दिल्ली में सोना चांदी की कीमतों में भारी उछाल: सोना 1.5 लाख पर, चांदी 6200 रुपये महंगी

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दिल्ली में सोना चांदी की कीमतों में भारी उछाल: सोना 1.5 लाख पर, चांदी 6200 रुपये महंगी
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देश की राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई है। सोने के दाम 1 लाख 50 हजार रुपये के स्तर पर पहुंच गए हैं, जो पिछले एक महीने का सबसे उच्चतम स्तर है। वहीं दूसरी ओर, चांदी की कीमतों में 6200 रुपये प्रति किलोग्राम का भारी उछाल देखा गया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजारों में आई तेजी और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों, विशेषकर अमेरिका और ईरान के बीच हो रही शांति वार्ता की उम्मीदों के कारण घरेलू बाजार में यह बड़ा बदलाव देखने को मिला है।

सोने की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में बुधवार को सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन तेजी आई। 99 दशमलव 9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 2500 रुपये यानी 1 दशमलव 7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1 लाख 50 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गई। इससे पहले मंगलवार को सोना 1 लाख 47 हजार 500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, सोना आखिरी बार 6 जुलाई को इस स्तर के आसपास देखा गया था, जब यह 1 लाख 50 हजार 650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल

पिछले सत्र में स्थिर रहने के बाद चांदी की कीमतों में भी एक बार फिर जोरदार तेजी देखने को मिली है। चांदी की कीमत 6200 रुपये बढ़कर लगभग एक महीने के उच्चतम स्तर 2 लाख 32 हजार 700 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गई है। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2 लाख 26 हजार 500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। ऐतिहासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो यह सफेद धातु आखिरी बार 9 जुलाई को इस स्तर के आसपास कारोबार कर रही थी, जब इसकी कीमत 2 लाख 32 हजार रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई थी।

विदेशी बाजारों का प्रभाव और विशेषज्ञों की राय

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने बताया कि सोने की कीमतें एक महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। इसका मुख्य कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के लिए संभावित अमेरिका-ईरान समझौते को लेकर बढ़ती उम्मीदें हैं। इस संभावित समझौते ने ऊर्जा से जुड़ी महंगाई की चिंताओं को कम किया है और फेडरल रिजर्व द्वारा भविष्य में और अधिक मौद्रिक सख्ती की उम्मीदों को घटा दिया है और वैश्विक बाजारों में, स्पॉट गोल्ड 85 डॉलर 28 सेंट यानी 2 दशमलव 09 प्रतिशत बढ़कर 4162 डॉलर 76 सेंट प्रति औंस हो गया, जबकि चांदी 3 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ 61 डॉलर 35 सेंट प्रति औंस पर पहुंच गई।

क्यों महंगा हुआ सोना और चांदी?

मिरे एसेट शेयरखान के कमोडिटीज हेड प्रवीण सिंह के अनुसार, वैश्विक स्तर पर स्पॉट गोल्ड 2 प्रतिशत की भारी बढ़त के साथ 4160 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। उन्होंने बताया कि कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की चिंताओं को कम किया है, जिससे सोने को सहारा मिला है। हालांकि, सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका-ईरान बातचीत में प्रगति की उम्मीदों के बावजूद, यमन के हूथी विद्रोहियों द्वारा उत्तरी लाल सागर में सऊदी टैंकरों पर हमले की धमकी के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट कुछ कम हुई और कीमतें फिर से ऊपर चढ़ गईं।

बाजार की भविष्य की चाल

एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च एनालिस्ट वीपी जतिन त्रिवेदी ने कहा कि बाजार के निवेशक अब फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों की चाल के बारे में नए संकेतों का इंतजार कर रहे हैं। इसके लिए अमेरिकी एडीपी रोजगार डेटा और इस हफ्ते के अंत में आने वाली नॉन-फार्म पेरोल रिपोर्ट और बेरोजगारी दर के आंकड़ों पर नजर रखी जा रही है। त्रिवेदी का मानना है कि इन आर्थिक आंकड़ों के आने के बाद ही सोने की कीमतों में अगली बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। फिलहाल बाजार में अनिश्चितता और तेजी का माहौल बना हुआ है।

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