देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (इंटरग्लोब एविएशन) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पीटर एल्बर्स ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। एयरलाइन द्वारा जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, यह इस्तीफा परिचालन में आई भारी दिक्कतों के लगभग तीन महीने बाद सामने आया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि जब तक नए नेतृत्व की घोषणा नहीं हो जाती, तब तक एयरलाइन के प्रबंध निदेशक और सह-संस्थापक राहुल भाटिया प्रबंधन की कमान संभालेंगे।
नेतृत्व परिवर्तन और राहुल भाटिया की भूमिका
इंटरग्लोब एविएशन के चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता ने इस बदलाव पर आधिकारिक बयान जारी किया है और मेहता के अनुसार, राहुल भाटिया कंपनी के कल्चर को मजबूत करने और ऑपरेशनल एक्सीलेंस को बेहतर बनाने के उद्देश्य से वापस आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाटिया का लक्ष्य ग्राहकों को भरोसेमंद और पेशेवर सेवा प्रदान करने की प्रतिबद्धता को और गहरा करना है। 69% हिस्सेदारी दर्ज की गई है।
परिचालन संकट और उड़ानों का रद्दीकरण
इंडिगो को पिछले साल दिसंबर के शुरुआती हफ्तों में एक बड़े संकट का सामना करना पड़ा था, जब एयरलाइन ने लगभग 4,500 उड़ानें रद्द कर दी थीं। इस घटना ने भारत के तेजी से बढ़ते विमानन बाजार में प्रतिस्पर्धा और सेवा की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए थे और उड़ानों के रद्द होने का मुख्य कारण पायलटों के लिए सरकार द्वारा बनाए गए नए और कड़े नियमों का पालन करने में आई कठिनाई थी। एयरलाइन समय पर अपने रोस्टर में आवश्यक बदलाव नहीं कर पाई थी, जिसके लिए प्रबंधन ने बाद में ग्राहकों से औपचारिक रूप से माफी भी मांगी थी।
नियामक अनुपालन और पायलट रोस्टर विवाद
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा पायलटों के उड़ान ड्यूटी समय सीमा (FDTL) के संबंध में नए नियम लागू किए गए थे और इन नियमों का उद्देश्य पायलटों की थकान को कम करना और सुरक्षा मानकों को बढ़ाना था। हालांकि, इंडिगो जैसे बड़े बेड़े वाली एयरलाइन के लिए इन नियमों के अनुसार अचानक बदलाव करना चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। पीटर एल्बर्स, जिन्होंने पिछले साल नई दिल्ली में एक वैश्विक एयरलाइन बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंच साझा किया था, के कार्यकाल में यह सबसे बड़ी परिचालन चुनौती मानी गई।
शेयर बाजार में कंपनी का प्रदर्शन
इस्तीफे की खबर के बीच मंगलवार को शेयर बाजार में इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में सकारात्मक रुख देखा गया। 45 पर बंद हुए। 25 का उच्च स्तर छुआ था। 95 पर खुला था, जबकि पिछले कारोबारी दिन यह ₹4,236 पर बंद हुआ था। बाजार विशेषज्ञों ने इस तेजी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक भू-राजनीतिक बयानों को प्रमुख कारक माना है।