ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस ने रिहा कर दिया है और उन्हें शुक्रवार शाम को पुलिस ने तिरंगा मार्च के दौरान हिरासत में लिया था। वहीं दूसरी ओर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फाउंडर अभिजीत दिपके गिरफ्तार हो गए हैं। आज शनिवार को उन्हें एसईएम कोर्ट में पेश किया जाएगा। दिपके को पुलिस ने उस वक्त हिरासत में लिया था जब वह तिरंगा मार्च में शामिल होने जा रहे थे।
दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद सीजेपी ने कहा था कि उसके संस्थापक अभिजीत दिपके का अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है। इससे पहले ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने दावा किया था कि उसकी अध्यक्ष नेहा बोरा का पता चल गया है और वह कई घंटों तक उनके ठिकाने को लेकर बनी अनिश्चितता के बाद आरके पुरम पुलिस थाने में मिलीं।
रिहाई के बाद क्या बोलीं नेहा?
रिहा होने के बाद नेहा बोरा ने कहा कि कानून-व्यवस्था की हर तरह से धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और आम नागरिकों के साथ ऐसा बर्ताव किया जाता है जैसे वे कोई बहुत बड़े अपराधी हों। यह चलन इस देश में लंबे समय से चला आ रहा है। मौजूदा आंदोलन ने साफ कर दिया है कि लोगों को किस तरह हिरासत में लिया जा रहा है। चाहे दिन हो या शाम, उन्हें पूरी रात हिरासत में रखा जाता है और अगले दिन सुबह या शाम को ही छोड़ा जाता है। किस अधिकार के तहत इसे सही ठहराया जा सकता है और किस कानून या आदेश के तहत हिरासत में लिए गए लोगों को पूरी रात कैद में रखना जायज है?
उन्होंने आगे कहा कि कानूनी तौर पर लोगों को खासकर महिलाओं को सूरज ढलने के बाद छोड़ दिया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। इसके अलावा एक नया नैरेटिव फैलाया जा रहा है। अराजकता और अव्यवस्था का। कैसी अराजकता और अव्यवस्था और वही, जो आपने सेंट्रल दिल्ली में फैलाई है? दिल्ली के लोग चैन की सांस भी नहीं ले पा रहे हैं। वे काम पर जाने के लिए जो भी रास्ता चुनते हैं, वह बंद मिलता है। आप पूरे देश में अराजकता और अव्यवस्था फैला रहे हैं। कृपया भारत के लोगों को बख्श दें। ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग चलाएं और एसआईआर को रोकें, ताकि इस देश के आम नागरिक चैन की सांस ले सकें, सुकून से रह सकें और उनके वोट देने के अधिकार सुरक्षित रहें।
वह आगे कहती हैं कि उन्होंने यानी पुलिस ने मुझसे मेरा नाम, पता और अन्य जानकारियां मांगीं और काफी देर तक उन्होंने मुझे बोलने भी नहीं दिया और न ही किसी कानूनी सलाहकार यानी वकील से बात करने दी। हमारे वकीलों ने मुझसे संपर्क करने के लिए पांच से छह घंटे तक कोशिश की। जब हमने किसी तरह उन्हें फोन किया, तब जाकर उन्हें मुझसे मिलने की अनुमति मिली। ये लोग लंबे समय से इसी तरह की हरकतें करते आ रहे हैं।
आइसा और सीजेपी ने क्या आरोप लगाया?
आइसा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा था कि दिल्ली पुलिस ने नेहा को आधी रात तक थाने में क्यों रखा है? नेहा को कब रिहा किया जाएगा? एक महिला छात्र नेता को आधी रात में थाने में क्यों रखा जा रहा है? वहीं सीजेपी ने आरोप लगाया कि उसके संस्थापक अभिजीत दिपके को किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है और संगठन का उनसे संपर्क टूट गया है। वहीं आइसा ने पहले दावा किया था कि उसकी अध्यक्ष नेहा बोरा को दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली स्थित मादक पदार्थ रोधी कार्यबल प्रकोष्ठ में रखा गया है। सीजेपी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि दिल्ली पुलिस अभिजीत दिपके को किसी अज्ञात स्थान पर ले गई है। हमारा उनसे संपर्क टूट गया है। उन्हें वकीलों से बात करने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
युवाओं के साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार
सीजेपी ने कहा कि यह सरकार युवाओं के साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार क्यों करती है? हम भारत के समान अधिकार वाले नागरिक हैं और संविधान के तहत मिलने वाले सभी संरक्षणों और अधिकारों के हकदार हैं! सीजेपी ने सवाल किया कि दिल्ली पुलिस, आप अभिजीत को कहां ले गए हैं? आपको हमें जवाब देना होगा। अभिजीत हाथ में तिरंगा लेकर अपने घर से बाहर निकले थे और तिरंगा लेकर चलना अपराध कैसे हो सकता है?
हजारों अभिजीत दिपके खड़े हो जाएंगे
पोस्ट में कहा गया कि आप एक अभिजीत दिपके को हिरासत में लेते हैं, तो हजारों अभिजीत खड़े हो जाएंगे। आप एक सौरव को जेल में डालते हैं, तो हजारों सौरव सड़कों पर उतरेंगे। आप एक आशुतोष को जेल में डालते हैं, तो हजारों आशुतोष दिल्ली पहुंचेंगे। तिरंगा हमारी जान है, तिरंगा हमारी शान है और हमें कोई नहीं रोक सकता।
आइसा के पूर्व अध्यक्ष एन साई बालाजी ने कहा कि दिल्ली पुलिस कृपया जवाब दे कि नेहा बोरा को सादे कपड़ों में आए लोगों ने बस में अकेले हिरासत में क्यों लिया और उनके आखिरी ठिकाने से पता चलता है कि उन्हें मंगोलपुरी स्थित मादक पदार्थ रोधी कार्यबल प्रकोष्ठ ले जाया गया था। फिर थाना यह क्यों कह रहा है कि वह वहां नहीं हैं?
मंडी हाउस से दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया
उन्होंने सवाल किया कि क्या दिल्ली पुलिस उन्हें अगवा करने और गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है? माकपा के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास ने कहा कि आइसा के एक प्रतिनिधि ने उन्हें बताया कि नेहा बोरा को लहरा दो तिरंगा प्रदर्शन में शामिल होने जाते समय मंडी हाउस से दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। ब्रिटास ने एक्स पर लिखा कि नेहा को अकेले ले जाया गया और उनका फोन भी उनके पास नहीं था। सीजेपी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने भी अभिजीत दिपके और नेहा बोरा का पता बताने की मांग की। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिपके को झंडेवालान और नेहा को मंडी हाउस से हिरासत में लिया गया।