईएसपी राजेश कुमार जांगिड़ सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में स्ट्रॉन्ग रूम को खोला गया, हालांकि यह जानकारी सामने आई कि भाजपा की अध्यक्ष पद की प्रत्याशी प्रेम देवी इस दौरान स्ट्रॉन्ग रूम नहीं पहुंची थीं। इसके बाद मतपेटी को पूरी सुरक्षा के साथ नगरपालिका कार्यालय के सभागार में लाया गया, जहां निर्धारित प्रक्रिया के तहत 19 मतों की गिनती की गई और परिणाम की आधिकारिक घोषणा की गई।
मतदान का विवरण और पार्षदों की भागीदारी
खाटूश्यामजी नगरपालिका के अध्यक्ष पद के लिए हुए इस चुनाव में कुल 20 पार्षदों में से 19 पार्षदों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। मतदान की प्रक्रिया 21 सितंबर को दोपहर 2 बजे तक संपन्न हुई थी। चुनाव के दौरान पार्षद लक्ष्मी देवी अनुपस्थित रहीं, जिसके कारण कुल 19 वोट ही पड़े। मतदान संपन्न होने के तुरंत बाद मतपेटी को पुलिस थाने में बनाए गए स्ट्रॉन्ग रूम में बेहद कड़ी सुरक्षा के बीच रखवा दिया गया था, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे और न्यायालय के आदेशानुसार मतगणना की जा सके।
धार्मिक नगरियों में भाजपा की चुनावी चुनौतियां
खाटूश्यामजी में मिली इस हार को भाजपा के लिए काफी गंभीर माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इसे उत्तर प्रदेश की अयोध्या सीट पर मिली हार से जोड़कर देखा जा रहा है, जहां लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा को शिकस्त का सामना करना पड़ा था और इसके अलावा, उत्तराखंड की धार्मिक नगरी बद्रीनाथ विधानसभा सीट पर भी जुलाई 2024 में हुए उपचुनाव में भाजपा को हार मिली थी। उस उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार लखपत सिंह बुटोला ने भाजपा के उम्मीदवार राजेंद्र सिंह भंडारी को 5224 वोटों के अंतर से पराजित किया था। अब खाटूश्यामजी के नतीजों ने धार्मिक क्षेत्रों में भाजपा की चुनावी चुनौतियों को फिर से चर्चा में ला दिया है।
कांग्रेस खेमे में उत्साह और आगामी चुनाव
विनीता पुनिया की जीत की खबर मिलते ही कांग्रेस समर्थकों और कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। मतगणना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए डीवाईएसपी राजेश कुमार जांगिड़ के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे और नगरपालिका अध्यक्ष का चुनाव संपन्न होने के बाद अब सबकी नजरें उपाध्यक्ष पद के चुनाव पर टिकी हैं। जानकारी के अनुसार, खाटूश्यामजी नगरपालिका के उपाध्यक्ष पद के लिए मतदान और चुनाव की प्रक्रिया रविवार को आयोजित की जाएगी। कांग्रेस इस जीत के उत्साह को बरकरार रखना चाहेगी, जबकि भाजपा इस हार के बाद अपनी रणनीति पर विचार करेगी।