उत्तर भारत के मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। 23 जनवरी 2026 की सुबह दिल्ली-एनसीआर के निवासियों के लिए काफी हलचल भरी रही। बवाना, नरेला और रोहिणी जैसे इलाकों में सुबह से ही आसमान में घने काले बादल छाए हुए हैं और तेज झोंकेदार हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह बदलाव एक सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण। आया है, जिसका असर अगले 24 से 48 घंटों तक बना रह सकता है।
दिल्ली और आसपास के इलाकों में बारिश का तांडव
दिल्ली के नरेला, बवाना, अलीपुर, बुराड़ी, कंझावला, रोहिणी, बादली, मॉडल टाउन, आजादपुर, पीतमपुरा, मुंडका, पश्चिम विहार, पंजाबी बाग, राजौरी गार्डन, जाफरपुर, नजफगढ़ और द्वारका जैसे इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही एनसीआर के बहादुरगढ़, हरियाणा के रोहतक, झज्जर, फरुखनगर, महेंद्रगढ़, नारनौल और राजस्थान के कोटपूतली में भी मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है और इन क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, जो जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं।
गरज के साथ बिजली कड़कने की चेतावनी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश के साथ-साथ आसमान में बिजली कड़कने की भी प्रबल संभावना है। दोपहर के समय बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है, जिससे सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं और शाम के समय हल्की धुंध छाने के आसार हैं, जिससे विजिबिलिटी कम हो सकती है। वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और पहाड़ों पर बर्फबारी
इस मौसम परिवर्तन का मुख्य कारण एक शक्तिशाली वेस्टर्न डिस्टर्बेंस है। इसके प्रभाव से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और ओलावृष्टि की संभावना है। पहाड़ों पर हो रही इस बर्फबारी का सीधा असर मैदानी इलाकों के तापमान पर पड़ेगा। उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी कई स्थानों पर ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है।
तापमान में उतार-चढ़ाव का गणित
तापमान की बात करें तो आज उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान। में 2-4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। हालांकि, यह राहत अस्थायी है। अगले दो दिनों में तापमान में फिर से 2-4 डिग्री की गिरावट आएगी, जिससे ठंड का अहसास बढ़ जाएगा। इसके बाद अगले चार दिनों में धीरे-धीरे पारा फिर से चढ़ना शुरू होगा और मध्य भारत में भी इसी तरह का उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा, जहां अगले दो दिनों में 3-4 डिग्री की गिरावट के बाद फिर से बढ़ोतरी की संभावना है।
सावधानी और बचाव के उपाय
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे घर से निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें। तेज हवाओं के दौरान पेड़ों या जर्जर इमारतों के नीचे खड़े होने से बचें। बिजली कड़कने के समय इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग कम करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों। को ओलावृष्टि और बारिश से बचाने के लिए उचित प्रबंध करें।