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देश: 'महाराष्ट्र से बाहर हो गया कोरोना, डरने की नहीं है जरूरत', राज्य के स्वास्थ्य मंत्री का दावा

देश: 'महाराष्ट्र से बाहर हो गया कोरोना, डरने की नहीं है जरूरत', राज्य के स्वास्थ्य मंत्री का दावा
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Coronavirus in Maharashtra: चीन समेत दुनिया के कुछ देशों में कोरोना विस्फोटक स्थिति में हैं. कोरोना से संक्रमित मरीजों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है. भारत में भी ओमिक्रोन के सब वेरिएंट बीएफ.7 (Omicron BF.7) के मामले सामने आने के बाद केंद्र और राज्यों की सरकारें पूरी तरह से सतर्क दिख रही हैं. कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए सभी राज्य तैयारियों में जुटे हैं.

इस बीच महाराष्ट्र की सरकार भी अलर्ट है. हालांकि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डरने की कोई बात नहीं है. कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए 22 दिसंबर को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कोविड-19 से संबंधित तैयारियों को लेकर आपात बैठक बुलाई थी. 

क्या महाराष्ट्र कोविड के खतरों से बाहर?

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री तानाजी सावंत ने कहा है कि महाराष्ट्र से कोरोना बाहर हो गया है क्योंकि पूरे महाराष्ट्र में केवल 132 मरीज हैं. उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि इससे डरने की कोई बात नहीं है. इससे पहले 22 दिसंबर को स्वास्थ्य मंत्री तानाजी सावंत ने नागपुर में संवाददाताओं से बताया था कि उन्होंने अधिकारियों को सतर्क रहने और संक्रमण का पता लगाकर टीकाकरण करने को कहा है.

जीनोम सिक्वेंसिंग की व्यवस्था

कोविड टास्क फोर्स बीएमसी के मेंबर डॉ. गौतम भंसाली ने बताया था रोजाना हम कोविड मरीजों के सैंपल को अब जीनोम सिक्वेंसिंग (Genome Sequencing) के लिए लैब भेज रहे हैं. उन्होंने ये भी दावा किया था कि अब तक मुंबई में ओमिक्रोन के सब वेरिएंट BF.7 का एक भी केस सामने नहीं आया है. बीएमसी की ओर से मुंबई एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर रैंडम टेस्ट के लिए कहा गया है.

राज्य के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने दी थी सलाह

चीन, ब्राजील और कई दूसरे देशों में कोविड-19 के प्रकोप को देखते हुए महाराष्ट्र के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा था कि सभी को सतर्क रहने और कोविड संबधित नियमों का पालन करने की जरूरत है. उन्होंने ये भी कहा था कि हमें केंद्र और डब्ल्यूएचओ की सलाह का सख्ती से पालन करने और ट्रैकिंग, टेस्टिंग और उपचार पर ध्यान देने की आवश्यकता है.

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