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दिल्ली-NCR में आंधी और भारी बारिश, मौसम विभाग का तीन दिवसीय अलर्ट

दिल्ली-NCR में आंधी और भारी बारिश, मौसम विभाग का तीन दिवसीय अलर्ट
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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों (NCR) में शुक्रवार शाम को अचानक आए तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली के विभिन्न हिस्सों सहित नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग ने इस मौसमी बदलाव को लेकर अगले तीन दिनों के लिए चेतावनी जारी की है। शुक्रवार शाम को शुरू हुई इस बारिश के साथ कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी खबरें मिली हैं, जिससे तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की गई है।

पिछले कुछ दिनों से दिल्ली-एनसीआर में गर्मी का प्रकोप बढ़ रहा था और अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ था। शुक्रवार दोपहर के बाद मौसम ने अचानक करवट ली और आसमान में काले बादल छा गए। मौसम विभाग ने पहले ही 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज के साथ छींटे पड़ने का पूर्वानुमान व्यक्त किया था। शाम होते-होते धूल भरी आंधी ने दृश्यता कम कर दी, जिसके बाद तेज बारिश का सिलसिला शुरू हुआ।

दिल्ली-एनसीआर में आंधी और ओलावृष्टि का प्रभाव

शुक्रवार शाम को आई आंधी की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई स्थानों पर पेड़ों के गिरने और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने की सूचना मिली है। दिल्ली के मध्य और दक्षिणी हिस्सों के साथ-साथ ग्रेटर नोएडा के दनकौर जैसे इलाकों में भारी ओलावृष्टि हुई। स्थानीय निवासियों के अनुसार, ओलों का आकार काफी बड़ा था, जिससे वाहनों और अस्थायी छतों को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह मौसमी बदलाव एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुआ है, जिसका प्रभाव उत्तर भारत के मैदानी इलाकों पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।

यातायात और सामान्य जनजीवन पर असर

तेज बारिश और आंधी के कारण दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर यातायात की स्थिति गंभीर हो गई। जलभराव और कम दृश्यता के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई, जिससे प्रमुख चौराहों और एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया। दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे, डीएनडी फ्लाईवे और रिंग रोड जैसे व्यस्त मार्गों पर यात्रियों को घंटों फंसे रहना पड़ा। सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर भी इसका आंशिक असर देखा गया और दिल्ली मेट्रो के कुछ स्टेशनों के बाहर जलजमाव के कारण यात्रियों को आवाजाही में कठिनाई का सामना करना पड़ा। अधिकारियों ने जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम की टीमों को तैनात किया है।

कृषि क्षेत्र और फसलों को संभावित नुकसान

इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। वर्तमान में उत्तर भारत में गेहूं की फसल की कटाई का समय चल रहा है। कृषि विशेषज्ञों और स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, तेज हवाओं और ओलावृष्टि से गेहूं की तैयार फसल को भारी नुकसान होने की संभावना है। ओले गिरने से फसलें खेतों में बिछ गई हैं, जिससे उनकी गुणवत्ता और पैदावार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। विशेष रूप से ग्रेटर नोएडा और हरियाणा से सटे इलाकों में किसानों ने फसलों के बर्बाद होने की आशंका जताई है। प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन करने के लिए प्रारंभिक निर्देश दिए गए हैं।

मौसम विभाग का आगामी तीन दिनों का पूर्वानुमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने नवीनतम बुलेटिन में स्पष्ट किया है कि दिल्ली-एनसीआर में बारिश का यह दौर अभी समाप्त नहीं हुआ है और विभाग ने अगले 72 घंटों यानी तीन दिनों तक रुक-रुक कर बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की चेतावनी जारी की है। शनिवार को भी आसमान में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हवा की गति 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच रह सकती है। विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या जर्जर इमारतों के नीचे शरण न लें।

तापमान में गिरावट और मौसमी बदलाव

बारिश और ठंडी हवाओं के कारण दिल्ली के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। पिछले सप्ताह दिल्ली का अधिकतम तापमान 36-37 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा था, जो सामान्य से लगभग 3 डिग्री अधिक था। शुक्रवार की बारिश के बाद तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आने का अनुमान है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, न्यूनतम तापमान में भी गिरावट आएगी, जिससे वीकेंड पर लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी और हालांकि, यह राहत कृषि क्षेत्र के लिए चुनौतियों के साथ आई है। आने वाले दिनों में आर्द्रता के स्तर में वृद्धि होने की भी संभावना है।

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