दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक हृदयविदारक सड़क हादसा सामने आया है, जहां कोलवा थाना क्षेत्र के द्वारापुरा के समीप एक यात्री बस और ट्रक के बीच भीषण टक्कर हो गई। यह टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहनों में तुरंत भीषण आग लग गई और वे आग का गोला बन गए। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 15 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला और पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और राहत कार्य शुरू किया गया।
प्रशासनिक तत्परता और ग्रीन कॉरिडोर
हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) पीयूष दीक्षित तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। घायलों को बिना किसी देरी के चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने विशेष रूप से ग्रीन कॉरिडोर बनाया, जिसके माध्यम से घायलों को दौसा जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जिला अस्पताल में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) योगेंद्र फौजदार के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि उपचार प्रक्रिया में कोई बाधा न आए और पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बस में सवार यात्रियों की शिनाख्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि उनके परिजनों को सूचित किया जा सके।
बचाव कार्य में देरी पर ग्रामीणों का आक्रोश
इस घटना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और चश्मदीदों में प्रशासन और एक्सप्रेसवे प्रबंधन के खिलाफ भारी नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे की सूचना समय पर देने के बावजूद एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर बहुत देरी से पहुंचीं। स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह करीब 3 बजकर 20 मिनट पर ही स्थानीय पुलिस और एक्सप्रेसवे मैनेजमेंट के कंट्रोल रूम को एक्सीडेंट और आग लगने की सूचना दे दी गई थी। आरोप है कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियां लगभग एक घंटे की देरी से पहुंचीं, जिसके कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और बचाव कार्य में बाधा आई। बस के भीतर फंसे यात्री काफी समय तक चीखते-चिल्लाते रहे, जिन्हें बाद में खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर बाहर निकाला गया।
हादसे के कारणों की जांच और विवरण
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि बस चालक को झपकी आने के कारण यह भीषण हादसा हुआ होगा। इसके साथ ही एक्सप्रेसवे पर बस की रफ्तार भी काफी अधिक होने की संभावना जताई गई है। जानकारी के अनुसार, यह बस ऋषिकेश से इंदौर की ओर जा रही थी। मृतकों में से 6 लोगों की मौत आग में झुलसने के कारण हुई है, जबकि 2 लोगों ने सिर में गंभीर चोट लगने के कारण दम तोड़ दिया। पुलिस अब एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हादसे के समय वाहनों की सटीक गति और टक्कर की परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है और बस में अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए गहन तलाशी ली जा रही है।