उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत शुक्रवार को कोरोना संक्रमित पाए गए। इस बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि 'आज मैंने कोरोना टेस्ट कराया था और रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मेरा स्वास्थ्य ठीक है और कोई लक्षण नहीं हैं। इसलिए, डॉक्टरों की सलाह पर, मैं घर के अलगाव में रहूंगा। मैं सभी से अनुरोध करता हूं, जो भी पिछले कुछ दिनों में मेरे संपर्क में आए हैं, कृपया अपने आप को अलग करें और अपनी जांच करवाएं।
आज मैंने कोरोना टेस्ट करवाया था और रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मेरी तबीयत ठीक है और symptoms भी नहीं हैं।अतः डॉक्टर्स की सलाह पर मैं होम आइसोलेशन में रहूँगा। मेरा सभी से अनुरोध है, कि जो भी लोग गत कुछ दिनों में मेरे संपर्क में आयें हैं, कृपया स्वयं को आइसोलेट कर अपनी जाँच करवाएं।
— Trivendra Singh Rawat (@tsrawatbjp) December 18, 2020
यहां आपको बता दें कि सक्रिय राजनीति में आने से पहले त्रिवेंद्र सिंह रावत 9 साल तक आरएसएस के प्रचारक रहे हैं। देहरादून में संघ प्रचारक की भूमिका निभाने के बाद, आरएसएस ने त्रिवेंद्र सिंह रावत को मेरठ का जिला प्रचारक बनाया। जहां संघ उनके काम से इतना प्रभावित हुआ कि 2002 में उत्तराखंड बनने के बाद भाजपा के टिकट पर कांग्रेस के वीरेंद्र मोहन उनियाल के खिलाफ मैदान में उतर गया। जिसमें रावत विजयी रहे।
2007 के विधानसभा चुनावों में, भाजपा ने एक बार फिर रावत पर भरोसा जताया और वह राज्य विधानसभा पहुंचने में सफल रहे। राज्य के 9 वें मुख्यमंत्री बनने से पहले, वह राज्य में कृषि मंत्री भी थे। त्रिवेंद्र सिंह रावत को भाजपा की शीर्ष जोड़ी यानी मोदी और अमित शाह दोनों का करीबी माना जाता है।